संयुक्त राष्ट्र के अभियान में भारत के शांति रक्षकों की संख्या सबसे अधिक है और मुखर्जी ने आतंकवाद से उन्हें खतरे का उल्लेख करते हुए कहा, "हम संयुक्त राष्ट्र के शांति रक्षकों पर आतंकवादी संगठन के इन हथियारों के इस्तेमाल को लेकर चिंता जाहिर करते हैं।"
इस दौरान एक अन्य वक्ताओं में छोटे हथियारों के प्रसार के खिलाफ लड़ने वाले कोटे डीवॉयर के नेता और हथियारों के खतरे का सामना कर चुके कारामोको दिकाइत ने कहा, "हम कई दिनों से आतंकित है, जानवरों की तरह हमारा शिकार हो रहा है, बिना भोजन, बिना पानी, बिना मदद के लगातार मौत के डर से हम जी रहे हैं।"
हथियारों की आपूर्ति की पहचान करते हुए उन्होंने कहा कि लीबिया में मुअम्मर गद्दाफी के पतन के बाद वहां से हथियार माली, निगर, नाइजेरिया, चाड और कैमरून में आतंकवादी संगठनों को फलने-फूलने के लिए भेजे जा रहे हैं।
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