जॉर्डन में ईरान द्वारा किए गए हमले में अमेरिकी सैनिकों की मौत के बाद अमेरिका और ईरान के बीच तनाव खतरनाक स्तर पर पहुंच गया है। अमेरिकी सेना ने लगातार आठवीं रात ईरान से के सैन्य ठिकानों पर बड़े पैमाने पर एयर स्ट्राकइक कर तबाही मचाई है। अमेरिकी सेंट्रल कमांड (CENTCOM) के मुताबिक इन हमलों का उद्देश्य जॉर्डन में अमेरिकी सैनिकों पर हुए हमले के लिए जिम्मेदार ईरानी फोर्स को सजा देना था।
सैन्य ठिकानों और परमाणु परियोजना को बनाया निशाना
अमेरिका ने तटीय निगरानी केंद्रों, एयर डिफेंस सिस्टम, मिसाइल भंडारण स्थलों और निर्माणाधीन डार्खोविन परमाणु ऊर्जा परियोजना को निशाना बनाया। वहीं ईरान के परमाणु ऊर्जा संगठन ने अमेरिका के इस हमले को अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन और आक्रामक कार्रवाई बताया।
ट्रंप ने दी कड़ी कार्रवाई की चेतावनी
इससे पहले अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिकी सैनिकों की मौत को "बेहद दुखद" बताते हुए कहा कि इस हमले का ईरान को "तुरंत और कड़ा जवाब" दिया जाएगा। CENTCOM के अनुसार, ताजा हमलों में ईरान की वायु रक्षा प्रणाली, तटीय सैन्य ठिकानों, मिसाइल और ड्रोन भंडारण केंद्रों को निशाना बनाया गया। ईरानी सरकारी मीडिया ने बंदर अब्बास और क़ेश्म द्वीप पर कई विस्फोटों की पुष्टि की है।
ईरान का जवाबी हमला, अमेरिकी ठिकानों पर ड्रोन अटैक
वहीं अमेरिका के हमलों के कुछ ही घंटों बाद ईरान ने जवाबी कार्रवाई करते हुए कुवैत में मौजूद दो अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर ड्रोन हमले करने का दावा किया। ईरानी सेना के मुताबिक, कैंप उदैरी के गोला-बारूद डिपो और अली अल सलेम एयर बेस पर पैट्रियट रडार सिस्टम को निशाना बनाया गया।
उधर, बहरीन की सेना ने दावा किया कि उसने ईरान के कई ड्रोन और हवाई हमलों को नाकाम कर दिया है। जॉर्डन के अकाबा शहर की ओर बढ़ रही एक मिसाइल को भी इजरायल और जॉर्डन की एयर डिफेंस सिस्टम ने मार गिराया।
पूरे मध्य पूर्व में बढ़ा संघर्ष का दायरा
बता दें कि पिछले एक सप्ताह में ईरान और अमेरिका के बीच संघर्ष तेजी से बढ़ा है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज में जहाजों की आवाजाही पर सख्ती बढ़ाई जिसके बाद अमेरिका ने कई दौर की सैन्य कार्रवाई शुरू की। इस दौरान ईरान ने बहरीन, कुवैत, जॉर्डन और कतर की दिशा में मिसाइल और ड्रोन हमले किए, जबकि इन देशों ने अधिकांश हमलों को हवा में ही नष्ट करने का दावा किया।
ये भी पढ़ें
ईरान में नहीं हैं मुज्तबा खामेनेई? रिपोर्ट का दावा- 'तख्तापलट की चल रही साजिशें'