अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान के साथ जारी युद्ध जल्द समाप्त होने का दावा किया है। शनिवार को केंटकी में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए ट्रंप ने कहा कि यह युद्ध 'बहुत जल्द' खत्म हो जाएगा। उन्होंने दावा किया कि संघर्ष समाप्त होने के बाद अमेरिका में गैस की कीमतें पहले के मुकाबले भी कम हो जाएंगी।
रैली के दौरान ट्रंप ने ईरान के परमाणु ठिकानों पर किए गए अमेरिकी सैन्य हमलों का जिक्र करते हुए उन्हें जरूरी कार्रवाई बताया। उन्होंने दावा किया कि इन हमलों से ईरान की परमाणु क्षमता को भारी नुकसान पहुंचा है। ट्रंप ने कहा कि ईरान को परमाणु हथियार हासिल करने से रोकना राष्ट्रीय सुरक्षा की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि ईरान के पास परमाणु हथियार नहीं होने चाहिए, क्योंकि उनके मुताबिक तेहरान उनका इस्तेमाल कर सकता है।
ईरान बोला- सभी मोर्चों पर संघर्ष खत्म होना जरूरी
इस बीच, ईरान के उप विदेश मंत्री सईद खतीबजादेह ने कहा कि क्षेत्र में स्थायी शांति के लिए सभी मोर्चों पर जारी संघर्ष समाप्त करना जरूरी है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी भी क्षेत्र में लड़ाई जारी रहती है, तो इससे व्यापक संघर्ष लंबा खिंच सकता है।
ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी आईआरएनए के अनुसार, खतीबजादेह ने लेबनान में इजरायल की सैन्य कार्रवाई समाप्त करने की जरूरत पर जोर दिया। उन्होंने दावा किया कि ईरान और अमेरिका के बीच जून के मध्य में हुए इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन में लेबनान का मुद्दा भी शामिल था।
खतीबजादेह बुधवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पहुंचे थे, जहां उन्होंने स्थानीय नेताओं के साथ बातचीत की। उन्होंने लेबनान की संसद के अध्यक्ष नबीह बेरी, प्रधानमंत्री नवाफ सलाम और विदेश मंत्रालय के प्रतिनिधियों से मुलाकात को सकारात्मक बताया।
अमेरिका और इजरायल पर समझौता तोड़ने का आरोप
ईरानी उप विदेश मंत्री ने अमेरिका और इजरायल पर इस्लामाबाद समझौता ज्ञापन का उल्लंघन करने का आरोप लगाया। उनका दावा है कि ईरान और लेबनान पर हमले करके दोनों देशों ने समझौते की भावना को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने कहा कि अमेरिका की ओर से युद्धविराम कराने और लेबनान में इजरायली सैन्य कार्रवाई रोकने के प्रयास ठोस नतीजे तक नहीं पहुंच सके हैं। खतीबजादेह ने कहा कि इजरायल पर भरोसा नहीं किया जा सकता और अमेरिका की जिम्मेदारी है कि वह अपने सहयोगी को सैन्य कार्रवाई रोकने के लिए राजी करे। उन्होंने ईरान के खिलाफ अमेरिकी युद्ध को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध बताते हुए दावा किया कि वॉशिंगटन ईरान की वायु रक्षा प्रणाली और जवाबी कार्रवाई करने की क्षमता को खत्म करने में सफल नहीं हुआ है।
परमाणु कार्यक्रम पर बातचीत के लिए तैयार होने का दावा
खतीबजादेह ने कहा कि ईरान ने गंभीर संघर्ष का सामना किया है और अपनी संप्रभुता एवं क्षेत्रीय अखंडता की रक्षा जारी रखेगा। उन्होंने यह भी कहा कि तेहरान अपने शांतिपूर्ण परमाणु कार्यक्रम को लेकर अंतरराष्ट्रीय परमाणु ऊर्जा एजेंसी (आईएईए) और अमेरिका के सवालों का जवाब देने के लिए तैयार है।
ईरानी अधिकारी ने दावा किया कि आईएईए की 15 से अधिक रिपोर्टों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम के अनुपालन की पुष्टि की गई है। उन्होंने यह भी कहा कि ईरान ने सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को फिर से खोलने का प्रस्ताव दिया था। खतीबजादेह के मुताबिक, ईरान युद्ध नहीं चाहता, लेकिन उस पर युद्ध थोपा गया तो वह उसका जवाब देगा।
(इनपुट- ANI)
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