इस्लामाबाद: पाकिस्तान ने भारत की हालिया प्रतिक्रिया पर निराशा जताई है जिसमें उसने अमेरिका द्वारा पाकिस्तान को F-16 फाइटर प्लेन बेचे जाने के फैसले पर आपत्ति जताई थी। आपको बता दें कि ओबामा प्रशासन ने पाकिस्तान को लगभग 70 करोड़ डॉलर कीमत के आठ एफ-16 लड़ाकू विमान बेचने का फैसला किया है। गौरतलब है कि तमाम विरोधों के बावजूद अमेरिकी विदेश मंत्रालय ने कांग्रेस को अधिसूचित किया है कि वह पाकिस्तान सरकार को एफ-16 ब्लॉक 52 विमान, उपकरण, प्रशिक्षण और साजोसामान से जुड़ी संभावित विदेशी सैन्य बिक्री करने को मंजूरी दे रहा है।
पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने अमेरिका के साथ हो रही इस डील पर भारत के रुख का जवाब देते हुए कहा कि उन्हें भारत की प्रतिक्रिया पर हैरानी है। भारत हथियारों का सबसे बड़ा आयातक है और उसकी फौज के हथियारों का जखीरा कहीं बड़ा है। इस डील को आतंकवाद के खिलाफ करीबी सहयोग का हवाला दिया जा रहा है। ओबामा प्रशासन ने भी इस डील को जायज ठहराते हुए कहा है कि यह पाकिस्तान के आतंकवाद रोधी अभियानों के लिए बहुत जरूरी है। वहीं भारत ने ओबामा प्रशासन के इस तर्क से असहमति जताई है।
पेंटागन ने डील पर क्या कहा:
पेंटागन की शाखा रक्षा सुरक्षा सहयोग एजेंसी ने एक बयान में कहा कि इनकी अनुमानित कीमत 69.94 करोड़ डॉलर है। बयान में कहा गया कि यह प्रस्तावित बिक्री दक्षिण एशिया में एक रणनीतिक सहयोगी की सुरक्षा में सुधार में मदद करके अमेरिकी विदेश नीति और राष्ट्रीय सुरक्षा के लक्ष्यों में अपना योगदान देती है। पेंटागन ने कहा कि इससे क्षेत्र में सामान्य सैन्य संतुलन प्रभावित नहीं होगा। प्रस्तावित बिक्री मौजूदा और भविष्य के सुरक्षा से जुड़े खतरों से निपटने में पाकिस्तान की क्षमता में सुधार लाती है।