अमेरिका और ईरान के बीच एक बार फिर से जंग शुरू हो गई है। अमेरिकी सेना ने तीन दिन में दूसरी बार ईरान में IRGC के कई ठिकानों पर हवाई हमला किया है। इसके जवाब में ईरान ने भी अमेरिकी ठिकानों पर बैलिस्टिक मिसाइल से अटैक किया। ईरान के लोरेस्तान प्रांत से बैलिस्टिक मिसाइल लॉन्च होने का वीडियो भी सामने आया है। ईरानी मीडिया के मुताबिक जॉर्डन में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बनाते हुए अब तक सबसे बड़ा हमला किया गया जिसे जॉर्डन ने इंटरसेप्ट करने का दावा किया है।
ईरान में शादी समारोह पर भी हमला
जानकारी के अनुसार, अमेरिका ने ईरान के लोरेस्तान और केरमानशाह में हमला किया है। दक्षिणी ईरान के बंदर अब्बास, कशम द्वीप, जास्क और सीरिक में कई जोरदार धमाकों की आवाजें सुनी गईं। इसके अलावा, दक्षिण-पूर्वी चाबहार और कोनारक इलाकों में चार प्रोजेक्टाइल आ गिरे। दक्षिणी ईरान के सिरिक में शादी समारोह की जगह पर भी हमले का एक वीडियो सामने आया है। ईरान के अधिकारियों ने दावा किया कि उस हमले में 2 लोगों की मौत हो गई और दर्जनों लोग घायल हुए हैं। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हमलों के बाद ईरान को धमकी भी दी है कि वो जवाबी कार्रवाई करने की कोशिश न करें, वरना उसका अंजाम बहुत बुरा होगा।
डोनाल्ड ट्रंप क्या बोले?
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने 'ट्रुथ सोशल' पर पोस्ट किया, "इस समय अमेरिका, होर्मुज जलडमरूमध्य (Strait of Hormuz) के करीब ईरान के ठिकानों पर हमले कर रहा है। ये हमले काफी बड़े और जबरदस्त हैं। ये हमले ईरान की उन हरकतों का जवाब हैं जिनमें उन्होंने होर्मुज में समुद्री बारूदी सुरंगें (sea mines) बिछाने की नाकाम कोशिश की थी। वहां अब कोई सुरंग नहीं है-उन्हें पूरी तरह हटा दिया गया है या नष्ट कर दिया गया है। ईरान ने जॉर्डन में हमारे सैन्य अड्डे पर आठ मिसाइलें दागी थीं, जिन्हें सफलतापूर्वक गिरा दिया गया है। अगर नाकाम देश ईरान इस हमले का जवाब देता है, तो उस पर और भी जोरदार हमला किया जाएगा, लेकिन वह सबसे बड़ा हमला नहीं होगा; सबसे बड़ा हमला अभी बाकी है और जब वह होगा, तो इस्लामिक रिपब्लिक ऑफ़ ईरान का नामोनिशान लगभग मिट जाएगा।"
CENTCOM ने दी हमलों से जुड़ी जानकारी
ईरान पर हमले को लेकर अमेरिकी US सेंट्रल कमांड ने कहा- "सेंट्रल कमांड की सेना ने 1 सितंबर को ईरान के सैन्य ठिकानों पर सफलतापूर्वक कई हमले किए हैं। इसमें इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स के ठिकानों पर हमला किया गया। ईरान के एयर डिफेंस साइट्स, रडार सिस्टम, समुद्री संपत्तियां और सुविधाएं, माइन बिछाने की क्षमताएं और कम्युनिकेशन साइट्स को निशाना बनाया गया है। ये हमले IRGC की ओर से होर्मुज में कमर्शियल शिपिंग और अमेरिकी सैनिकों पर हाल ही में किए गए हमलों की कोशिशों के बाद किए गए हैं। इस वक्त मिडिल ईस्ट में 50 हजार से ज्यादा अमेरिकी सैनिक तैनात हैं और वे सतर्क, घातक और कमांडर-इन-चीफ के निर्देशों के अनुसार ऑपरेशन जारी रखने के लिए तैयार हैं।"
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