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मुंह खोले सांपों के आकार की चट्टानें, झरने का यह वायरल वीडियो देख खड़े हो गए लोगों के रोंगटे

सोशल मीडिया पर एक वाटरफॉल का वीडियो बड़ी तेजी से वायरल हो रहा है। आखिर इतना अद्भुत वॉटरफॉल है कहां पर, आइए जानते हैं इस वॉटरफॉल के बारे में विस्तार से।

झरने का वीडियो हो रहा वायरल- India TV Hindi
Image Source : SOCIAL MEDIA झरने का वीडियो हो रहा वायरल

सोशल मीडिया पर इस वक्त एक झरने का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। जहां दिख रही चट्टानें बिल्कुल सांपों के आकार की दिख रही हैं। इस वीडियो को देखने के बाद लोग सहम गए और कहने लगे कि यहां पर लोग किस कलेजे के साथ जाते हैं। वायरल वीडियो को सोशल साइट एक्स पर @AMAZlNGNATURE नाम के अखाउंट से शेयर किया गया है। जिसमें बताया गया है कि ये झरना इंडोनेशिया में है और इस झरने में स्थित चट्टानें विशालकाय सांप की तरह दिखती हैं।

इंडोनेशिया में स्थित है ये झरना

वीडियो में दिख रहा झरना स्नेक वॉटरफॉल कहलाता है। ये इंडोनेशिया में स्थित है। इंडोनेशिया अपने प्राकृतिक सौंदर्य और सांस्कृतिक धरोहर के लिए विश्व भर में प्रसिद्ध है। यहां के जंगल, समुद्र तट और वॉटरफॉल्स पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं। इनमें से एक अनोखा आकर्षण है "स्नेक वॉटरफॉल", जो बाली के बेजी ग्रिया वॉटरफॉल (Beji Griya Waterfall) के नाम से जाना जाता है। यह वॉटरफॉल न केवल अपनी प्राकृतिक सुंदरता के लिए बल्कि सांपों की आकृति वाली प्राचीन मूर्तियों और आध्यात्मिक महत्व के लिए भी जाना जाता है। हाल ही में यह सोशल मीडिया पर यहां के स्नेक वॉटरफॉल का वीडियो वायरल हुआ। 

स्नेक वॉटरफॉल: कहां और क्या है खास?

बेजी ग्रिया वॉटरफॉल बाली के पुंगगुल क्षेत्र में स्थित है, जो उबुद से ज्यादा दूर नहीं है। यह वॉटरफॉल 2022 में पर्यटकों के लिए खोला गया और तब से यह अपनी अनोखी विशेषताओं के कारण लोकप्रिय हो रहा है। इस वॉटरफॉल की सबसे खास बात है इसके आसपास बनी सांपों की आकृति वाली मॉस-कवर मूर्तियां, जो पानी के बीच प्राचीन खंडहरों जैसा आभास देती हैं। इन मूर्तियों को देखकर ऐसा लगता है मानो कोई विशालकाय सांप पत्थर में बदल गया हो, जिसके कारण सोशल मीडिया पर इसे "स्नेक वॉटरफॉल" कहा जाने लगा। वास्तव में, ये मूर्तियां प्राकृतिक चट्टानें नहीं, बल्कि स्थानीय कारीगरों द्वारा बनाई गई कला का नमूना हैं, जो बाली की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं को दर्शाती हैं। कुछ लोग इसे प्राकृतिक संरचना समझ लेते हैं, लेकिन यह एक मंदिर और आध्यात्मिक स्थल के रूप में डिजाइन किया गया है, जहां पर्यटक प्रकृति के साथ-साथ मेलुकट (Melukat) जैसे पवित्र स्नान अनुष्ठानों का अनुभव कर सकते हैं।

डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया पोस्ट पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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