'काम पर सबसे बड़ा प्रेशर आपका मैनेजर नहीं होता...' शख्स ने कैसे बदली बॉस को ऑनलाइन देख अलर्ट होने की आदत; Video
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में शख्स ने बताया बॉस को ऑनलाइन देख वह क्यों अलर्ट हो गया!

कार्पोरेट जीवन में काम का दबाव कई रूपों में आता है। लेकिन कई कर्मचारी उनके मैनेजर को ऑनलाइन देखकर ट्रिगर हो जाते हैं। एक शख्स ने अपनी इसी अनुभव को शेयर किया, जिसका वीडियो/पोस्ट सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। उन्होंने बताया कि बॉस का स्टेटस ग्रीन होते ही वे अलर्ट मोड में चले जाते थे। लेकिन बाद में उन्होंने अपनी इस आदत को कैसे बदला, यह कहानी सैकड़ों लोगों को रिलेट हुई।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @cubicle_talks_with_avik नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इंस्टाग्राम पर साझा किए गए एक वीडियो में अविक रॉय ने कार्यलय पर होने वाली एक ऐसी चिंता के बारे में बात की, जिस पर अक्सर ध्यान नहीं दिया जाता। उन्होंने कहा कि उन्हें लगता था कि जब भी उनका मैनेजर लॉग इन करेगा, उनसे तुरंत सवाल पूछे जाएंगे, उनका मूल्यांकन किया जाएगा या उन पर काम का बोझ डाल दिया जाएगा। रॉय ने याद किया कि अपने कॉर्पोरेट करियर के शुरुआती दिनों में, अपने मैनेजर का टीम स्टेटस हरा होते ही उनका मूड तुरंत बदल जाता था। उन्होंने कहा, 'कार्यालय पर होने वाली एक और चिंता जो आपकी सोच से कहीं ज़्यादा आम है। यह उस पल से शुरू होती है जब आपका मैनेजर लॉग इन करता है। जी हाँ। क्या आपने कभी अपने मैनेजर का टीम स्टेटस हरा होते देखा है और अचानक से आपका तनाव बढ़ जाता है?'
अलर्ट होने की पड़ गई थी आदत
उन्होंने स्वीकार किया कि वे संदेशों की बाढ़ के लिए तुरंत तैयार हो जाते थे। उन्होंने बताया, 'जैसे ही मेरे मैनेजर लॉग इन करते, मैं एकदम सतर्क हो जाता था। मैं तुरंत सोचता था, अरे नहीं! मेरे मैनेजर ऑनलाइन आ गए हैं। अब तो मुझे संदेशों की बौछार होने वाली है। मुझे तुरंत जवाब देना शुरू करना होगा।' दबाव इतना बढ़ गया था कि उन्हें कॉफी पीने के लिए थोड़ी देर के लिए भी उठने में अपराध लगने लगा था। पीछे मुड़कर देखने पर उसे एहसास हुआ कि उस तनाव का अधिकांश हिस्सा उन धारणाओं से उपजा था जो उसने खुद अपने मन में बना ली थीं।
कैसे बदली अपनी आदत
अविक रॉय ने तीन ऐसे बदलाव बताए जिनसे उन्हें इस चिंता से निपटने में मदद मिली। पहला बदलाव था संदेशों का तुरंत जवाब देने की आदत को बदलना। इसके बजाय, उन्होंने अपने काम की गुणवत्ता और उससे मिलने वाले परिणामों पर अधिक ध्यान देना शुरू कर दिया। उनका दूसरा कदम था, बिना पूछे ही अपने मैनेजर को नियमित रूप से अपडेट भेजना। उनके अनुसार इससे विश्वास बनाने में मदद मिली और लगातार फॉलो-अप की आवश्यकता कम हो गई। अंततः, उन्होंने यह मानना छोड़ दिया कि मैनेजर सारा दिन कर्मचारियों पर नजर रखते हैं। उन्होंने कहा, 'कभी-कभी, हम खुद ही अपने मन में यह डर पैदा कर लेते हैं।' उन्होंने ने लोगों को प्रोत्साहित किया कि अगर ये भावनाएं बनी रहें तो वे अपने मैनेजरों से खुलकर बात करें। उन्होंने आगे कहा, 'अच्छे नेता आपको मार्गदर्शन देंगे, विश्वास कायम करेंगे और आपका न्याय नहीं करेंगे।' वीडियो के अंत में उन्होंने दर्शकों को याद दिलाया कि वे डर को अपने विचारों पर हावी न होने दें। वे बोले कि, 'आपका मन एक शक्तिशाली कहानीकार है। इसे आप जानते हैं, अपने मन को ऐसी कहानी न लिखने दें जो अस्तित्व में ही न हो।'
यूजर्स ने जताई सहमति
वीडियो को इस कैप्शन के साथ साझा किया गया था, 'कभी-कभी काम पर सबसे बड़ा दबाव आपका मैनेजर नहीं होता। यह वह कहानी होती है जो आपका दिमाग आपको लगातार सुनाता रहता है।' कई यूजर्स ने कहा कि उन्हें भी ऐसा ही महसूस हुआ। एक व्यक्ति ने लिखा, 'हां, मैं आपसे सहमत हूं।'
दूसरे ने लिखा कि, 'यह बिल्कुल सच है।'
तीसरे ने लिखा कि, 'बिल्कुल, मैं इस बात से आपसे सहमत हूं।'
जबकि एक यूजर ने कहा, 'हां, मुझे भी ऐसा ही लगता है।'
गौरतलब है कि, इससे पहले एक शख्स ने भारतीय मैनेजरों द्वारा छुट्टी न देने की आदत पर प्रतिक्रिया दी थी।
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।
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