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'भारतीय रेलवे को Blinkit बना दिया..' रेलमदद ने मिनटों में पहुंचाए बच्चे के लिए डायपर, सर्विस से यूजर्स हुए इंप्रेस

सोशल मीडिया पर इन दिनों एक पोस्ट काफी वायरल हो रही है। इस पोस्ट में दावा किया गया है रेलमदद से टीम ने तत्काल डायपर पहुंचा दिए।

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Image Source : X/@ASKLIPUN रेलमदद ने पहुंचाए डायपर।

भारतीय रेलवे की यात्री सेवाओं में डिजिटल सुधार की मिसाल एक बार फिर सामने आई है। एक यात्री ने ट्रेन यात्रा के दौरान अपने 6 महीने के बच्चे के डायपर खत्म हो जाने पर रेलमदद (RailMadad) के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। महज 10 मिनट में संपर्क हुआ और अगले स्टेशन पर डायपर की व्यवस्था कर दी गई। इस घटना ने सोशल मीडिया पर चर्चा छेड़ दी, जहां कुछ लोगों ने इसे ‘ब्लिंकइट जैसी सेवा’ बताया तो कुछ ने तैयारी की कमी पर सवाल उठाए।

इमरजेंसी में मंगाने पड़े डायपर 

इस पोस्ट को एक्स पर @AskLipun नामक हैंडल से शेयर किया गया है। यात्री पहले से डायपर ले गए थे लेकिन वे अप्रत्याशित रूप से खत्म हो गए। उन्होंने रेलमदद ऐप पर शिकायत की। ऐप पर जवाब मिला कि गया जंक्शन पर डायपर उपलब्ध कराए जाएंगे। पेंट्री कार मैनेजर से भी संपर्क हुआ। अगले स्टॉपेज पर डायपर सौंप दिए गए। देबीप्रसाद ने स्पष्ट किया कि उन्होंने डायपर का भुगतान खुद किया। उन्होंने कुछ मुफ्त नहीं मांगा और किसी संसाधन का दुरुपयोग नहीं किया। सिर्फ जरूरत पड़ने पर सेवा का इस्तेमाल किया।  

रेलवे सेवा की जमकर की तारीफ 

यूजर ने लिखा, “बदलाव ऐसा ही दिखता है। मेरे 6 महीने के बच्चे के लिए छोटे साइज़ के डायपर खत्म हो गए थे। सुबह 10:07 बजे RailMadad पर शिकायत दर्ज कराई। 10 मिनट के अंदर ही RailMadad और पैंट्री कार मैनेजर का फ़ोन आ गया। अगले स्टॉप पर डायपर का इंतज़ाम कर दिया गया। डिजिटल तरीके से शिकायत के समाधान से लेकर तेज़ और जवाबदेह यात्री सेवाओं तक, यह रेलवे का एक बिल्कुल अलग अनुभव है। शिकायत - प्रतिक्रिया - समाधान।” उन्होंने रेलवे सेवा (@RailwaySeva) और रेल मंत्रालय को टैग करते हुए इसे मोदी सरकार के दौर के बदलाव का एक झलक बताया। 

'आपने तो भारतीय रेलवे को ब्लिंकइट बना दिया'

सोशल मीडिया पर प्रतिक्रियाएं मिश्रित रहीं। कई यूजर्स ने प्रशंसा की। एक यूजर ने ​लिखा कि, “ऐसी ज़रूरी चीज़ों के लिए बेसिक प्लानिंग तो होनी ही चाहिए, इसमें कोई समझौता नहीं हो सकता। क्या आपने डायपर के पैसे दे दिए?” 

दूसरे ने पूछा कि शिकायत क्यों की गई, जबकि यह यात्री की तैयारी की कमी थी। 

एक और ने लिखा कि, “आप Blinkit से ऑर्डर कर सकते थे, गया कोई छोटा गांव नहीं है।”

एक ने सीधा कहा, “आपने तो भारतीय रेलवे को ब्लिंकइट बना दिया।” 

रेलमदद के बारे में 

रेलमदद भारतीय रेलवे का आधिकारिक शिकायत निवारण और पूछताछ पोर्टल है। इसके जरिए यात्री यात्रा के दौरान विभिन्न समस्याओं-भोजन, सफाई, चिकित्सा सहायता या अन्य जरूरतों की शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह घटना डिजिटल व्यवस्था और ऑनबोर्ड स्टाफ के बीच समन्वय की मिसाल है।  
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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