तेल अवीव: इजरायली सेना (IDF) ने दावा किया है कि उसने हमास के मिलिट्री विंग के कमांडर मुहम्मद हमद मुहम्मद गबैन को मार गिराया है। इजरायली सेना के मुताबिक गबैन गाजा में हमास की कैद में रखे गए कई इजरायली बंधकों की निगरानी और उन्हें बंधक बनाए रखने में शामिल था। इजरायली सेना ने दावा किया कि गबैन की निगरानी में रहे बंधकों में जिव बरमैन, गाली बरमैन, ईटन मोर, लिरी अलबाग, अगम बर्जर, मटन एंग्रेस्ट, ओमरी मिरान, कीथ सीगल और एलोन ओहेल शामिल थे।
इजरायली सेना के मुताबिक हाल के दिनों में हमास के मिलिट्री विंग के कमांडर गबैन ने गाजा में इजरायली सेना के जवानों और इजरायली नागरिकों के खिलाफ हमलों को आगे बढ़ाने के लिए काम किया था। सेना ने यह भी आरोप लगाया कि वह हमास की सैन्य क्षमताओं को दोबारा मजबूत करने की कोशिश कर रहा था।
युद्धविराम का उल्लंघन करने में शामिल था
इजरायली सेना ने दावा किया है कि आतंकी गबैन की गतिविधियां लागू युद्धविराम का उल्लंघन कर रही थीं। सेना के मुताबिक, उससे इलाके में सुरक्षा और शांति को खतरा था इसलिए खतरे को समाप्त करने के उद्देश्य से उसे निशाना बनाया गया। इजरायल और हमास के बीच युद्धविराम के बावजूद गाजा में दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं। इजरायल लगातार हमास पर युद्धविराम की शर्तों का उल्लंघन करने और अपनी सैन्य क्षमताओं को फिर से मजबूत करने का आरोप लगाता रहा है। वहीं, हमास और अन्य फिलिस्तीनी समूह इजरायली सैन्य कार्रवाई पर सवाल उठाते रहे हैं।
गाजा में नरसंहार का आरोप सदी का सबसे बड़ा झूठ: नेतन्याहू
बता दें कि इजरायल की सेना ने यह एक्शन ऐसे समय में लिया है जब प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने बृहस्पतिवार को दुनियाभर के नेताओं के सामने दिए आक्रामक भाषण में इजरायल पर गाजा में नरसंहार करने के आरोपों को "सदी का सबसे बड़ा झूठ" बताया था। नेतन्याहू ने ईरान के खिलाफ युद्ध छेड़ने के इजरायल के अधिकार का भी पुरजोर बचाव किया और कहा कि इस इस्लामिक देश पर हमला करना उनके द्वारा लिए गए ''सबसे आसान फैसलों में से एक" था।
बॉयकाट करनेवालों को नैतिक रूप से कायर बताया था
उन्होंने संयुक्त राष्ट्र महासभा में अपने संबोधन के लिए मंच पर पहुंचते ही सदन से बाहर निकले प्रतिनिधियों को "नैतिक रूप से कायर" करार दिया था। उन्होंने कहा, "इजराइल अपनी रक्षा करते हुए उन कई देशों की भी रक्षा कर रहा है, जिनके प्रतिनिधि अभी इस सदन से बाहर चले गए। मैं चाहता हूं कि आप यह भी जानें कि इनमें से कई देशों के नेता ईरान के परमाणु ठिकानों को नष्ट करने के लिए निजी तौर पर हमें धन्यवाद देते हैं।"
नेतन्याहू के मंच की ओर बढ़ते ही सदन में उनके समर्थन और विरोध में नारे लगने लगे और बड़ी संख्या में प्रतिनिधि बाहर निकल गए। इसके बाद महासभा की अधिकांश सीटें खाली नजर आईं। महासभा के अध्यक्ष खलील उर रहमान ने बार-बार कहा, "कृपया सदन में व्यवस्था बनाए रखें।" नेतन्याहू ने कहा, "अगर कोई और नैतिक रूप से कायर व्यक्ति अभी इस सदन में मौजूद है, तो वह भी कृपया बाहर चला जाए।"
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