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ईरान के बाद अब क्यूबा पर आफत! अमेरिका ने लगा दिए नए प्रतिबंध, जानें क्या बताई वजह

 Written By: Vinay Trivedi
 Published : Sep 04, 2026 10:56 am IST,  Updated : Sep 04, 2026 11:22 am IST

अमेरिका की सरकार ने क्यूबा पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। इसका मकसद क्यूबा के ऊर्जा संकट को और गंभीर बनाना बताया जा रहा है। इस पर मार्को रुबियो ने कहा कि कास्त्रो के भ्रष्ट वित्तीय नेटवर्क को निशाना बनाया गया है।

US sanctions Cuba- India TV Hindi
अमेरिका ने क्यूबा को बड़ा झटका दिया है। Image Source : AP (फाइल फोटो)

अमेरिका ने अब क्यूबा को नई चोट दी है। अमेरिका ने पहले से कई समस्याओं से जूझ रहे क्यूबा की इकोनॉमी पर और प्रेशर बढ़ाने के प्रयास के तहत बीते गुरुवार को उस पर नए प्रतिबंध लगा दिए हैं। बता दें कि जिन लोगों और कंपनियों पर अमेरिकी की तरफ से प्रतिबंध लगाए गए हैं, उनमें क्यूबा के पूर्व राष्ट्रपति राउल कास्त्रो के पोते फिदेल अर्नेस्टो कास्त्रो और क्यूबा की ऑयल इंडस्ट्री सप्लाई इम्पोर्ट कंपनी 'अबापेट' भी शामिल हैं।

क्यूबा के ऊर्जा संकट को बड़ा करना चाहता है अमेरिका

जान लें कि यह कंपनी क्यूबा की जर्जर हो चुकी बिजली व्यवस्था को बनाए रखने के लिए जरूरी स्पेशलाइज्ड इक्विपमेंट और कलपुर्जों का इम्पोर्ट करती है। प्रतिबंध मामलों के एक्सपर्ट और परामर्श कंपनी 'ओब्सीडियन रिस्क एडवाइजर्स' के मैनेजिंग पार्टनर ब्रेट एरिकसन बोले कि इन प्रतिबंधों का मकसद क्यूबा की अहम मशीनों और उपकरणों के कामकाज को बाधित करना व उसके Energy Crisis को और बड़ा बनाना है।

क्यूबा में सत्ता परिवर्तन कराना चाहता है अमेरिका!

ब्रेट एरिकसन ने आगे कहा, ''अमेरिका क्यूबा पर ज्यादा से ज्यादा दबाव बढ़ाने का प्रयास कर रहा है।'' उन्होंने कहा कि अमेरिकी प्रशासन, क्यूबा में सत्ता परिवर्तन के अलावा किसी अन्य प्रेशर को स्वीकार करने को लेकर गंभीर नहीं दिखता और अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो क्यूबा को छोड़ेंगे नहीं।

प्रतिबंधों से बचने के रास्ते तलाशेगा क्यूबा

एरिकसन का अनुमान है कि क्यूबा की सरकार प्रतिबंधों से बचने के रास्ते तलाशेगी, ''क्योंकि उनके पास और कोई ऑप्शन नहीं है।'' उन्होंने आगे कहा कि वे रखरखाव के लिए आवश्यक इन एक्विपमेंट्स को हासिल करने के लिए नए तरीके तलाशेंगे। एरिकसन ने साथ ही आगाह किया कि यह ज्यादा महंगा ऑप्शन होगा, जिससे महंगाई बढ़ेगी और क्यूबा की इकोनॉमी को और नुकसान पहुंचेगा।

अमेरिका ने कास्त्रो के नेटवर्क को बनाया निशाना

इस बीच, अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने 'एक्स' पर लिखा, ''जिन लोगों और संस्थाओं पर प्रतिबंध लगाए गए हैं, वे ''कास्त्रो के भ्रष्ट वित्तीय और खुफिया नेटवर्क का हिस्सा हैं।'' रुबियो ने आगे लिखा, ''ट्रंप और मैं इस संकल्प पर अडिग हैं कि क्यूबा आजाद होगा।''

क्यूबा ने अमेरिका की सरकार को ठहराया जिम्मेदार

क्यूबा की मौजूदा परिस्थिति को लेकर पूछे जाने पर उप प्रधानमंत्री और विदेशी निवेश मंत्री ऑस्कर पेरेज-ओलिवा फ्रागा ने इसके लिए अमेरिका की सरकार को जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, मेक्सिको में क्यूबा के एंबेसडर यूजेनियो मार्टिनेज एनरिकेज ने प्रतिबंधों की निंदा की है। इससे पहले मई में डोनाल्ड ट्रंप ने कहा था कि क्यूबा विफल देश, इनके पास तेल नहीं, हम लोगों की मदद के लिए वहां हैं

(इनपुट- एपी)

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