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UN में भारत ने टेररिज्म पर साधा निशाना, बिप्लब देब बोले- ‘अच्छा’ और ‘बुरा’ आतंकवाद नहीं होता

UN में भारत ने आतंकवाद पर कड़ा संदेश देते हुए कहा कि आतंकवाद का कोई ‘अच्छा’ या ‘बुरा’ रूप नहीं होता और आम नागरिकों को निशाना बनाने का कोई औचित्य नहीं है। बीजेपी सांसद बिप्लब कुमार देब ने पहलगाम आतंकी हमले का जिक्र करते हुए आतंकियों के साथ उनके आयोजकों, फंडिंग करने वालों को भी जवाबदेह ठहराने की मांग की।

biplab kumar deb- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV बीजेपी सांसद और भारत के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बिप्लब कुमार देब।

बीजेपी सांसद बिप्लब कुमार देब ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 81वें सत्र में भारत का राष्ट्रीय वक्तव्य रखा। उन्होंने पहलगाम हमले का जिक्र कर आतंकवादियों, साजिशकर्ताओं और फंडिंग करने वालों पर कार्रवाई की मांग की। UN में भारत ने आतंकवाद के खिलाफ अपनी सख्त स्थिति दोहराते हुए कहा है कि आतंकवाद किसी भी रूप में हो, वह अंतरराष्ट्रीय शांति, सुरक्षा, विकास और मानवाधिकारों के लिए गंभीर खतरा है। बीजेपी सांसद और भारत के संसदीय प्रतिनिधिमंडल के सदस्य बिप्लब कुमार देब ने अमेरिका के न्यूयॉर्क में UNGA के छठी समिति के सत्र में अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद को खत्म करने के उपायों पर भारत की ओर से राष्ट्रीय वक्तव्य रखा।

"अच्छे" या "बुरे" आतंकवाद के बीच कोई फर्क नहीं

बिप्लब ने अपने संबोधन में कहा कि आतंकवाद को किसी भी आधार पर सही नहीं ठहराया जा सकता। खास तौर पर आम नागरिकों को निशाना बनाने का कोई औचित्य नहीं है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आतंकवाद को ‘अच्छा’ और ‘बुरा’ बताकर अलग-अलग नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा, आम नागरिकों को निशाना बनाने का कोई भी कारण या औचित्य नहीं हो सकता और "अच्छे" या "बुरे" आतंकवाद के बीच कोई फर्क नहीं होता।

आतंकवाद के लिए नई तकनीकों के इस्तेमाल पर चिंता

भारत ने आतंकवादी संगठनों द्वारा उभरती तकनीकों के बढ़ते इस्तेमाल को लेकर भी चिंता जताई। बिप्लब देब ने कहा कि इन तकनीकों का इस्तेमाल लोगों को भर्ती करने, कट्टरपंथी बनाने, प्रोपेगैंडा फैलाने, ऑपरेशन की योजना बनाने और आतंकवाद के लिए फंड जुटाने में किया जा रहा है। ऐसे में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आतंकवाद से निपटने के लिए तकनीकी और कानूनी सहयोग को मजबूत करने की जरूरत है।

CCIT को जल्द पूरा करने की मांग

भारत ने एक बार फिर कॉम्प्रिहेंसिव कन्वेंशन ऑन इंटरनेशनल टेररिज्म (CCIT) को जल्द से जल्द पूरा करने की मांग उठाई। भारत का कहना है कि इससे आतंकवाद के खिलाफ अंतरराष्ट्रीय कानूनी ढांचे को और मजबूत किया जा सकेगा। भारत लंबे समय से इस व्यापक अंतरराष्ट्रीय समझौते को आगे बढ़ाने की वकालत करता रहा है।

पहलगाम हमले का किया जिक्र

अपने वक्तव्य में बिप्लब देब ने सीमा-पार आतंकवाद से होने वाले भारी मानवीय नुकसान का जिक्र किया, जिसमें अप्रैल 2025 का पहलगाम आतंकी हमला भी शामिल है।  उन्होंने कहा कि आतंकवादी हमलों के लिए जिम्मेदार लोगों के साथ-साथ उनके आयोजकों, फंडिंग करने वालों और प्रायोजकों को भी जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। बता दें कि अप्रैल 2026 में हुए पहलगाम आतंकी हमले में 26 नागरिकों की मौत हुई थी।

भारत ने गिनाईं आतंकवाद के खिलाफ 6 प्राथमिकताएं

बीजेपी सांसद ने आतंकवाद से निपटने के लिए भारती की 5 प्रमुख प्राथमिकताओं को भी सामने रखा। इनमें-

  • आतंकवादी फंडिंग पर रोक लगाना।
  • उभरती तकनीकों के दुरुपयोग को रोकना।
  • आतंकवाद के पीड़ितों को केंद्र में रखना।
  • राष्ट्रीय स्तर पर क्षमता निर्माण को मजबूत करना।
  • आतंकवादी विचारधारा और उसके बुनियादी ढांचे का मुकाबला करना शामिल है।

भारत ने बहुपक्षीय स्तर पर आतंकवाद के खिलाफ कार्रवाई मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराते हुए कहा कि वह अपने लोगों को सीमा पार आतंकवाद से बचाने के अधिकार को भी बनाए रखता है। साथ ही भारत ने अंतरराष्ट्रीय समुदाय से आतंकवाद के खिलाफ अधिक प्रभावी प्रतिक्रिया की अपील की।

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