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'हमारी रक्षा नीति स्पष्ट है, आंख के बदले आंख लेंगे', ईरान ने अमेरिका को दी कड़ी चेतावनी

मध्य पूर्व में तनाव बढ़ने के बीच ईरान ने अमेरिका और सहयोगी देशों को चेतावनी दी कि किसी भी हमले का 'आंख के बदले आंख' की नीति के मुताबिक निर्णायक जवाब दिया जाएगा। वहीं, ट्रंप भी लगातार ईरान पर हमले की धमकी दे रहे हैं।

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Image Source : AP ईरान के दिवंगत सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई की तनी हुई मुट्ठी दिखाता एक स्मारक।

Highlights

  • ईरान बोला, किसी भी हमले का जवाब 'आंख के बदले आंख' की नीति से देंगे।
  • होर्मुज पर ईरान सख्त, तेल निर्यात रोकने और जवाबी कार्रवाई की चेतावनी दी।
  • ट्रंप बोले, अभियान जारी रहेगा, अमेरिका की जनता लड़ाई का सपोर्ट कर रही है।

तेहरान: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच ईरान ने अमेरिका और उसके सहयोगी देशों को कड़ी चेतावनी दी है। ईरान ने साफ-साफ कहा है कि उसके खिलाफ किसी भी तरह की सैन्य कार्रवाई की गई या उसके किसी भी बुनियादी ढांचे पर हमला किया गया तो उसका 'शक्तिशाली और निर्णायक जवाब' दिया जाएगा। ईरान के विदेश मंत्री सैयद अब्बास अरागची ने X पर लिखा कि ईरान की रक्षा नीति बिल्कुल स्पष्ट है, 'आंख के बदले आंख।' उन्होंने कहा कि यदि हमले में अमेरिका का किसी भी प्रकार का सहयोग करने वाले देशों को भी वैध निशाना माना जाएगा और उन्हें भी करारा जवाब मिलेगा।

'या तो सब सुरक्षित रहेंगे या कोई नहीं'

वहीं, ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बगैर गालिबफ ने भी कड़ा रुख अपनाते हुए कहा कि इस युद्ध का समीकरण साफ है, 'या तो सब सुरक्षित रहेंगे या कोई नहीं।' उन्होंने कहा कि अगर ईरान अपना तेल नहीं बेच पाएगा तो क्षेत्र का कोई भी देश तेल नहीं बेच सकेगा। उन्होंने कहा कि यदि ईरान की सुरक्षा सुनिश्चित नहीं की गई तो क्षेत्र का कोई भी बुनियादी ढांचा सुरक्षित नहीं रहेगा। गालिबफ ने यह भी कहा कि 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' की सुरक्षा तभी संभव है जब वहां अमेरिकी सेना मौजूद न हो। उन्होंने दोहराया कि युद्ध से पहले जैसी स्थिति अब होर्मुज में वापस नहीं आएगी।

'होर्मुज से गुजरना है तो नियम मानने होंगे'

इस बीच, ईरान के सरकारी प्रसारक प्रेस टीवी के मुताबिक, ईरान के खातम अल-अंबिया सेंट्रल हेडक्वॉर्टर ने कहा है कि होर्मुज जलडमरूमध्य अभी भी बंद है। उसने कहा है कि यदि किसी जहाज को वहां से गुजरना है तो उसे केवल निर्धारित मार्ग और पहले से तय नियमों का पालन करना होगा। हेडक्वॉर्टर ने यह भी चेतावनी दी कि यदि अमेरिका ने ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला किया तो ईरान की सेनाएं क्षेत्र से एक बूंद तेल भी निर्यात नहीं होने देंगी। बयान में कहा गया कि अमेरिका और उसकी सेना की बार-बार दी जा रही धमकियां केवल युद्ध को पूरे क्षेत्र और उससे आगे तक फैलाने का कारण बनेंगी।

'अमेरिका की जनता जंग के खिलाफ नहीं'

उधर, अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बुधवार को पत्रकारों से बातचीत में कहा कि अमेरिकी जनता अभी भी इस ईरान के साथ जारी लड़ाई के समर्थन में है। उन्होंने कहा कि लोगों की चिंता युद्ध नहीं, बल्कि बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर है। ट्रंप ने ईरान का जिक्र करते हुए कहा, 'उन्हें इसकी बड़ी कीमत चुकानी पड़ेगी। वे बुरी तरह कमजोर हो रहे हैं।' जब उनसे पूछा गया कि अमेरिकी सैनिकों की लगातार हो रही मौतों के बीच क्या जनता अमेरिका-इजरायल के संयुक्त सैन्य अभियान का समर्थन कर रही है, तो ट्रंप ने जवाब दिया,

'अमेरिका की जनता इस युद्ध के खिलाफ नहीं है।'

लड़ाई को खत्म करने के मूड में नहीं है अमेरिका

इससे पहले ट्रंप ने सोशल मीडिया पर ईरान को चेतावनी देते हुए कहा था कि यदि ईरान ने होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने वाले किसी भी व्यावसायिक जहाज पर मिसाइल, रॉकेट, ड्रोन या किसी अन्य हथियार से हमला किया, तो अमेरिका उसके जवाब में ईरान के एक पुल या एक बिजलीघर को बमबारी कर नष्ट कर देगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि अमेरिका फिलहाल लड़ाई को खत्म करने के मूड में नहीं है। उन्होंने कहा,

'हमारी लड़ाई अभी खत्म नहीं हुई है, हम अभी वहां से नहीं जा रहे हैं।'

बता दें कि यह तनाव होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास जारी संघर्ष के बीच बढ़ा है। ईरान द्वारा कमर्शियल जहाजों की आवाजाही पर फिर से रोक लगाने के कारण वैश्विक स्तर पर तेल की आपूर्ति प्रभावित हुई है। इसका असर अंतरराष्ट्रीय बाजार में भी दिखा है और ब्रेंट क्रूड के दाम तेजी से बढ़े हैं। इससे अमेरिका में ईंधन की कीमतों पर भी दबाव बढ़ गया है।

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