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ये है पाकिस्तान का हाल! कराची में बिजली कटौती के बीच पानी की कमी से मचा हाहाकार

पाकिस्तान के कराची में बिजली संकट के बीच पानी की समस्या ने लोगों की मुश्किलों में इजाफा कर दिया है। कराची जल एवं सीवरेज निगम ने बिजली कटौती के कारण पानी की संभावित कमी को लेकर चेतावनी दी है।

कराची में पानी की कमी- India TV Hindi
Image Source : ANI कराची में पानी की कमी

Pakistan Karachi Water Shortage: एक तरफ पाकिस्तान में भारी बारिश ने लोगों की मुसीबत बढ़ा दी है तो वहीं हालात ऐसे भी हैं लोगों को पीने तक का पानी बड़ी मुश्किल से मिल पा रहा है। यह हाल पाकिस्तान के किसी गांव या दूर दराज के इलाके का नहीं है। यह हाल पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कहे जाने वाले कराची शहर का है। एआरवाई न्यूज की रिपोर्ट के अनुसार कराची को 10 करोड़ गैलन पानी की भारी कमी का सामना करना पड़ सकता है। कराची जल एवं सीवरेज निगम (केडब्ल्यूएससी) ने बिजली कटौती के कारण पानी की संभावित कमी को लेकर पहले ही चेतावनी दे दी है।

कराची में क्यों होगी पानी की कमी?

कराची जल एवं सीवरेज निगम के प्रवक्ताओं के हवाले से, एआरवाई न्यूज ने बताया कि धाबेजी स्टेशन का रखरखाव सोमवार सुबह 10:00 बजे शुरू होगा जो शाम 7:00 बजे तक चलेगा। इस दौरान, धाबेजी पंपिंग स्टेशन के विभिन्न फीडरों की बिजली आपूर्ति आंशिक रूप से बंद रहेगी। बिजली आपूर्ति बाधित होने से पूरे शहर में पानी का वितरण सीधे तौर पर प्रभावित होगा।

पहले भी परेशान हो चुके हैं कराची के लोग

एआरवाई न्यूज के अनुसार, बिजली आपूर्ति बाधित होने से कराची के कई इलाकों में पानी की कमी होने की संभावना है। इससे पहले बीते महीने 29 जुलाई को इसी तरह की परेशानी के चलते ऐसी ही समस्या आई थी। तब भी कराची में पानी की भारी कमी हो गई थी और उस दौरान 8.5 करोड़ गैलन पानी की कमी के कारण शहर में हाहाकार मच गया था। 

जल आपूर्ति में ये भी है बड़ी समस्या

इस बीच यहां यह भी बता दें कि, कराची की मुख्य जल आपूर्ति लाइनों में रिसाव लगातार बड़ी समस्या रही है। 48 से 84 इंच वाली ये मुख्य लाइनें 1956 और 1971 के बीच बिछाई गई थीं। पुराने बुनियादी ढांचे के कारण ये पाइपलाइनें कई बार टूट जाती हैं जिसके चलते भी शहर की जल आपूर्ति बाधित होती है। 

'जल संकट की ओर बढ़ रहा है पाकिस्तान'

डॉन की रिपोर्ट के अनुसार, जलवायु परिवर्तन और जनसंख्या दबाव के कारण पाकिस्तान जल संकट की ओर बढ़ रहा है। डॉन के अनुसार, 1998 से 2004 के बीच, देश में भयंकर सूखा पड़ा, जिससे 30 लाख से अधिक लोग प्रभावित हुए था। फिर 2022 में, रिकॉर्ड मानसूनी बारिश ने विनाशकारी बाढ़ ला दी, जिससे देश का एक-तिहाई हिस्सा जलमग्न हो गया। 1700 से ज्यादा लोग मारे गए, लाखों लोग विस्थापित हुए और 30 अरब अमेरिकी डॉलर से अधिक का आर्थिक नुकसान हुआ। (एएनआई)

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