कानपुर जिले के बिठूर क्षेत्र के चिरान हृदयपुर गांव में जलभराव की समस्या ग्रामीणों के लिए मुसीबत बनी हुई है। करीब एक महीने से गांव में पानी भरा होने के कारण लोगों को रोजमर्रा के कामकाज में परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। गंदे पानी और उससे उठने वाली बदबू ने ग्रामीणों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। हालात ऐसे हैं कि बच्चों से लेकर बुजुर्गों तक को पानी के बीच से होकर गुजरना पड़ रहा है। लंबे समय से बनी इस समस्या के बीच अब एक मासूम बच्ची की गुहार ने गांव की बदहाली को सामने ला दिया है।
स्कूल जाने के लिए रोज पानी से गुजरती है मासूम
गांव की नर्सरी में पढ़ने वाली मासूम मायरा भी जलभराव की समस्या से जूझ रही है। छोटी-सी उम्र में रोज गंदे पानी से होकर स्कूल जाने की मजबूरी ने उसे इतना परेशान कर दिया कि उसने सीधे कानपुर के जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर से मदद की गुहार लगा दी। मासूम मायरा की अपील है कि जिलाधिकारी अंकल उसकी और गांव के लोगों की परेशानी को समझें और जल्द से जल्द इस समस्या का समाधान कराएं। एक बच्ची की यह पुकार गांव में जलभराव के कारण पैदा हुए हालात की गंभीरता को बयां कर रही है।
गंदगी और बदबू से ग्रामीणों का जीना मुश्किल
ग्रामीणों के मुताबिक, करीब एक महीने से जलभराव की समस्या बनी हुई है। पानी जमा रहने के कारण रास्तों से निकलना मुश्किल हो रहा है। गंदे पानी से उठने वाली दुर्गंध के चलते लोगों को परेशानी झेलनी पड़ रही है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि संबंधित विभाग इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए जलनिकासी की व्यवस्था करेगा, ताकि उन्हें रोजाना की परेशानी से राहत मिल सके।
कृषि भूमि पर भी पड़ रहा असर
जलभराव का असर केवल गांव की गलियों और रास्तों तक सीमित नहीं है। इससे हजारों बीघा कृषि भूमि से जुड़े किसानों की चिंताएं भी बढ़ी हुई हैं। लंबे समय तक पानी जमा रहने से खेती-किसानी से संबंधित गतिविधियां प्रभावित होने की आशंका है। ऐसे में ग्रामीणों के साथ किसानों को भी समस्या के स्थायी समाधान का इंतजार है।
अब जिलाधिकारी के संज्ञान का इंतजार
मासूम मायरा की अपील के बाद अब ग्रामीणों की निगाहें जिला प्रशासन पर टिकी हैं। लोगों को उम्मीद है कि जिलाधिकारी महेंद्र सिंह तंवर मामले का संज्ञान लेकर संबंधित अधिकारियों को मौके पर भेजेंगे और जलभराव से निजात दिलाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएंगे। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि करीब एक महीने से परेशानी झेल रहे चिरान हृदयपुर के ग्रामीणों को राहत कब मिलेगी और मासूम मायरा की गुहार पर प्रशासन कब कार्रवाई करेगा।
गौरतलब है कि, इससे पहले बाराबंकी की एक बच्ची ने जिलाधिकारी से घर के सामने की रोड बनवाने की अपील की थी।
(कानपुर से अनुराग श्रीवास्तव की रिपोर्ट)
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