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बुजुर्ग को 'इंसानी पार्सल' के तौर पर भेजने की कोशिश से मचा हड़कंप, परिवार को मिली चेतावनी, देखें हैरान करने वाला वीडियो

कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में 'इंसानी पार्सल' वाले विरोध प्रदर्शन के स्टंट से हड़कंप मच गया है। परिवार ने बाद में माना कि यह कथित तौर पर सोशल मीडिया रील के लिए पहले से सोचा-समझा स्टंट था।

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Image Source : REPORTER इंसानी पार्सल के मामले पर मचा हंगामा।

मध्य बेंगलुरु के वैयालिकावल इलाके में एक विरोध प्रदर्शन को "वायरल" करने की कथित कोशिश लगभग एक दुखद घटना में बदल गई। उगादी और ईद त्योहारों से पहले बढ़ते बस किराए का विरोध करने के लिए, एक परिवार ने एक बुजुर्ग व्यक्ति को "इंसानी पार्सल" के तौर पर भेजने की कोशिश की, जिससे एक स्थानीय कूरियर सर्विस सेंटर में सुरक्षा को लेकर बड़ा खतरा पैदा हो गया। इस घटना में एक महिला, उसके पति, उसकी सास और उसके देवर शामिल थे।

पिता को बोरे में बंद कर दिया

"पार्सल" असल में महिला के अपने पिता थे, जिन्हें इस प्रदर्शन के लिए एक बड़े बोरे में बंद कर दिया गया था। जब पार्सल खोला गया तो स्थिति ने एक भयानक मोड़ ले लिया। कूरियर सेंटर के कर्मचारी अंदर बुजुर्ग व्यक्ति को देखकर दहशत में आ गए; वह साफ तौर पर परेशान दिख रहे थे और सांस लेने के लिए छटपटा रहे थे। कूरियर कर्मचारियों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जो मौके पर पहुंची तो वहां अफरा-तफरी और घबराहट का माहौल था।

पूछताछ में क्या पता लगा?

पूछताछ के दौरान, बेटी ने कथित तौर पर कबूल किया कि यह एक नाटकीय विरोध प्रदर्शन था, जिसका मकसद यह दिखाना था कि बस की सीटें पूरी तरह बुक हो जाने के कारण "किसी इंसान को कूरियर से भेजना" ही यात्रा का एकमात्र विकल्प बचा है। परिवार को वैयालिकावल पुलिस स्टेशन ले जाया गया, जहां उन्होंने पुलिस और आम जनता, दोनों से औपचारिक रूप से माफी मांगी। एक रिकॉर्ड किए गए वीडियो बयान में, उन्होंने स्वीकार किया कि उनके काम गैर-जिम्मेदाराना और खतरनाक थे।

हालांकि, इस स्टंट का मकसद कथित तौर पर यात्रियों की दुर्दशा को उजागर करना था, लेकिन अधिकारियों ने इस काम की लापरवाही की कड़ी निंदा की। पुलिस ने कहा कि इस स्टंट के कारण दम घुटने से उस बुजुर्ग व्यक्ति की जान भी जा सकती थी।

बेटी ने माफी मांगी

पिता को बोरे में बंद करने पर बेटी ने माफी मांगी, साथ में पिता भी खड़े थे। बेटी ने कहा- "हम पांच लोगों ने मिलकर हमारे पिता को बोरे में बंद कर दिया। रमजान और युगादि पर्व की वजह से बस की दरें बढ़ जाने के लिए एक प्रेंक करने की कोशिश हमने की, ये हमारी गलती है ऐसा हमें नहीं करना चाहिए था, हम अपील करते हैं कि पब्लिक ऐसा कोई काम न करें हम भी वादा करते हैं कि आगे से ऐसा कभी नहीं करेंगे।"

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