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पाकिस्तान: ईशनिंदा के आरोप में छात्र मशाल खान की हत्या के खिलाफ प्रदर्शन

पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में विश्वविद्यालय के छात्र मशाल खान की पीट-पीटकर की गई हत्या की निंदा करने के लिए नागरिक समाज संगठनों के नेतृत्व में देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया।

Mashal Khan Protest | AP- India TV Hindi
Mashal Khan Protest | AP

इस्लामाबाद: पाकिस्तान में ईशनिंदा के आरोप में विश्वविद्यालय के छात्र मशाल खान की पीट-पीटकर की गई हत्या की निंदा करने के लिए नागरिक समाज संगठनों के नेतृत्व में देश के विभिन्न हिस्सों में विरोध-प्रदर्शन आयोजित किया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, खैबर पख्तूनख्वा के जाएदा गांव में शुक्रवार को विरोध-प्रदर्शन हुआ, जहां मशाल खान को दफनाया गया।

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अब्दुल वली खान यूनिवर्सिटी में पत्रकारिता के छात्र मशाल खान (23) को ईशनिंदा से संबंधित सामग्री ऑनलाइन पोस्ट करने के आरोप में एक भीड़ ने द्वितीय तल पर स्थित हॉस्टल के उसके कमरे से उसे खींचकर निकाला और निर्वस्त्र कर पिटाई करने के बाद गोली मारी और फिर नीचे फेंक दिया। इसके बाद जबतक उसकी मौत नहीं हो गई, भीड़ उसे पीटती रही। इस घटना के सिलसिले में कम से कम 20 लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है। पेशावर में प्रदर्शनकारियों ने विश्वविद्यालय प्रशासन तथा पुलिस के खिलाफ नारे लगाए। लाहौर में प्रदर्शकारियों ने कहा कि यह पख्तूनों के इतिहास में एक अप्रत्याशित घटना है। उन्होंने घटना की न्यायिक जांच की आलोचना की। 

Mashal Khan | Facebook Photo

मशाल खान। (फोटो: Facebook)

वहीं, मशाल खान के परिजनों ने कहा है कि वह निर्दोष था। मशाल के पिता मुहम्मद इकबाल ने कहा, ‘मैं न्याय चाहता हूं, क्योंकि मेरा बेटा निर्दोष था। मैं उसके ईशनिंदा करने के बारे में सोच भी नहीं सकता।’ गांव में स्थित मुख्य ईदगाह में लगभग 1,000 लोग मशाल के नमाज-ए-जनाजा में शरीक हुए, जिनमें अधिकांश लोग उसके रिश्तेदार, मित्र तथा गांव के लोग थे। जनाजे में हालांकि उसके विश्वविद्यालय का कोई साथी या अधिकारी शामिल नहीं हुआ। मशाल की बहन ने कहा, ‘मेरे भाई के खिलाफ साजिश की गई, जिसका खुलासा होना चाहिए।’ इस बीच, अवामी नेशनल पार्टी (ANP) के मार्दन अध्यक्ष हिमायतुल्लाह मयार ने अपनी पार्टी के सदस्यों से कहा है कि जब तक मामले की जांच पूरी नहीं हो जाती घटना पर टिप्पणी न करें।

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मयार ने मुद्दे पर ज्यादा जानकारी के लिए विश्वविद्यालय के छात्रों से मुलाकात की। छात्रों ने कहा कि विश्वविद्यालय की तरफ से लापरवाही बरते जाने के कारण घटना घटी। भीड़ मशाल खान, जुबेर खान तथा अब्दुल्ला को ढूंढ़ते हुए विश्वविद्यालय के पत्रकारिता व जनसंचार विभाग में पहुंची और हिंसक होते हुए उसे गोली मार दी, जबकि एक अन्य को गंभीर रूप से घायल कर दिया। पुलिस ने छात्रों, कर्मचारियों तथा बाहरी लोगों सहित 20 लोगों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। विश्वविद्यालय ने घटना की जांच के लिए 6 सदस्यीय कमेटी का भी गठन किया है। विश्वविद्यालय ने इससे पहले ईशनिंदा करने की शिकायत को लेकर मशाल खान, अब्दुल्ला खान तथा जुबेर खान को निष्कासित कर दिया था।

मशाल खान ने पहले कहा था कि उसके फेसबुक अकाउंट को हैक किया गया और उसका दुरुपयोग किया गया। उसके कमरे में दीवार पर संदेश लिखा है, ‘अल्लाह महान है और पैगंबर मुहम्मद उनके बंदे हैं।’ खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री परवेज खट्टक ने कहा कि रिपोर्ट में इस बात का सबूत नहीं है कि छात्र ने ईशनिंदा की थी। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यक्ति को कानून अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी। वहीं, पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के अध्यक्ष इमरान खान ने ट्वीट किया, ‘मरदान में छात्र की निंदनीय हत्या के मामले को लेकर मैं गुरुवार रात से ही पुलिस महानिरीक्षक के संपर्क में हूं।’ पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के अध्यक्ष बिलावल भुट्टो जरदारी ने दोषियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। 

पाकिस्तान निवासी नोबेल पुरस्कार विजेता मलाला यूसुफजई ने शोक जताते हुए कहा है कि कुछ पाकिस्तानी इस्लाम द्वारा दिए गए शांति संदेशों को भूल गए हैं। उन्होंने कहा, ‘आपके देश या धर्म को कोई धूमिल नहीं कर रहा..हम खुद अपने देश और धर्म का नाम बदनाम कर रहे हैं।’ धार्मिक मामलों के मंत्री सरदार मोहम्मद यूसुफ ने कहा कि ईशनिंदा को माफ नहीं किया जा सकता, लेकिन कानून को अपने हाथ में लेने की इजाजत नहीं दी जाएगी।

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