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ट्रंप को मिला 100% टैरिफ वाला हथियार! US हाउस में बिल हुआ पास, भारत-चीन को हो सकती है मुश्किल

डोनाल्ड ट्रंप फिर से चीन और भारत समेत कई देशों पर टैरिफ लगा सकते हैं। ऐसा इसलिए क्योंकि अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में वो विधेयक बहुमत से पास हो गया है जो अमेरिका को रूस से तेल और नेचुरल गैस खरीदने वाले देशों पर 100% टैरिफ लगाने का हक देता है।

डोनाल्ड ट्रंप को रूस...- India TV Hindi
Image Source : AP (फाइल फोटो) डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल खरीदने वालों पर 100 प्रतिशत टैरिफ लगाने का हथियार मिल गया है।

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप एक बार फिर भारत पर टैरिफ बम फोड़ सकते हैं। अमेरिकी प्रतिनिधि सभा में वो बिल पास हो गया है जो राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप को रूस से तेल और गैस खरीदने वाले देशों पर भारी टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। इस बिल के पास होने के बाद अब राष्ट्रपति ट्रंप को रूस पर प्रतिबंध लगाने का अधिकार मिल गया है। इसके साथ ही रूस से तेल और गैस खरीदने वाले भारत और चीन जैसे देशों पर भारी टैरिफ लगाने का हक भी मिला है।

रूस से तेल खरीदने पर करना पड़ सकता 100% टैरिफ का सामना

यह कानून अमेरिका को उन देशों पर 100 प्रतिशत तक टैरिफ लगाने की इजाजत देता है जो रूस से तेल और गैस खरीदना जारी रखते हैं। US हाउस में हुई बहस में भारत और चीन को खास तौर पर उन बड़े खरीदारों के तौर पर पहचाना गया है जिन पर इस प्रावधान का असर पड़ सकता है।

हाउस में 262-159 के बहुमत के साथ पास हुआ बिल

पिछले महीने अगस्त में US सीनेट से पास हुए 'लिंडसे ओ. ग्राहम सैंक्शनिंग रशिया एंड ईरान एक्ट ऑफ 2026' को बुधवार शाम हाउस ने 262-159 वोटों से मंजूरी दे दी और अब यह कानून बनने के लिए ट्रंप के पास जाएगा।

15% से कम रूसी नेचुरल गैस आयात कम करने वालों को मिलेगी छूट

बता दें कि यह कानून रूसी अफसरों, वित्तीय संस्थानों और बैंकिंग अधिकारियों के विरुद्ध सजा के दायरे को बढ़ाता है। इसके अलावा, यह कानून अमेरिकी राष्ट्रपति को निर्देश देता है कि वे रूसी पेट्रोलियम के 5 मुख्य आयातकों पर 100 फीसदी तक टैरिफ लागू करें। हालांकि, इस कानून के तहत उन देशों को छूट दी गई है जो रूस के नेचुरल गैस एक्सपोर्ट का 15 फीसदी से कम इम्पोर्ट करते हैं और जिन्होंने ऐसी खरीद को कम करने के लिए ठोस कदम उठाए हैं।

रूस से सबसे ज्यादा तेल खरीदने वालों में चीन-भारत शामिल

चूंकि चीन और भारत, रूसी कच्चे तेल के सबसे बड़े खरीदारों में शामिल हैं, इसलिए सपोर्टर्स ने स्पष्ट तौर पर इन दोनों देशों को टैरिफ के नियमों का प्रमुख निशाना बताया है। हालांकि, यह बिल अपने आप किसी देश के प्रोडक्ट्स पर 100 फीसदी टैरिफ लागू नहीं करता है। इसके बजाय, डोनाल्ड ट्रंप इसे लागू करते हैं, तो यह एग्जीक्यूटिव ब्रांच को तय कानूनी शर्तों के तहत ऐसे टैरिफ लगाने का अधिकार देता है। इस बिल के जरिए चीन और भारत समेत कई देशों के प्रोडक्ट्स पर टैरिफ लग सकता है

(इनपुट- ANI)

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