नई दिल्ली: आज अमेरिका में राष्ट्रपति चुनाव के लिए वोटिंग जारी है। राष्ट्रपति पद के लिए डेमोक्रेटिक पार्टी की उम्मीदवार हिलेरी क्लिंटन और रिपब्लिकन उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप के बीच कांटे की टक्कर चल रही है। जनवरी महीने से ही चुनावी सरगर्मियां तेज हो गई थी। दुनिया के सबसे ताकतवर मुल्क अमेरिका में राष्ट्रपति चयन की प्रक्रिया भारत के मुकाबले थोड़ा अलग और खास है। अमेरिका एक ऐसा देश है जहां की उथल-पुथल पूरी दुनिया को प्रभावित करती है ऐसे में आपके लिए यह समझना जरूरी है कि आखिर अमेरिका में कोई व्यक्ति व्हाइट हाउस यानी राष्ट्रपति पद की कुर्सी तक कैसे पहुंचता है।
राष्ट्रपति चयन के लिए संविधान में है पूरी प्रक्रिया:
आपको बता दें कि अमेरिकी संविधान के अनुच्छेद-2 में राष्ट्रपति चुनाव की पूरी प्रक्रिया का जिक्र है। यहां पर इलेक्टोरल कॉलेज के जरिए राष्ट्रपति के चुनाव की व्यवस्था है। इस व्यवस्था का भी अपना एक अलग इतिहास है। अमेरिकी राष्ट्रपति चयन को लेकर यहां के संविधान निर्माता दो धड़ों में बंट गए थे। एक धड़ा चाहता था कि अमेरिकी संसद राष्ट्रपति को चुने जबकि दूसरा धड़ा इस मांग पर अड़ा था कि जनता की सीधी वोटिंग के जरिए राष्ट्रपति चुना जाए।
क्या है अमेरिका की राजनीतिक व्यवस्था:
भारत जैसे देश के मुकाबले अमेरिका में सिर्फ दो राजनीतिक पार्टियों की व्यवस्था है। एक पार्टी है डेमोक्रेटिक और दूसरी है रिपब्लिकन। पूरी राजनीतिक व्यवस्था इन्ही दोनों पार्टियों के इर्द-गिर्द घूमती है। अमेरिकी में हर चार साल में चुनाव होते हैं और एक व्यक्ति लगातार सिर्फ दो ही बार अमेरिका का राष्ट्रपति बन सकता है।
प्राइमरी के साथ शुरु होता है चुनावी संग्राम: (Step by Step)
पहला स्टेप:
अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव में प्राइमरी को सबसे अहम प्रक्रिया माना जाता है। प्राइमरी की प्रक्रिया जनवरी से जून तक चलती है। इस प्रक्रिया में पार्टी अपने उम्मीदवारों की सूची जारी करती है। इसके बाद अमेरिका के 50 राज्यों के वोटर्स पार्टी प्रतिनिधि (पार्टी डेलीगेट) चुनते हैं। हालांकि प्राइमरी स्तर पर पार्टी प्रतिनिधि चुनने के लिए अमेरिकी संविधान में कोई लिखित निर्देश नहीं है। इसलिए कुछ राज्यों में कॉकस के जरिए भी पार्टी प्रतिनिधि का चुनाव किया जाता है जिसमें स्थानीय स्तर पर बैठक कर पार्टी प्रतिनिधि का चुनाव किया जाता है।
दूसरा स्टेप: प्राइमरी में जिन लोगों का चयन किया जाता है वो पार्टी कन्वेंशन में हिस्सा लेते हैं। वहां पर यही चुने हुए प्रतिनिधि राष्ट्रपति पद के उम्मीदवार का चुनाव करते हैं। इस फेज में नामांकन की प्रक्रिया होती है। राष्ट्रपति पद का उम्मीदवार अपनी पार्टी की ओर से उपराष्ट्रपति का उम्मीदवार चुनता है।
अगली स्लाइड में पढ़िए अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव की प्रक्रिया का अगला स्टेप
Latest World News