‘जो चींटी मारने से डरती थी, वो ससुर की हत्या कैसे कर सकती है?', करोड़पति कारोबारी हत्याकांड के 5वें दिन शालू के भाई ने खोला मुंह
कानपुर में विनीत मिनोचा हत्याकांड के पांचवें दिन शालू का परिवार सामने आया है। भाई-बहन ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर शालू को बेगुनाह बताया। उन्होंने कहा कि ससुर की बीमारी से लेकर खाने-पीने तक का शालू ध्यान रखती थी।

कानपुर: चर्चित करोड़पति दवा कारोबारी विनीत मिनोचा हत्याकांड में आरोपी बहू शालू के परिवार (मायके पक्ष) ने पहली बार खुलकर उसका पक्ष रखा है। हत्याकांड के 5वें दिन लखनऊ से कानपुर पहुंचे शालू के बड़े भाई धीरज अरोड़ा और बहन सोनिया मेहरोत्रा ने मीडिया से बात करते हुए पुलिस के आरोपों पर सवाल खड़े किए। परिवार ने शालू को निर्दोष बताते हुए कहा कि जो लड़की चींटी तक मारने से डरती थी, वह अपने ससुर की हत्या की साजिश कैसे रच सकती है?
भाई धीरज अरोड़ा ने कहा कि उनकी बहन परिवार को जोड़कर रखने वाली महिला थी। वह अपने ससुर विनीत मिनोचा की छोटी-छोटी जरूरतों का ध्यान रखती थी। परिवार के मुताबिक, 63 वर्षीय विनीत शुगर के मरीज थे और खान-पान को लेकर काफी अनुशासित रहते थे। शालू उनके खाने-पीने का विशेष ध्यान रखती थी। वो उनकी हत्या की साजिश कैसे रच सकती है ।
3 दिन से जेल में है शालू, पति मिलने तक नहीं गया
आरोपी बहू शालू के भाई धीरज ने सबसे ज्यादा सवाल उसके पति सुब्रत की चुप्पी को लेकर उठाए। उन्होंने कहा कि हत्याकांड के बाद से उनकी सुब्रत से बातचीत नहीं हो पा रही है। कई बार संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन बात नहीं हो सकी। धीरज के मुताबिक, शालू को जेल गए तीन दिन हो चुके हैं, लेकिन सुब्रत अब तक उससे मिलने नहीं पहुंचा। उन्होंने कहा कि जेल में दो बार शालू से उनकी मुलाकात हुई है। शालू अभी भी इस उम्मीद में है कि उसका पति उससे मिलने आएगा। भाई ने बताया कि शालू अपने बेटे श्रीजय को याद करके रोती रहती है और जेल में बार-बार बेटे और पति के बारे में पूछती है। धीरज ने कहा कि संभव है कि सुब्रत खुद किसी मानसिक दबाव या ट्रॉमा से गुजर रहा हो, लेकिन परिवार के लिए उसकी चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है।
ससुर से बहुत अच्छे संबंध थे, घर की जिम्मेदारी संभालती थी
धीरज ने दावा किया कि शालू और उसके ससुर के बीच बहुत ही संबंध अच्छे थे। उन्होंने कहा कि शालू एक अच्छी बहू, पत्नी और मां की भूमिका निभा रही थी। परिवार के मुताबिक, वह घर के सदस्यों की जरूरतों का ध्यान रखने के साथ ही पूरे परिवार को साथ लेकर चलती थी, उन्होंने कहा कि अगर किसी व्यक्ति के साथ रोजमर्रा के जीवन में इतने अच्छे संबंध हों तो उसके खिलाफ हत्या की साजिश रचने का आरोप परिवार के लिए समझ से परे है। हालांकि पुलिस की जांच में शालू की भूमिका को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। ऐसे में परिवार का दावा और पुलिस की जांच दोनों के बीच का अंतर इस हत्याकांड को और पेचीदा बना रहा है।
2020 में नैनीताल में हुई थी शालू-सुब्रत की शादी
धीरज अरोड़ा ने बताया कि शालू परिवार में सबसे छोटी बहन है। उसने लखनऊ से बीकॉम और बीएड की पढ़ाई की है। 23 नवंबर 2020 को नैनीताल में शालू की शादी सुब्रत मिनोचा से हुई थी। परिवार ने बताया कि सुब्रत की दादी लंबे समय से बीमार हैं और कुछ दिन पहले वह कानपुर आई थीं। उनके साथ स्टाफ नर्स भी मौजूद थी। धीरज के मुताबिक, बच्चे को स्कूल से लाने के दौरान घर में कई बार कोई मौजूद नहीं रहता था। इसी वजह से घर की निगरानी के लिए विनीत मिनोचा ने सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे। शालू ने परिवार को भी कैमरे लगाए जाने की जानकारी दी थी।
शालू को कम खर्च मिलता था, बहन ने दावे को बताया गलत
शालू की बहन सोनिया मेहरोत्रा ने उन दावों को भी खारिज किया, जिनमें कहा जा रहा था कि शालू को घर खर्च के लिए पर्याप्त पैसे नहीं मिलते थे। सोनिया के मुताबिक, शालू को नियमित रूप से घर खर्च मिलता था। अगर पैसे खत्म भी हो जाते थे तो जरूरत पड़ने पर अतिरिक्त पैसे भी दिए जाते थे। उन्होंने कहा कि शालू पर किसी तरह की आर्थिक पाबंदी नहीं थी और यह जानकारी उन्हें खुद शालू ने दी थी।
मैंने ससुर की हत्या नहीं कराई, जेल में शालू का दावा
धीरज ने बताया कि जेल में मुलाकात के दौरान शालू लगातार यही कह रही है कि उसने अपने ससुर की हत्या नहीं कराई। परिवार के मुताबिक, शालू इस बात पर अडिग है कि वह निर्दोष है। धीरज ने कहा कि उनकी बहन छोटी-छोटी चीजों के लिए भी परिवार के लोगों से मदद लेती थी। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि शालू अपना रिज्यूम तक खुद तैयार नहीं कर पाती थी और उनसे मदद मांगती थी। ऐसे में उनके लिए यह विश्वास करना मुश्किल है कि वह इतनी बड़ी हत्या की प्लानिंग कर सकती है। जब परिवार से पूछा गया कि फिर पुलिस के मुताबिक सुपारी किलर विशाल ने शालू का नाम क्यों लिया, तो धीरज ने कहा कि यह सबसे बड़ा सवाल है। इसका जवाब पुलिस की जांच से ही सामने आएगा।
विशाल से संपर्क को लेकर भी परिवार ने दी सफाई
धीरज ने कहा कि विशाल का नंबर शालू को उसके पति सुब्रत ने दिया था। सुब्रत ने कथित तौर पर उससे कहा था कि घर में कोई छोटा-मोटा काम हो तो विशाल से संपर्क कर लेना। परिवार का दावा है कि शालू विशाल को केवल घरेलू कामकाज के सिलसिले में फोन करती थी। विशाल पहले घर में काम कर चुका था, लेकिन उसके बारे में परिवार को ज्यादा जानकारी नहीं थी। वहीं पुलिस जांच में शालू और विशाल के बीच लगातार संपर्क की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, हत्या से पहले दोनों के बीच कई बार बातचीत हुई थी और वारदात के दौरान भी संपर्क हुआ। यही कड़ियां अब जांच का अहम हिस्सा हैं।
वकील बोले- हाई सोसाइटी नहीं, सामान्य कपल किटी पार्टी थी
शालू के अधिवक्ता शिवाकांत दीक्षित ने भी परिवार के पक्ष को सामने रखा। उन्होंने घटना वाले दिन हुई पार्टी को लेकर कहा कि यह किसी तरह की हाई सोसाइटी पार्टी नहीं थी, बल्कि सामान्य कपल किटी पार्टी थी। अधिवक्ता के मुताबिक, इसमें फार्मा फील्ड से जुड़े लोग शामिल होते थे। बिरहाना रोड की दवा मार्केट के व्यापारी हर महीने इस तरह की किटी पार्टी आयोजित करते हैं। बताया गया कि घटना वाली रात तिलक नगर स्थित कॉस्मोजिन लाउंज में पार्टी आयोजित की गई थी और इसे सुब्रत ने ऑर्गनाइज किया था। पार्टी के खर्च से जुड़े पहलुओं को लेकर भी वकील ने कहा कि यह जांच का विषय है कि भुगतान किसने और किन परिस्थितियों में किया।
49 डिलीट मैसेज ने बढ़ाई पुलिस की जांच
इस हत्याकांड में मोबाइल चैट और कॉल डिटेल भी पुलिस जांच का अहम हिस्सा हैं। जांच में 49 डिलीट मैसेज सामने आने की बात कही जा रही है। बताया गया है कि एक मई से वारदात वाले दिन तक मोबाइल से ये संदेश डिलीट किए गए। पुलिस अब इन डिलीट मैसेज का डेटा रिकवर करने में जुटी है। इन संदेशों में क्या बातचीत हुई थी और उन्हें क्यों हटाया गया, इसका जवाब जांच के बाद ही सामने आएगा। पुलिस के मुताबिक, शालू और कथित सुपारी किलर विशाल के बीच भी बड़ी संख्या में कॉल हुई थीं। यही वजह है कि मोबाइल डेटा और डिजिटल साक्ष्यों को जांच में अहम माना जा रहा है।
सुब्रत और विशाल की बातचीत भी जांच के घेरे में
पुलिस जांच में सुब्रत और विशाल के बीच लगातार संपर्क की बात भी सामने आई है। पुलिस के अनुसार, हत्या से पहले दोनों के बीच कई बार वॉट्सऐप कॉल हुईं। वहीं, शालू और विशाल के बीच भी लगातार बातचीत हुई। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि 4 साल पहले चोरी के आरोप में नौकरी से निकाले जाने के बावजूद विशाल का परिवार के संपर्क में रहना किस वजह से था। साथ ही हत्या से पहले शालू, सुब्रत और विशाल के एक साथ खरीदारी करने की बात भी जांच का हिस्सा है।
पुलिस के सामने अब भी कई अनसुलझे सवाल
इस पूरे मामले में पुलिस की जांच कई बिंदुओं पर आगे बढ़ रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि अगर विशाल और शालू के बीच सिर्फ घरेलू कामकाज को लेकर संपर्क था तो दोनों के बीच इतनी बातचीत क्यों हुई? हत्या के दौरान बातचीत किस विषय पर हुई? डिलीट किए गए मैसेज में क्या था? और सुब्रत की भूमिका को लेकर उठ रहे सवालों का जवाब क्या है? फिलहाल शालू का परिवार उसे बेगुनाह बता रहा है और निष्पक्ष जांच की मांग कर रहा है। दूसरी तरफ पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, कॉल डिटेल, सीसीटीवी फुटेज और आरोपियों से पूछताछ के आधार पर हत्याकांड की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। अब जांच में सामने आने वाले साक्ष्य ही तय करेंगे कि इस सनसनीखेज हत्याकांड की पूरी साजिश के पीछे कौन था और उसकी असल वजह क्या थी।
घर के अंदर चाकू से किए 26 वार
बता दें कि विनीत मीनोचा बिरहाना रोड स्थित ‘फार्मा ट्रेडर्स’ नाम की फर्म चलाते थे। पुलिस के अनुसार उनका सालाना कारोबार करीब 40 से 50 करोड़ रुपये का था। वह कल्याणपुर के रतन ऑर्बिट अपार्टमेंट के सी-104 फ्लैट में रहते थे, शनिवार रात विनीत घर में अकेले थे। इसी दौरान उनकी हत्या कर दी गई। रविवार तड़के करीब तीन बजे उनका बेटा सुब्रत, बहू शालू और छह साल का बच्चा घर लौटे। बेडरूम में विनीत की खून से लथपथ लाश पड़ी थी। कमरे में संघर्ष के निशान मिले। पोस्टमार्टम में उनके शरीर पर चाकू के करीब 26 वार किए जाने की बात सामने आई।
(रिपोर्ट- अनुराग श्रीवास्तव)
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