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24 सितंबर 2026 का पंचांग: गुरुवार को रखा जाएगा प्रदोष व्रत, जानें शुभ मुहूर्त और राहुकाल का समय

24 सितंबर को गुरु प्रदोष का व्रत रखा जाएगा। गुरुवार को त्रयोदशी तिथि गुरुवार रात 11 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। तो आइए आचार्य इंदु प्रकाश से जानते हैं बुधवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

गुरुवार का दैनिक पंचांग- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV गुरुवार का दैनिक पंचांग

24 सितंबर को भाद्रपद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि और गुरुवार का दिन है। त्रयोदशी तिथि गुरुवार रात 11 बजकर 19 मिनट तक रहेगी। 24 सितंबर को दोपहर बाद 3 बजकर 55 मिनट तक धृति योग रहेगा। गुरुवार सुबह 10 बजकर 35 मिनट तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद शतभिषा नक्षत्र लग जायेगा। इसके अलावा 24 सितंबर को पंचक और प्रदोष व्रत है। आचार्य इंदु प्रकाश से जानिए गुरुवार का पंचांग, राहुकाल, शुभ मुहूर्त और सूर्योदय-सूर्यास्त का समय।

24 सितंबर 2026 का पंचांग

  • भाद्रपद शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि- 24 सितंबर 2026 को रात 11 बजकर 19 मिनट तक
  • धृति योग- 24 सितंबर 2026 को दोपहर बाद 3 बजकर 55 मिनट तक
  • शतभिषा नक्षत्र- 24 सितंबर 2026 को सुबह 10 बजकर 35 मिनट तक धनिष्ठा नक्षत्र रहेगा, उसके बाद शतभिषा नक्षत्र लग जायेगा
  • 24 सितंबर 2026 विशेष- पंचक,  प्रदोष व्रत
  • प्रदोष पूजा मुहूर्त- 24 सितंबर 2026  06:33 पी एम से 08:56 पी एम

24 सितंबर 2026 का शुभ समय

  • ब्रह्म मुहूर्त- 04:52 ए एम से 05:40 ए एम
  • प्रातः संध्या- 05:16 ए एम से 06:28 ए एम
  • अभिजित मुहूर्त- 12:06 पी एम से 12:55 पी एम
  • विजय मुहूर्त- 02:31 पी एम से 03:20 पी एम
  • गोधूलि मुहूर्त- 06:33 पी एम से 06:57 पी एम
  • सायाह्न संध्या- 06:33 पी एम से 07:45 पी एम

राहुकाल का समय

  1. दिल्ली- दोपहर 01:44 से दोपहर बाद 03:14 तक
  2. मुंबई- दोपहर 02:01 से दोपहर बाद 03:32 तक
  3. चंडीगढ़- दोपहर 01:45 से दोपहर बाद 03:16 तक
  4. लखनऊ- दोपहर 01:29 से दोपहर 02:59 तक
  5. भोपाल- दोपहर 01:43 से दोपहर बाद 03:13 तक
  6. कोलकाता- दोपहर 12:59 से दोपहर 02:30 तक
  7. अहमदाबाद- दोपहर 02:02 से दोपहर बाद 03:32 तक
  8. चेन्नई- दोपहर 01:31 से दोपहर बाद 03:02 तक

सूर्योदय-सूर्यास्त का समय 

  • सूर्योदय- सुबह 06:09 बजे 
  • सूर्यास्त- शाम 06:15 बजे

प्रदोष व्रत का महत्व

प्रत्येक महीने की कृष्ण पक्ष और शुक्ल पक्ष की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत करने का विधान है। इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती की पूजा की जाती है। प्रदोष का व्रत करने से व्यक्ति को मनोवांछित फल मिलते हैं।  बता दें कि प्रदोष का व्रत सप्ताह के जिस दिन पड़ता है उसका नाम उसी वार के हिसाब से रखा जाता है। इस बार प्रदोष व्रत गुरुवार को पड़ रहा है इसलिए इसे गुरु प्रदोष कहेंगे। गुरु प्रदोष के दिन महादेव के साथ भगवान विष्णु की पूजा करने से विशेष फलों की प्राप्ति होती है। 

(आचार्य इंदु प्रकाश देश के जाने-माने ज्योतिषी हैं, जिन्हें वास्तु, सामुद्रिक शास्त्र और ज्योतिष शास्त्र का लंबा अनुभव है। इंडिया टीवी पर आप इन्हें हर सुबह 7.30 बजे भविष्यवाणी में देखते हैं।)

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