दुबई: ब्रिटेन और अमेरिका ने यमन के हूती विद्रोहियों को निशाना बनाकर हवाई हमले किए हैं। अधिकारियों ने बुधवार को इन हमलों के बारे में जानकारी दी है। यह पहली बार है जब अमेरिका के नए अभियान 'ऑपरेशन रफ राइडर' में ब्रिटेन की सेना ने सक्रिय भागीदारी की है। यह अभियान 15 मार्च से जारी है, जिसके तहत अब तक 800 से अधिक हमले किए जा चुके हैं।
इस वजह से रात में किया गया हमला
ब्रिटेन के रक्षा मंत्रालय के अनुसार, यह हमला यमन की राजधानी सना के दक्षिण में स्थित इमारतों पर किया गया, जहां हूती विद्रोही ड्रोन तैयार करते थे। इन ड्रोन का इस्तेमाल लाल सागर और अदन की खाड़ी में हवाई हमला करने के लिए किया जाता था। मंत्रालय ने बताया कि हमला रात के अंधेरे में किया गया ताकि आम नागरिकों की मौजूदगी की आशंका कम रहे। हालांकि, ब्रिटेन ने अभी तक इस हमले में हुई क्षति या संभावित हताहतों की जानकारी नहीं दी है।
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कौन हैं हूति?
इस बीच यहां यह भी बता दें कि, हूती यमन के अल्पसंख्यक शिया समुदाय का एक हथियारबंद समूह है। इस समुदाय ने 1990 के दशक में तत्कालीन राष्ट्रपति अली अब्दुल्लाह सालेह के कथित भ्रष्टाचार से लड़ने के लिए इस समूह का गठन किया था। इसका नाम संस्थापक हुसैन अल हूती के नाम पर पड़ा है। हूती खुद को ईरान समर्थक बता चुके हैं। हूतियों की ओर से भी अमेरिका को बड़ा नुकसान पहुंचाया गया है। यमन में हूती विद्रोहियों ने छह सप्ताह से भी कम समय के भीतर अमेरिका के सात रीपर ड्रोन पर हमला कर उन्हें गिरा दिया है। (एपी)
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