राजधानी दिल्ली में इस साल दशहरे पर एक विशालकाय आकर्षण तैयार हो गया है। द्वारका सेक्टर-10 के रामलीला मैदान में 221 फुट ऊंचा रावण का पुतला खड़ा किया गया है। आयोजकों का दावा है कि यह दुनिया का सबसे ऊंचा रावण पुतला है। लगभग 22 मंजिला इमारत जितनी ऊंचाई वाले इस पुतले को बनाने में 120 कारीगरों ने तीन महीने की कड़ी मेहनत की है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @the_gudiya_0378 नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में अन्विका यादव ने दशहरा मेले में पहुंचकर वहां खड़े किए गए रावण की झलक अपने कैमरे में कैद कर ली। वीडियो में रावण का विशाल आकार देखकर लोग भी चौंक गए। इसकी ऊंचाई 221 फुट बताई जा रही है। ऐसे में इसे देखने के लिए लोगों को अपनी गर्दन से काफी मशक्कत करानी पड़ेगी। गौरतलब है कि, इसे दिल्ली का सबसे ऊंचा रावण बताया जा रहा है, लेकिन इसकी आधिकारिक पुष्टि की जानकारी सामने नहीं है।
इस तरह तैयार किया गया पुतला
पुतले के निर्माण में लगभग सात टन लोहे का इस्तेमाल हुआ है। इसे स्थिर रखने के लिए जमीन में 10 फुट गहरा गड्ढा खोदा गया। रावण की पोशाक वाटरप्रूफ वेलवेट से बनाई गई है और उसका मुकुट अकेले 25 फुट ऊंचा है। निर्माण पर करीब 40 लाख रुपये खर्च हुए हैं। कुछ रिपोर्ट्स में लागत का 38 से 55 लाख रुपये के बीच होने का दावा किया गया है। यह पुतला इतना ऊंचा है कि पास से गुजरने वाली मेट्रो ट्रेन में बैठे यात्री भी इसे देखकर हैरान हो रहे हैं। कारीगरों ने इसे अलग-अलग हिस्सों में तैयार किया और फिर क्रेनों की मदद से जोड़ा। बांस और लोहे के फ्रेमवर्क से मजबूत ढांचा बनाया गया ताकि हवा और बारिश में भी सुरक्षित रहे।
इस बार रिमोट कंट्रोल से होगा दहन
आयोजकों ने बताया कि इस बार रावण दहन पारंपरिक तरीके से नहीं बल्कि रिमोट कंट्रोल से किया जाएगा। पर्यावरण के अनुकूल ग्रीन पटाखों का इस्तेमाल होगा। इससे प्रदूषण कम होगा और सुरक्षा भी बनी रहेगी। रामलीला का आयोजन 11 अक्टूबर से शुरू हो चुका है और दशहरे यानी 20 अक्टूबर को पुतलों का दहन होगा। दिल्ली में पहले भी बड़े रावण पुतले बनाए जाते रहे हैं, लेकिन 221 फुट की ऊंचाई इस साल का रिकॉर्ड है। लोगों में इस विशाल रावण को देखने का काफी उत्साह है। परिवार बच्चों को लेकर मैदान पहुंच रहे हैं। सोशल मीडिया पर इसकी तस्वीरें और वीडियो वायरल हो रहे हैं। कई लोग इसे बुराई पर अच्छाई की जीत का भव्य प्रतीक बता रहे हैं।
तीन महीने मेहनत कर तैयार किया पुतला
विशाल पुतला सिर्फ ऊंचाई के कारण ही नहीं बल्कि कारीगरों की मेहनत और आधुनिक तकनीक के मिश्रण से भी खास है। तीन महीने की निरंतर मेहनत, सात टन लोहा और सैकड़ों मीटर कपड़े से तैयार यह संरचना दशहरे के उत्सव को यादगार बना देगी। दिल्लीवासियों और पर्यटकों के लिए यह एक अनोखा नजारा है। बुराई के प्रतीक रावण का इतना भव्य रूप देखकर लोग रामलीला की परंपरा की जीवंतता महसूस कर रहे हैं। दशहरे की शाम जब यह विशाल पुतला आग की लपटों में जल उठेगा तो पूरा माहौल उत्साह और भक्ति से भर जाएगा।
गौरतलब है कि, इससे पहले Dussehra पर रावण बनने वाले शख्स का एक मजेदार वीडियो भी वायरल हुआ था।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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