इस्लामाबाद: पाकिस्तान अब जॉर्डन से एफ-16 लड़ाकू विमान खरीदेगा। पाकिस्तानी विदेश सचिव एजाज चौधरी ने यह जानकारी दी है। पाकिस्तान का कहना है कि अमेरिका इस फैसले से संतुष्ट है। रक्षा और विदेश नीति पर बनी सीनेट की स्टैंडिंग कमेटी को दी जानकारी में चौधरी ने कहा, "पाकिस्तान के इस फैसले से अमेरिका संतुष्ट लग रहा है।" हालांकि कई विशेषज्ञों का मानना है कि इस सौदे के ना हो पाने से और कुछ समय पहले पाकिस्तानी जमीन पर हुए अमेरिकी ड्रोन हमले के बाद दोनों देशों के संबंधों में तनाव आया है।
अमेरिका ने पाकिस्तान को आठ एफ-16 लड़ाकू विमान बेचने का समझौता किया था। भारत ने इस समझौते पर आपत्ति जताई थी। उन्होंने कहा, 'कुछ मुद्दों पर अमेरिका के साथ पाकिस्तान सहयोग नहीं कर सकता। इन मुद्दों में से एक है पाकिस्तान की संप्रभुता।' उन्होंने कहा कि अमेरिका के साथ संबंधों में तनाव पाकिस्तान के लिए नई बात नहीं है। आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई में अमेरिकी नीति की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा, 'अमेरिका ने 16 साल तक आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई लड़ी। अगर उसने शांति प्रक्रिया के लिए छह साल दिए होते, तो आज हालात कुछ और होते।'
गौरतलब है कि पाकिस्तान और अमेरिका के संबंधों में खिंचाव उस समय आया जब कांग्रेस ने विदेश सैन्य वित्त कार्यक्रम से पाकिस्तान को एफ 16 लड़ाकू विमानों की खरीद के लिए धन देने से मना कर दिया और पाकिस्तान की यह विमान हासिल करने की कोशिशों को झटका लगा। इसके अलावा अफगान तालिबान प्रमुख मुल्ला अख्तर मंसूर के बलूचिस्तान में एक अमेरिकी ड्रोन हमले में मारे जाने के बाद संबंधों को और आघात पहुंचा। इसे पाकिस्तानी नेतृत्व ने देश की संप्रभुता का उल्लंघन करार दिया।
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