मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में किसानों के प्रदर्शन के दौरान पुलिस की अतिरिक्त पुलिस आयुक्त (एडिशनल कमिश्नर) मोनिका शुक्ला का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में देखा जा सकता है कि प्रदर्शनकारी किसान पुलिस की बैरिकेडिंग हटाने और बैरिकेड के रूप में खड़ी स्कूल बस को आगे धकेलने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन एडिशनल कमिश्नर अकेले बस के सामने तनकर खड़ी हो जाती हैं और हाथों से उसे रोक लेती हैं। उनका यह साहसिक कदम ड्यूटी के प्रति समर्पण और महिला सशक्तिकरण की मिसाल बन गया है।
पीछे हटने को मजबूर हुए प्रदर्शनकारी
भोपाल में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की मांग को लेकर सावरकर सेतु पर किसानों का उग्र प्रदर्शन चल रहा था। घटना के अनुसार, किसान मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च निकालने की कोशिश कर रहे थे। प्रदर्शनकारियों ने बैरिकेड तोड़ने और बस को आगे बढ़ाने का प्रयास किया, जिससे स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसी दौरान एडिशनल कमिश्नर मोनिका शुक्ला बस के ठीक सामने पहुंचीं और दृढ़ता से खड़ी हो गईं। वीडियो में वे बस को हाथों से रोकते हुए नजर आ रही हैं, जबकि प्रदर्शनकारी पीछे हटने को मजबूर हो जाते हैं।
यूजर्स ने दी प्रतिक्रियाएं
सोशल मीडिया पर यूजर्स ने इस वीडियो को खूब सराहा है। एक यूजर ने लिखा, 'वर्दी में असली हीरो वही होता है, जो संकट की घड़ी में कर्तव्य निभाता है।'
दूसरे ने उन्हें 'भोपाल की लेडी सिंघम' कहा।
25% से बढ़कर 60% हुई मूंग खरीद
गौरतलब है कि, एमपी के कृषि मंत्री एंदल सिंह कंसाना मंत्री कंसाना ने किसान प्रतिनिधियों के साथ हुई चर्चा के बाद किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखा। मंत्री ने कहा कि, 'मध्यप्रदेश सरकार ने एक महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। अब प्रत्येक पात्र किसान से उसकी मूंग उपज का 25 प्रतिशत नहीं, बल्कि 60 प्रतिशत खरीद किया जाएगा, जो नर्मदापुरम, सीहोर एवं हरदा जैसे जिलों में लगभग 3 क्विंटल प्रति एकड़ आता है। यह निर्णय तत्काल प्रभाव से लागू किया जाएगा और हमारा प्रयास रहेगा कि अधिक से अधिक किसानों को इसका लाभ मिले।'
ये भी पढ़ें -
गुरुग्राम में मिलने वाली सुविधाएं कनाडा से कितनी अलग हैं ? रियल एस्टेट एजेंट ने अपने Video में बताया