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चीन ने समंदर में उतारा अपना ब्रह्मास्त्र, बेहद उन्नत एयरक्राफ्ट कैरियर को बेड़े में किया शामिल

चीन अपनी नौसेना को लगातार मजबूत बनाने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है। चीन ने अब समंदर में एक और एयरक्राफ्ट कैरियर को उतार दिया है। चीन का ये नया विमानवाहक पोत बेहद एडवांस है।

China Aircraft Carrier Fujian- India TV Hindi
Image Source : AP China Aircraft Carrier Fujian

China Aircraft Carrier Fujian: चीन ने अपने नवीनतम विमानवाहक पोत को व्यापक समुद्री परीक्षणों के बाद आधिकारिक रूप से बेड़े में शामिल कर लिया है। सरकारी मीडिया ने शुक्रवार को इस बारे में जानकारी दी है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह नया पोत दुनिया की सबसे बड़ी नौसेना को अपनी समुद्री सीमाओं से भी आगे अपनी शक्ति को बढ़ाने में मदद करेगा। इस विमानवाहक पोत से चीन की समुद्री शक्ति में भारी इजाफा होगा। 

समारोह में शामिल हुए शी जिनपिंग

सरकारी समाचार एजेंसी ‘शिन्हुआ’ ने शुक्रवार को बताया कि फुजियान नाम के इस विमानवाहक पोत को बुधवार को हैनान द्वीप के सान्या बंदरगाह पर एक समारोह में सेवा में शामिल किया गया, जिसमें चीन के शीर्ष नेता शी जिनपिंग ने भाग लिया। फुजियान चीन का तीसरा विमानवाहक और पहला ऐसा पोत है जिसे पूरी तरह चीन ने खुद डिजाइन और निर्मित किया है। यह विमानवाहक पोत अब तक शी जिनपिंग के नेतृत्व में चल रहे चीन के व्यापक सैन्य आधुनिकीकरण और विस्तार अभियान का सबसे स्पष्ट उदाहरण माना जा रहा है। 

क्या है चीन का प्लान?

शी जिनपिंग का लक्ष्य है कि चीन की सेना 2035 तक पूरी तरह आधुनिक और सदी के मध्य तक विश्व स्तरीय बन जाए। अधिकांश विश्लेषक मानते हैं कि इसका मतलब है कि चीन ऐसी सैन्य क्षमता हासिल करना चाहता है जो अमेरिका की सेना के बराबर हो। इसके साथ ही बीजिंग ने अमेरिकी नौसेना और उसके विशाल विमानवाहक पोत बेड़े, वैश्विक सैन्य ठिकानों के नेटवर्क के साथ अपनी सैन्य शक्ति के अंतर को थोड़ा और कम करने की दिशा में एक और कदम बढ़ाया है।

Image Source : apChina Aircraft Carrier Fujian

फुजियान है चीन का सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत

फुजियान को चीन का अब तक का सबसे आधुनिक विमानवाहक पोत माना जा रहा है। इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक एयरक्राफ्ट लॉन्च सिस्टम (EMALS) लगा है, जो अमेरिका के USS जेराल्ड आर. फोर्ड विमानवाहक में इस्तेमाल होता है। यह तकनीक विमानों को तेजी और सटीकता से उड़ान भरने और उतरने में मदद करती है।

कैसा होगा चीन का चौथा विमानवाहक?

रिपोर्ट के मुताबिक, चीन का चौथा विमानवाहक पोत और भी ताकतवर हो सकता है। माना जा रहा है कि यह परमाणु शक्ति से चल सकता है। परमाणु शक्ति से चलने वाले जहाज ज्यादा समय तक समुद्र में रह सकते हैं और आधुनिक सिस्टम चलाने के लिए ज्यादा ऊर्जा दे सकते हैं। एक्सपर्ट्स का कहना है कि अमेरिका के साथ बढ़ते तनाव की वजह से चीन अपनी नौसेना को और मजबूत करना चाहता है। ज्यादा विमानवाहक पोत होने से चीन वैश्विक समुद्री रास्तों में अपनी मौजूदगी बढ़ा सकता है। ये जहाज ना सिर्फ युद्ध में अहम भूमिका निभाते हैं, बल्कि किसी देश की समुद्री ताकत को भी दर्शाते हैं। (एपी)

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