नई दिल्ली/वॉशिंगटन: रिपब्लिकन पार्टी के उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने ऐतिहासिक जीत दर्ज करते हुए डेमोक्रेटिक की हिलेरी क्लिंटन को 218 के मुकाबले 276 वोटों से हरा दिया। अमेरिकी लोकतंत्र के 240 साल के इतिहास में यह सबसे कड़ा मुकाबला माना जा रहा था जहां अंत तक भी किसी की जीत की एकतरफा भविष्यवाणी करना मुश्किल लग रहा था लेकिन अंत में डोनाल्ड ट्रंप विजेता के रूप में उभरे।
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ट्रंप की यह जीत और हिलेरी की हार कई मायनों में चौंकाने वाली भी है। महिलाओं के खिलाफ अश्लील टिप्पणी के टेप सावर्जनिक होने और मुस्लिमों पर नस्लभेदी बयानों के कारण ट्रंप लगातार विवादों में घिरे हुए थे।
आखिर क्यों जीते ट्रंप और क्यों हुई हिलेरी की हार?
- कुछ मीडिया समूह और सेलिब्रिटी की तरफ से डोनाल्ड ट्रंप को लगातार दबाना,उन पर आरोप लगाना.. इसको लेकर लोगों के मन में उनके पक्ष में अंडर करंट रहा।
- जिस तरह ट्रंप ने आतंकवाद पर आक्रामक रवैया रखा वह भी जनता ने पसंद किया।
- वो किसी विशेष धर्म के खिलाफ रहे ..ऐसा मैं नहीं कहता लेकिन आतंकवाद के खिलाफ जिस तरह कट्टर और आक्रामक रहे हैं वह के पक्ष में गया।
- वहीं हिलेरी क्लिंटन को 2008 के चुनाव में ओबामा ने मिडिल इस्ट कनेक्शन को लेकर सवाल उठाया था तो कहीं न कहीं अमेरिकियों के जेहन में वह बात रही होगी।
- 8 साल का डेमोक्रेटिक शासन हिलेरी क्लिंटन के खिलाफ गया क्योंकि 8 साल में लोगों के मन में नकारात्मकता आ जाती है।
- हिलेरी अपने कैंपेन को उस लेवल तक नहीं ले जा पाई जिस लेवल तक डोनाल्ड ट्रंप लेकर गए।
- डोनाल्ड ट्रंप का कैंपेन सही दिशा में रहा..सही सवालों को उन्होंने उठाया और अंत तक यू टर्न नहीं लिया ऐसे में उनका व्यक्तित्व मजबूती से उभरा।
- चुनाव के समय पर जब कोई आरोप लगाए जाते हैं तो उस पर जनता ज्यादा भरोसा नहीं करती है और जनता उसको राजनीति से प्रेरित मानती हैं।
- स्विंग स्टेट्स का अमेरिकी चुनाव में बहुत अहम योगदान होता है। फ्लोरिडा जैसे स्टेट जिसने पिछले चुनाव में ओबामा को बढ़त दी थी वहां भी इस बार डोनाल्ड ट्रंप हावी रहे।
- भारतीय मूल के अमेरिकियों ने भी ट्रंप का साथ दिया क्योंकि वह आतंकवाद को लेकर कट्टा रहे और चीन पर भी उनका रवैया निर्णायक रहा।
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