1. Hindi News
  2. विदेश
  3. एशिया
  4. क्या होर्मुज में अमेरिका की मदद करेगा फ्रांस? इमैनुएल मैक्रों ने साफ कर दिया अपना रुख

क्या होर्मुज में अमेरिका की मदद करेगा फ्रांस? इमैनुएल मैक्रों ने साफ कर दिया अपना रुख

ईरान के खिलाफ जंग में NATO देशों से मदद न मिलने पर अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप भड़क उठे हैं। अब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने स्ट्रेट ऑफ होर्मुज को लेकर अपना रुख साफ कर दिया है।

Emmanuel Macron france Strait of Hormuz- India TV Hindi
Image Source : AP फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों।

अमेरिका, इजरायल और ईरान के बीच जारी युद्ध के 19वें दिन ड्रोन और मिसाइल अटैक का दौर जारी है। ईरान ने इराक में अमेरिकी दूतावास को टारगेट कर के हमला किया है। दूसरी ओर इजरायल की राजधानी तेल अवीव पर भी ईरान ने ताजा हमले किए हैं। इन सब के बीच अमेरिका के सबसे बड़ी टेंशन स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बना हुआ है। ईरान इस क्षेत्र में अमेरिका और उसके सहयोगियों के जहाजों को निशाना बना रहा है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने होर्मुज को सुरक्षित करने के लिए नाटो समेत कई अन्य देशों से मदद मांगी है। अब फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने इस अपील पर जवाब दिया है।

क्या बोले इमैनुएल मैक्रों?

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने मंगलवार को स्ट्रेट ऑफ होर्मुज के मुद्दे पर बात की। उन्होंने कहा कि फ्रांस होर्मुज को सुरक्षित बनाने में मदद देने के लिए तैयार है। हालांकि, ये मिशन मिडिल ईस्ट में जारी जंग से अलग होगा। बता दें कि अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में यूरोप के देशों से होर्मुज की खाड़ी में युद्धपोत भेजने की अपील की है। हालांकि, किसी भी देश ने तत्काल उनकी अपील पर हामी नहीं भरी है।

फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा- "हम इस जंग में शामिल नहीं हैं, इसलिए फ्रांस होर्मुज को फिर से खोलने या मुक्त कराने के अभियानों में कभी भाग नहीं लेगा।" राष्ट्रपति भवन में सुरक्षा बैठक से पहले इमैनुएल मैक्रों कहा है कि ईरान के साथ बातचीत करना और तनाव को कम करना जरूरी होगा और ये वर्तमान में जारी सैन्य अभियानों तथा बमबारी से पूरी तरह से अलग होना चाहिए। 

नाटो पर भड़क उठे ट्रंप

एक तरफ नाटो ने होर्मुज में ट्रंप की मदद से इनकार कर दिया है तो वहीं उनकी टीम में भी फूट पड़ गई है। अमेरिकी की काउंटर टेररिज्म चीफ जो केंट ने इस्तीफा दे दिया है। अपने इस्तीफे में जो कैंट ने कहा है कि ईरान कभी भी अमेरिका के लिए खतरा नहीं था। कैंट ने आरोप लगाया है कि इजरायल ने दबाव में ट्रंप इस जंग में शामिल हुए हैं और इससे अमेरिका फर्स्ट की पॉलिसी को बहुत बड़ा झटका लगा है। वहीं, जंग में शामिल होने से नाटो के इनकार के बाद ट्रंप गुस्से में हैं और उन्होंने कहा है कि वो नाटो के इस फैसले से खुश नहीं हैं। ट्रंप ने कहा कि हमें अब नाटो की जरूरत नहीं है। हम दूसरों की रक्षा में अरबो डॉलर खर्च करते हैं लेकिन जरूरत के वक़्त सहयोगी साथ नहीं दे रहे। (इनपुट: एपी)

ये भी पढ़ें- लारीजानी और सुलेमानी की मौत के बाद भड़का ईरान, इजरायल और खाड़ी देशों पर कर दी मिसाइलों की बौछार

क्या मुज्तबा खामेनेई रूस में करा रहे हैं इलाज? कुवैत के अखबार के दावे ईरानी राजदूत ने दिया ये जवाब

Latest World News