1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. अस्पताल के मलबे से निकाले गए थे मुज्तबा खामेनेई, रिपोर्ट का दावा- तीन अस्पतालों पर हुई थी बमबारी

अस्पताल के मलबे से निकाले गए थे मुज्तबा खामेनेई, रिपोर्ट का दावा- तीन अस्पतालों पर हुई थी बमबारी

 Written By: Amar Deep
 Published : Sep 27, 2026 01:53 pm IST,  Updated : Sep 27, 2026 01:56 pm IST

एक रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिकी हमले के बाद मुज्तबा खामेनेई को अस्पताल के मलबे से बाहर निकाला गया था। वह हमले में बुरी तरह से घायल हो गए थे। अमरेिका ने तीन अस्पतालों पर हमला किया था, जिसमें से तीसरे में वह मौजूद थे।

मुज्तबा खामेनेई।- India TV Hindi
मुज्तबा खामेनेई। Image Source : X/MKHAMENEI_IR

'न्यूयॉर्क पोस्ट' की रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान के सुप्रीम लीडर मुज्तबा खामेनेई को तेहरान के एक अस्पताल के मलबे से बाहर निकाला गया। यह अस्पताल उस समय अमेरिकी और इजरायली हमलों का शिकार बना, जब उन्हें पहले हुए हमलों के बाद वहां इलाज के लिए ले जाया गया था। न्यूज रिपोर्ट के अनुसार, ईरान की 'असेंबली ऑफ एक्सपर्ट्स' के सदस्य मोहसेन हैदरी ने गुरुवार (स्थानीय समय) को कतरी टेलीविजन नेटवर्क 'अल अरबी' को दिए एक इंटरव्यू में यह खुलासा किया।

तीन अस्पतालों पर हुई थी बमबारी

'न्यूयॉर्क पोस्ट' के मुताबिक, हैदरी ने कहा, "घायल होने और अस्पताल ले जाए जाने के बाद भी तेहरान के तीन अस्पतालों पर बमबारी की गई।" उन्होंने आगे कहा, "मुज्तबा खामेनेई तीसरे अस्पताल में थे और उन्हें मलबे से बाहर निकाला गया।" 'न्यूयॉर्क पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, इसके बाद 56 वर्षीय मुज्तबा खामेनेई किसी अज्ञात जगह पर चले गए और तब से उन्हें न तो सार्वजनिक रूप से देखा गया है और न ही उनके बारे में कोई खबर मिली है। 

न्यूज रिपोर्ट के मुताबिक, हैदरी ने उस प्रक्रिया के बारे में भी बात की, जिसके तहत 8 मार्च को मुज्तबा खामेनेई को ईरान का नया सुप्रीम लीडर चुना गया था। उन्होंने कहा कि ऐसा लगता है कि मुज्तबा खामेनेई को तब तक यह पता नहीं था कि उन्हें चुना गया है, जब तक कि ईरानी सरकारी टेलीविजन पर इसकी घोषणा नहीं की गई। 'असेंबली ऑफ़ एक्सपर्ट्स', जिसे ईरान का सुप्रीम लीडर चुनने की जिम्मेदारी सौंपी गई है, उसे भी कथित तौर पर हमलों के दौरान निशाना बनाया गया। 

सचिवालय पर हमले में आठ की मौत

'न्यूयॉर्क पोस्ट' की रिपोर्ट के अनुसार, इसके 'कोम' (Qom) स्थित सचिवालय पर बमबारी की गई, जिसमें आठ लोग मारे गए और नए सुप्रीम लीडर के चयन से संबंधित रिपोर्ट और सिफारिशें नष्ट हो गईं। हैदरी ने बताया कि चयन प्रक्रिया के लिए एक गुप्त कमरे में बुलाए जाने से पहले असेंबली के सदस्यों ने अपने वोट कागज पर लिखे थे। उन्होंने याद करते हुए बताया कि वे पहले सदस्य थे जिन्होंने मुज्तबा खामेनेई का नाम सुझाया था।

न्यूज़ रिपोर्ट के अनुसार, हैदरी ने कहा, "दुश्मन की स्थिति को देखते हुए, हम अयातुल्ला मुज्तबा खामेनेई के अलावा किसी और को इस्लामिक रिपब्लिक का नेता और सर्वोच्च मार्गदर्शक नहीं चुनेंगे।" उन्होंने कहा, "हमें जानकारी मिली कि मुज्तबा खामेनेई स्वस्थ हैं और नेतृत्व करने में सक्षम हैं, और हमने तय किया कि वे देश को संभालने के लिए धार्मिक योग्यता, न्याय और क्षमता की जरूरतों को पूरा करते हैं।"

मुज्तबा को 59 में से मिले थे 50 वोट

न्यूयॉर्क पोस्ट की रिपोर्ट के अनुसार, बैठक के दौरान मुज्तबा खामेनेई को 59 में से 50 वोट मिले, जबकि आठ सदस्यों ने अयातुल्ला अलीरेजा अराफ़ी के पक्ष में वोट दिया और एक सदस्य ने वोट नहीं दिया। हैदरी ने मुज्तबा खामेनेई को "परछाई में रहने वाला व्यक्ति" भी कहा, और बताया कि सर्वोच्च नेता बनने से पहले उन्होंने ईरानी सरकार में कोई राजनीतिक पद नहीं संभाला था, हालांकि खबरों के अनुसार उन्होंने अपने पिता के सलाहकार के तौर पर काम किया था।

न्यूयॉर्क पोस्ट ने यह भी बताया कि पहले हुए हमलों के बाद मुज्तबा खामेनेई की हालत को लेकर अटकलें लगाई जा रही थीं। अमेरिकी खुफिया रिपोर्टों में कहा गया था कि हमलों में वे बुरी तरह घायल हो गए थे। पिछले महीने, अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि उन्हें विश्वास है कि ईरानी सर्वोच्च नेता मुज्तबा खामेनेई अभी भी जीवित हैं, हालांकि चल रहे सैन्य अभियानों के दौरान उन्हें गंभीर चोटें आई थीं, क्योंकि ईरानी नेता के सार्वजनिक रूप से सामने न आने को लेकर रहस्य बना हुआ है। (इनपुट- ANI)

यह भी पढ़ें-

नेपाल में तिब्बत सीमा के पास हुआ हिमस्खलन, 10 लोग लापता; खराब मौसम से कई सड़कें बाधित

Advertisement

India TV हिंदी न्यूज़ के साथ रहें हर दिन अपडेट, पाएं देश और दुनिया की हर बड़ी खबर। US से जुड़ी लेटेस्ट खबरों के लिए अभी विज़िट करें विदेश।