दुबई: ईरान ने बुधवार को जॉर्डन पर मिसाइल हमला किया जिसके बाद मध्य पूर्व में तनाव एक बार फिर काफी ज्यादा बढ़ गया है। । जॉर्डन के बंदरगाह शहर अकाबा में अचानक मिसाइल हमले की चेतावनी देने वाले सायरन बज उठे। जॉर्डन की सेना ने बताया कि उसने ईरान की ओर से दागी गई 4 मिसाइलों को हवा में ही मार गिराया, जबकि 2 मिसाइलें निर्जन क्षेत्रों में जाकर गिरीं। अकाबा के ऊपर धुएं के गुबार भी दिखाई दिए, जिनके वीडियो पास के इजरायली शहर इलात से भी सामने आए हैं। वहीं, 'द वॉल स्ट्रीट जर्नल' की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि ईरान के पास अब भी बड़ी मात्रा में मिसाइल क्षमता मौजूद है।
अमेरिका ने ईरान पर लगातार 11वें दिन किया हमला
बता दें कि यह हमला ऐसे समय हुआ है, जब अंतरिम युद्धविराम पहले ही टूट चुका है और नई सहमति बनने की संभावना फिलहाल साफ नहीं है। इस बीच अमेरिकी सेना ने बताया कि उसने बुधवार को लगातार 11वीं रात ईरान के सैन्य ठिकानों पर हमले किए। ईरान की राजधानी तेहरान के आसपास एयर डिफेंस सिस्टम सक्रिय कर दिए गए। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, बुशेहर, पूर्वी अजरबैजान, हमदान, होर्मोजगान, खुजेस्तान और सिस्तान-बलूचिस्तान प्रांतों में भी विस्फोट हुए। अमेरिका ने कहा कि उसके हमलों का निशाना विमान हैंगर और ड्रोन भंडारण केंद्र रहे।
ईरान ने अमेरिका के सहयोगी देशों पर बोला धावा
एक दिन पहले ईरान ने 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' में एक तेल टैंकर पर हमला किया था, जिसके बाद जहाज के क्रू को उसे छोड़ना पड़ा। ईरान ने क्षेत्र में अमेरिका के सहयोगी देशों पर भी हमले जारी रखे और बहरीन, जॉर्डन तथा कुवैत को भी निशाना बनाया। इन हमलों से पहले ईरान के गृह मंत्री एस्कंदर मोमेनी पाकिस्तान पहुंचे थे। पाकिस्तान इस संघर्ष में मध्यस्थ की भूमिका निभा रहा है और कूटनीतिक समाधान तलाशने की कोशिश कर रहा है। हालांकि अब तक यह साफ नहीं है कि युद्ध समाप्त करने के लिए किस तरह का नया समझौता हो सकता है।
'ईरान के पास अब भी हैं काफी बैलिस्टिक मिसाइलें'
वहीं, द वॉल स्ट्रीट जर्नल यानी कि WSJ की एक रिपोर्ट में कहा गया है कि कई सप्ताह तक अमेरिका और इजरायल की ओर से किए गए हमलों के बावजूद ईरान के पास अब भी बड़ी संख्या में बैलिस्टिक मिसाइलें और ड्रोन मौजूद हैं। हलचल मचाने वाली इस रिपोर्ट के मुताबिक, हालिया हमलों से संकेत मिलता है कि ईरान ने अपने हथियार कार्यक्रम के कुछ हिस्सों को फिर से एक्टिव कर लिया है और वह अब भी अमेरिका और उसके सहयोगी देशों के लिए खतरा बना हुआ है। लगातार बमबारी के बावजूद ईरान ने कुछ अंडरग्राउंड सुरंगों के प्रवेश द्वार दोबारा खोल दिए हैं, वहां तक जाने वाली सड़कों की मरम्मत कर ली है और कुछ ठिकानों से फिर मिसाइल संचालन शुरू कर दिया है।
बैलिस्टिक मिसाइल हमले में मारे गए अमेरिकी सैनिक?
रिपोर्ट में सैन्य विशेषज्ञों के हवाले से कहा गया है कि जॉर्डन स्थित मुवाफ्फाक सल्ती एयर बेस पर हुआ हालिया हमला, जिसमें 3 अमेरिकी सैनिकों की मौत हुई थी, शायद ईरान की सबसे उन्नत मध्यम दूरी की खैबर शिकन बैलिस्टिक मिसाइल से किया गया था। यह मिसाइल उन हथियार प्रणालियों में शामिल थी, जिन्हें इस वर्ष मार्च और अप्रैल में अमेरिका तथा इजरायल ने भूमिगत ठिकानों पर हमलों के दौरान निशाना बनाया था। इससे यह साफ होता है कि ईरान की सैन्य क्षमता पूरी तरह खत्म नहीं हुई है और अमेरिका के लिए यह अब भी बड़ी चुनौती बनी हुई है। (AP और ANI की रिपोर्ट के मुताबिक)
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