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‘असली दर्द झेलना अभी बाकी, हमने तो बस शुरुआत की है’, डोनाल्ड ट्रंप की हूतियों और ईरान को चेतावनी

अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने यह धमकी 'ट्रुथ सोशल' पर दी है। ट्रंप ने कहा कि यमन के हूती विद्रोहियों पर हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक वे जहाजों के लिए खतरा बने रहेंगे। उन्होंने हूतियों और उनके ईरानी समर्थकों को चेतावनी दी कि उन्हें आने वाले समय में असली दर्द झेलना पड़ेगा।

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Image Source : PTI अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप

ईरान को भारी बमबारी की चेतावनी देने के बाद अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने सोमवार को यमन में हूती ठिकानों पर हमले जारी रखने और उन्हें तथा उनके ईरानी समर्थकों को तब तक “वास्तविक पीड़ा” पहुंचाने की कसम खाई, जब तक कि वे अमेरिकी जहाजों के प्रति सभी आक्रामकता बंद नहीं कर देते। उन्होंने कहा कि यमन के हूती विद्रोहियों पर हमले तब तक जारी रहेंगे, जब तक वे जहाजों के लिए खतरा बने रहेंगे। उन्होंने हूतियों और उनके ईरानी समर्थकों को चेतावनी दी कि उन्हें आने वाले समय में असली दर्द झेलना पड़ेगा। 

'ट्रुथ सोशल' पर दी धमकी

अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह धमकी 'ट्रुथ सोशल' पर दी है। उन्होंने दावा किया कि पिछले दो सप्ताह में अमेरिका द्वारा किए गए हमलों से विद्रोही समूह को बड़ी क्षति हुई है। ट्रंप ने कहा, "पिछले दो हफ़्तों में लगातार हमलों से ईरान समर्थित हूती आतंकवादियों का सफाया हो गया है। उनके कई लड़ाके और नेता अब हमारे साथ नहीं हैं। हम उन पर हर दिन और रात हमला करते हैं।

'अमेरिकी सेना हर दिन कर रही जोरदार हमले'

उन्होंने यह भी कहा, "जब तक वे हमारे नौवहन की स्वतंत्रता के लिए खतरा बने रहेंगे, तब तक हमले जारी रहेंगे। हूतियों के लिए विकल्प स्पष्ट है- अमेरिकी जहाजों पर गोलीबारी बंद करो और हम तुम पर गोलीबारी बंद कर देंगे। नहीं तो, हमने अभी तो बस शुरुआत की है। हूतियों और ईरान में उनके समर्थकों दोनों के लिए असली दर्द अभी आना बाकी है।"

यमन पर हमले की योजना कैसे हुई लीक?

उनका यह बयान ऐसे समय में आया है, जब उनकी सरकार यमन पर हमले को लेकर अमेरिकी अधिकारियों के बीच मैसेजिंग एप्प सिग्नल पर एक ग्रुप चैट में लीक होने को लेकर घिरी हुई है। इस ग्रुप चैट में एक अमेरिकी पत्रकार भी शामिल था। जिसे हमले की पहले ही जानकारी मिल गई थी। ट्रंप से जब भी सिग्नल पर चैट लीक कांड के बारे में पूछा जाता है तो वह बार-बार कहते हैं कि हूतियों पर किए गए अमेरिका के हमले सफल रहे हैं।  

अटलांटिक पत्रिका ने पिछले हफ्ते खुलासा किया था कि उसके संपादक को गलती से एक ग्रुप चैट में शामिल किया गया था, जिसमें अमेरिका के शीर्ष अधिकारी यमन पर हवाई हमलों के बारे में चर्चा कर रहे थे। इस ग्रुप में अमेरिका के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार माइक वाल्ट्ज और रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ भी शामिल थे, जिन्होंने हवाई हमलों के समय और खुफिया जानकारी का जिक्र किया। 

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