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इजरायल ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किया हमला, Iran ने ड्रोन दागे, जॉर्डन में बजे सायरन

एक तरफ जहां इजरायल ने ईरान में अटैक किया है तो वहीं दूसरी तरफ ईरान ने भी पलटवार शुरू कर दिया है। ईरान की ओर से किए गए पलटवार के बीच जॉर्डन की राजधानी अम्मान में हवाई हमले के सायरन बजे हैं।

Israel Iran War Jordan air space (सांकेतिक तस्वीर)- India TV Hindi
Image Source : AP Israel Iran War Jordan air space (सांकेतिक तस्वीर)

दुबई: इजरायल की ओर से किए हमलों के बाद ईरान ने भी पलटवार किया है। ईरानी हमलों के दौरान जॉर्डन की राजधानी अम्मान में हवाई हमले के सायरन बजे हैं। जॉर्डन की सरकारी मीडिया का कहना है कि ईरानी हमलों के दौरान जॉर्डन की वायुसेना अपने हवाई क्षेत्र में मिसाइलों और ड्रोन को रोक रही है। इस बीच जॉर्डन के नागरिक उड्डयन प्राधिकरण ने कहा कि देश का हवाई क्षेत्र सभी उड़ानों के लिए बंद रहेगा। ‘जॉर्डन समाचार एजेंसी’ ने कहा कि क्षेत्र में बढ़ते तनाव को देखते हुए यह कदम उठाया गया है।

जॉर्डन की सेना कर रही है काम

जॉर्डन की सरकारी मीडिया ने एक शीर्ष सैन्य अधिकारी के हवाले से कहा कि सैन्य आकलन था कि मिसाइल और ड्रोन जॉर्डन के क्षेत्र में गिर सकते हैं जिसमें आबादी वाले क्षेत्र भी शामिल हैं। खबर में कहा गया कि इससे नागरिक सुरक्षा के लिए संभावित खतरा पैदा हो सकता था और इसी के मद्देनजर यह कदम उठाया गया है। अधिकारी ने कहा, ''जॉर्डन की सेना देश की सीमाओं की रक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। किसी भी हाल में जॉर्डन के हवाई क्षेत्र का उल्लंघन नहीं होने देंगे।''

इजरायली सेना ने क्या कहा?

इजरायली सेना ने भी कहा कि वह इजरायली क्षेत्र के बाहर ड्रोन को रोक रही है। स्थिति की संवेदनशीलता के कारण नाम ना बताने की शर्त पर इराक के दो सुरक्षा अधिकारियों ने कहा कि ईरान से इजरायल की ओर दागे गए 100 से अधिक ड्रोन को इराकी हवाई क्षेत्र को पार करते हुए ट्रैक किया गया था। ईरान की सीमा से लगे इराक के दियाला प्रांत के निवासियों ने कहा कि उन्होंने ईरान से दागे गए ड्रोन को इजरायल की ओर जाते देखा है।

यह भी जानें

बता दें कि, बता दें कि, जॉर्डन को अमेरिका का नजदीकी सहयोगी माना जाता है। इजरायल के साथ जॉर्डन के संबंधों में बेहतरी 1990 के दशक में तब आई जब दोनों देशों के बीच अमेरिकी मध्यस्थता में समझौता हो पाया था। जॉर्डन ने पहले ही एक बयान में कहा था कि उसकी सेना अपनी रक्षा के लिए भविष्य में भी किसी भी देश की ओर से किए गए हमले को रोकेगी और अपने देश, नागरिकों, अपनी वायु सीमा और क्षेत्र की सुरक्षा करेगी।

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