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Video: भारत से सस्ती दवाएं पाकर अमेरिका की बुराई करने लगी विदेशी महिला, बताया US में कैसे होता है स्कैम

US Woman Video : सोशल मीडिया पर एक अमेरिकी महिला का वीडियो काफी वायरल हो रहा है। इसमें उसने भारत की मेडिकल व्यवस्था की काफी तारीफ की है।

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Image Source : IG/@LEMONSNLYME अमेरिकी महिला का वीडियो वायरल।

US Woman Video : एक अमेरिकी महिला ने भारत से मात्र 25 डॉलर में 1,000 डॉलर की दवा खरीदने के बाद अमेरिकी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली को स्कैम बताया।  इंस्टाग्राम पर वायरल हो रहे एक वीडियो में विक्टोरिया ने बताया कि उनके बीमा प्रदाता ने उनकी आवश्यक दवा का खर्च उठाने से इनकार कर दिया। इसके चलते उन्हें अपनी जेब से भारी भरकम बिल का भुगतान करना पड़ा। राहत तब मिली जब उन्हें सलाह दी गई कि वे दवा सीधे एक भारतीय निर्माता से मंगवा सकती हैं।  

भारतीय मेडिकल व्यवस्था ने दी राहत

इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @lemonsnlyme नामक हैंडल से शेयर किया गया है। वीडियो में महिला ने बताया कि, 'अमेरिका में इस दवा के लिए मुझे अपनी जेब से 1,000 डॉलर खर्च करने पड़ते, लेकिन मैंने इसे 25 डॉलर में खरीद लिया। जी हां, सिर्फ छह छोटी गोलियों के लिए, 1,000 डॉलर अपनी जेब से, क्योंकि मेरा बीमा इसे कवर नहीं कर रहा था।' दवा पर भारी भरकम रकम खर्च करने को तैयार न होने के कारण, विक्टोरिया को उसके डॉक्टर ने एक कनाडाई फार्मेसी से संपर्क करने की सलाह दी, जो सीधे एक भारतीय निर्माता से दवा मंगवाएगी। विक्टोरिया ने कहा, 'तो मेरे डॉक्टर ने मुझसे कहा कि प्रिस्क्रिप्शन कैनेडियन फार्मेसी को भेज दो। मैंने ऐसा किया, फिर पूछा कि इसकी कीमत कितनी होगी, मुझे उम्मीद थी कि शायद 100 या 200 डॉलर लगेंगे, जिसके लिए मैं भुगतान करने को तैयार थी। उनकी कीमत लगभग 25 डॉलर थी। 10 डॉलर दवा के लिए और 15 डॉलर शिपिंग के लिए। भारत में निर्माता से सीधे मेरे पास अंतरराष्ट्रीय शिपिंग की गई थी।'  

अमेरिका का पूरा स्कैम भी बताया

विक्टोरिया ने कहा कि अमेरिका में आम लोगों को स्वास्थ्य सेवा प्रणाली द्वारा 'पूरी तरह से धोखा दिया जा रहा है। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि अतिरिक्त पैसा आखिर जा कहां रहा है। वे बोलीं कि, अमेरिका में हमारी स्वास्थ्य सेवा प्रणाली एक मज़ाक है। हमें पूरी तरह से धोखा दिया जा रहा है। आपका क्या मतलब है कि इसकी कीमत एक हज़ार डॉलर होगी? जबकि मैं दवा के लिए केवल 10 डॉलर ही दे पाई। अमेरिका में मैं 1,000 डॉलर किसलिए खर्च कर रही थी? वो पैसा किसके पास जा रहा है? ये एक काल्पनिक सवाल है। आप सब मेरी बात समझ गए होंगे।' 

यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं 

जैसे ही यह वीडियो वायरल हुआ सोशल मीडिया यूजर्स ने अमेरिका में स्वास्थ्य सेवा के क्षेत्र में हो रहे व्यवस्थित शोषण को उजागर किया, वहीं भारत से आ रही सस्ती दवाओं की प्रशंसा की। एक यूजर ने कहा, 'मैंने बिना प्रिस्क्रिप्शन के सीधे भारत से दवाइयां मंगवाई हैं।' दूसरे ने कहा, 'भारत में यह आपको 100 रुपये में मिल सकती है, जो लगभग 1 डॉलर के बराबर है।' तीसरे व्यक्ति ने टिप्पणी करते हुए कहा कि, ' भारत जाइए, वहां एक सप्ताह की छुट्टियां मनाइए, फार्मेसी जाइए, जो चाहें खरीदिए और वापस अमेरिका आ जाइए। तब भी आपको 1000 डॉलर से कम खर्च आएगा।' एक और ने लिखा कि, 'मुझे अपनी रिफैक्सिमिन की दवा भारत से, कनाडा होते हुए मंगवानी पड़ी। यह तो हद से ज़्यादा है। मेरे पास ठीक-ठाक सरकारी बीमा है, लेकिन फिर भी यह बिल्कुल ही बेतुका है।' 
डिस्क्लेमर: इस खबर में दी गई जानकारी सोशल मीडिया और रिपोर्ट्स में किए गए दावों पर आधारित है। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रमाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

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