अबू धाबी: दुबई से तेल अवीव जा रही फ्लाईदुबई की फ्लाइट में बुधवार को कॉकपिट के अंदर पायलट पर चाकू से हमला हुआ था। घटना के बाद विमान को सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग करानी पड़ी। आरोप है कि सह-पायलट ने विमान को दुर्घटनाग्रस्त कराने की कोशिश के दौरान मुख्य पायलट पर हमला किया। मामले को गंभीरता से लेते हुए UAE के अभियोजक जनरल ने घटना की जांच के आदेश दिए हैं। जांच में हमले की पूरी परिस्थितियों और इसके पीछे की वजहों का पता लगाया जाएगा।
जांच में आतंकवादी साजिश का भी पता लगाएंगे
सरकारी समाचार एजेंसियों के मुताबिक, जांच में यह देखा जाएगा कि इस घटना का किसी आतंकवादी गतिविधि से संबंध था या नहीं। इसके अलावा जांचकर्ता यह भी पता लगाएंगे कि हमले की पहले से योजना बनाई गई थी या किसी व्यक्ति अथवा संगठन ने इसके लिए निर्देश दिए थे। UAE अधिकारियों ने बताया कि विमान UAE में रजिस्टर्ड है और उसी के झंडे के तहत उड़ान भरता है। इसलिए UAE के कानून के तहत विमान में हुए अपराध की जांच का अधिकार UAE न्यायिक अधिकारियों के पास है।
देश के बाहर उड़ रहे विमान पर भी कानून लागू
UAE के अधिकारियों ने कहा कि राष्ट्रीय कानून के अनुसार, विमान में अपराध होने पर उनके देश का ही कानून लागू होता है, भले ही घटना देश की सीमा के बाहर हुई हो। इसी कानूनी आधार पर मामले की जांच UAE के अधिकार क्षेत्र में की जा रही है। फिलहाल घटना से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। खास तौर पर हमले के मकसद और किसी संभावित बाहरी कनेक्शन का पता लगाने पर ध्यान दिया जा रहा है।
'ईरान के रोल पर कुछ कहना अभी जल्दबाजी'
इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने भी इस घटना पर प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि इस घटना में ईरान की कोई भूमिका थी या नहीं। फॉक्स न्यूज को दिए इंटरव्यू में नेतन्याहू से जब पूछा गया कि क्या हमले के पीछे ईरान का हाथ हो सकता है, तो उन्होंने कहा,
'यह कहना अभी बहुत जल्दबाजी होगी। घटना में शामिल हमलावर पायलट की सऊदी अरब में जांच की जा रही है।'
जांच के बाद आरोपी को UAE लाया जा सकता है
नेतन्याहू ने कहा कि हमले में शामिल पायलट को फिलहाल सऊदी अरब में हिरासत में लेकर जांच की जा रही है और उसे आगे UAE ले जाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि इजरायल इस जांच पर नजर रखेगा और जरूरत पड़ने पर जांच में शामिल भी हो सकता है। इस पूरे मामले में अभी जांच एजेंसियां घटना के कारण, हमले की योजना और संभावित कनेक्शन से जुड़े सवालों के जवाब तलाश रही हैं।
नेतन्याहू ने किया भारतीय पायलट के रोल का जिक्र
नेतन्याहू ने इस घटना को बेहद गंभीर बताते हुए कहा कि एक बहादुर भारतीय पायलट और सतर्क यात्रियों की वजह से बड़ा हादसा टल गया। उन्होंने कहा कि इन लोगों की मदद से विमान को सुरक्षित तरीके से सऊदी अरब में उतारा जा सका। नेतन्याहू ने कहा कि अगर विमान को गिराने की कोशिश सफल हो जाती, तो यह 'एक और 9/11' जैसा हादसा हो सकता था। बता दें कि कैप्टन स्मित मच्छार की बहादुरी की तारीफ नेतन्याहू के अलावा ट्रंप ने भी की है।
क्या हुआ था फ्लाईदुबई की फ्लाइट में?
फ्लाईदुबई की फ्लाइट FZ1073 दुबई से तेल अवीव जा रही थी। उड़ान के दौरान कॉकपिट में मुख्य पायलट पर को-पायलट ने चाकू से हमला किया। रिपोर्ट के मुताबिक, यह हमला विमान को दुर्घटनाग्रस्त करने की कथित कोशिश का हिस्सा था। स्थिति बिगड़ने के बाद विमान को अपने तय गंतव्य तेल अवीव के बजाय सऊदी अरब में इमरजेंसी लैंडिंग करनी पड़ी। घटना के बाद सऊदी अरब और UAE के अधिकारी मामले की जांच में जुटे हैं।
अब जांच में किन सवालों के जवाब तलाशे जाएंगे?
जांच एजेंसियों के सामने कई अहम सवाल हैं। जैसे:
- सह-पायलट ने ऐसा कदम क्यों उठाया?
- क्या उसने पहले से इसका प्लान बनाया था?
- क्या उसे किसी व्यक्ति या संगठन से निर्देश मिले थे?
- क्या इस घटना का किसी आतंकवादी गतिविधि से संबंध है?
इसके अलावा ईरान से किसी संभावित कनेक्शन की भी जांच हो सकती है। फिलहाल इजरायल के प्रधानमंत्री ने साफ कहा है कि ईरान की भूमिका पर किसी निष्कर्ष तक पहुंचना अभी जल्दबाजी होगी।
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