Knowledge Facts : जब भारत में किलों की बात होती है तो ज्यादातर लोगों का पहला नाम राजस्थान आता है, लेकिन सही तथ्य कुछ और कहते हैं। देश में सबसे ज्यादा किले महाराष्ट्र में हैं। महाराष्ट्र पर्यटन विभाग, पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) से जुड़े आंकड़ों और ऐतिहासिक दस्तावेजों के अनुसार यहां 350 से अधिक किले मौजूद हैं, जिनमें से कई मराठा काल के हैं। राजस्थान में यह संख्या लगभग 300-320 के आसपास बताई जाती है, जबकि मध्य प्रदेश में भी कई किले हैं जिनका जिक्र इतिहास में है लेकिन आंकड़ों में महाराष्ट्र आगे है।
'किलों की धरती' कहलाता है महाराष्ट्र
महाराष्ट्र के किले मुख्य रूप से सह्याद्री पर्वत श्रृंखला (वेस्टर्न घाट्स) में बसे हैं। इनकी संख्या ज्यादा होने का कारण मराठा साम्राज्य, खासकर छत्रपति शिवाजी महाराज की रणनीति है। शिवाजी ने दुर्ग-निर्माण और जीत को स्वराज्य की नींव बनाया। उन्होंने पुराने किलों को मजबूत किया और नए बनवाए। ये किले सिर्फ रक्षा के नहीं, बल्कि प्रशासन, व्यापार निगरानी और गुरिल्ला युद्ध के केंद्र थे। महाराष्ट्र में समुद्री किले (कोंकण तट पर) भी खास हैं, जैसे मुरुद-जंजीरा, सिंधुदुर्ग और विजयदुर्ग। इनकी संख्या पश्चिमी तट पर सबसे ज्यादा है। PIB की रिपोर्ट के मुताबिक, यूनेस्को ने 2025 में “Maratha Military Landscapes of India” के तहत 11 महाराष्ट्र के किलों (और एक तमिलनाडु का) को विश्व धरोहर सूची में शामिल किया, जो इस राज्य की ऐतिहासिक अहमियत को रेखांकित करता है।
महाराष्ट्र के कुछ प्रमुख किले:
- रायगढ़: शिवाजी की राजधानी, राज्याभिषेक स्थल
- शिवनेरी: शिवाजी का जन्मस्थान (जुन्नर, पुणे)
- सिंहगढ़: तानाजी मालुसरे की वीरता का प्रतीक
- प्रतापगढ़: अफजल खान से युद्ध का साक्षी
- तोरणा: शिवाजी द्वारा 16 साल की उम्र में जीता पहला किला
- अन्य : इसके अलावा पन्हाला, लोहागढ़, राजगढ़ आदि किले भी काफी प्रसिद्ध हैं।
राजस्थान और महाराष्ट्र के किले
राजस्थान के किले (मेहरानगढ़, चित्तौड़गढ़, कुंभलगढ़, आमेर, जैसलमेर) भव्यता, वास्तुकला और पर्यटन के लिए प्रसिद्ध हैं। वहां 6 हिल फोर्ट्स यूनेस्को विश्व धरोहर हैं। लेकिन कुल संख्या में महाराष्ट्र आगे है क्योंकि सह्याद्री की भूगोल ने प्राकृतिक सुरक्षा दी और मराठा इतिहास ने इन्हें बढ़ावा दिया। राजस्थान के कई किले अब होटल/रिसॉर्ट बन चुके हैं, जबकि महाराष्ट्र में ट्रेकिंग और एडवेंचर टूरिज्म का केंद्र बने हैं। गौरतलब है कि, मध्य प्रदेश में ग्वालियर, मांडू, ओरछा जैसे महत्वपूर्ण किले हैं, लेकिन कुल संख्या महाराष्ट्र जितनी नहीं मानी जाती।
पर्यटन और संरक्षण की चुनौतियां
महाराष्ट्र सरकार इन किलों को पर्यटन हब बनाने की कोशिश कर रही है। ट्रैकिंग, रोपवे (रायगढ़), लाइट-एंड-साउंड शो और डिजिटल मैपिंग जैसे प्रयास हो रहे हैं। लेकिन कई किले वन क्षेत्र में हैं और यहां रखरखाव की कमी, अवैध निर्माण और मौसम क्षति चुनौतियां हैं। इतिहासकारों के अनुसार, सटीक गिनती मुश्किल है क्योंकि किले की परिभाषा अलग-अलग है कुछ सिर्फ गढ़ी या चौकी भी। फिर भी, 350+ का आंकड़ा महाराष्ट्र पर्यटन और लोकप्रिय स्रोतों में बार-बार आता है।
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