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हद है! इस कैफे ने नींबू पानी पर लगा दिया Gas Crisis Charge, गुस्साए यूजर्स बोले- 'उबालकर लाया था क्या?'

Viral News : सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इस पोस्ट में दावा किया गया है कि, बेंगलुरु के एक कैफे ने नींबू पानी पर Gas Crisis Charge लगा दिया।

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Image Source : IG/@HARAMIPARINDEY कैफे का बिल।

Viral News : देशभर में किए जा रहे LPG संकट के दावों के बीच बेंगलुरु के एक कैफे ने ग्राहकों से नींबू पानी (मिंट लेमोनेड) पर 5% "Gas Crisis Charge" वसूलकर सुर्खियां बटोर ली हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हुए बिल की तस्वीर से इंटरनेट यूजर्स हैरान और गुस्से में हैं, कई ने इसे "खुली लूट" और "डेलाइट रॉबरी" बताया है। वायरल बिल बेंगलुरु के कैफे का बताया जा रहा है। 

एक्स पोस्ट वायरल 

इस पोस्ट को एक्स पर @HaramiParindey नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इस कैफे ने पेय पदार्थों की कीमत में 17.01 रुपये का अतिरिक्त शुल्क जोड़ दिया था, जबकि प्रत्येक पेय की कीमत 179 रुपये थी। 5 प्रतिशत की छूट और मानक जीएसटी लागू होने के बाद, अंतिम बिल 374 रुपये बना। रसीद की एक तस्वीर देखने के बाद लोगों की प्रतिक्रियाएं मजाकिया से लेकर आलोचनात्मक तक हैं। कुछ यूजर्स ने मजाक में कहा, 'नींबू गरम करके डाला है क्या ?' और 'आगे क्या? बेंगलुरु मौसम में बदलाव के लिए भी पैसे लेगा?' जबकि अन्य ने इस शुल्क की वैधता और औचित्य पर सवाल उठाए।

यूजर्स ने दी ऐसी प्रतिक्रियाएं

कई लोगों ने कैफे का बचाव करते हुए कहा कि एलपीजी की बढ़ती लागत को देखते हुए इतना छोटा शुल्क उचित हो सकता है, हालांकि उन्होंने सुझाव दिया कि यह ग्राहकों के लिए वैकल्पिक होना चाहिए। एक यूजर ने लिखा कि, “जब कोई व्यक्ति मात्र 10-15 रुपये में मिलने वाले नींबू पानी के लिए 179 रुपये खर्च करने में सक्षम है, तो अतिरिक्त 17 रुपये का बोझ उस पर नहीं पड़ना चाहिए। साथ ही, 18 रुपये की छूट पहले से ही दी जा रही है, जिससे लगाया गया शुल्क निरर्थक हो जाता है।”  

'देश में एलपीजी की कमी नहीं'  

केंद्र सरकार ने कहा है कि हालांकि एलपीजी की स्थिति चिंताजनक बनी हुई है, लेकिन इसकी कोई पूर्ण कमी नहीं है। सीएनजी और पीएनजी की आपूर्ति पूरी तरह से उपलब्ध है और पेट्रोल पंपों ने किसी भी प्रकार की कमी की सूचना नहीं दी है। सरकार ने यह भी कहा कि वे घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता दे रहे हैं, घरों और प्राथमिकता वाले क्षेत्रों के लिए एलपीजी की निरंतर आपूर्ति सुनिश्चित कर रहे हैं और जमाखोरी रोकने के लिए राज्यों के साथ समन्वय कर रहे हैं। वाणिज्यिक बिक्री आंशिक रूप से फिर से शुरू हो गई है।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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