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चीन के लिए जासूसी का आरोप? भारतीय मूल के एशले टेलिस अमेरिका में गिरफ्तार; खुफिया दस्तावेज बरामद

अमेरिका में भारतीय मूल के शख्स एशले टेलिस को गोपनीय दस्तावेज रखने और चीन से संबंध रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। टेलिस ​पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के विशेष सहायक रह चुके हैं।

FBI Arrested Indian Origin Ashley Tellis - India TV Hindi
Image Source : AP/CARNEGIEENDOWMENT.ORG FBI Arrested Indian Origin Ashley Tellis

Indian Origin Ashley Tellis Arrested: अमेरिका में भारतीय मूल के प्रमुख राष्ट्रीय सुरक्षा विशेषज्ञ और दक्षिण एशिया नीति सलाहकार एशले टेलिस को चीन के साथ कथित संबंधों और गोपनीय सरकारी दस्तावेजों को रखने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। फेडरल ब्यूरो ऑफ इन्वेस्टिगेशन (FBI) ने शनिवार को वर्जीनिया के वियना स्थित टेलिस के आवास पर छापा मारा, जहां से 1,000 से अधिक पन्नों के गोपनीय दस्तावेज बरामद हुए। टेलिस पर गोपनीय राष्ट्रीय रक्षा दस्तावेजों को अवैध रूप से अपने पास रखने और चीनी सरकारी अधिकारियों से कई बार मुलाकात करने का मामला दर्ज किया गया है। यह जानकारी एफबीआई द्वारा दायर एक हलफनामे और आपराधिक शिकायत से सामने आई है।

टॉप सीक्रेट दस्तावेज बरामद

भारत में जन्मे 64 वर्षीय टेलिस अमेरिकी नागरिक हैं। टेलिस को 13 अक्टूबर को वर्जीनिया डिस्ट्रिक्ट कोर्ट में औपचारिक रूप से आरोपी बनाया गया। आरोपों के अनुसार, उन्होंने राष्ट्रीय कानून का उल्लंघन करते हुए राष्ट्रीय रक्षा से संबंधित गोपनीय जानकारी अपने पास रखी। एफबीआई के छापे के दौरान टॉप सीक्रेट से जुड़े दस्तावेज बरामद टेलिस ऑफिस में बंद फाइलिंग कैबिनेट्स, एक डेस्क और तीन बड़े काले कचरे के बैगों में रखे मिले।

वीडियो में क्या दिखा? 

एफबीआई के अनुसार, 25 सितंबर को टेलिस को स्टेट डिपार्टमेंट के हैरी एस ट्रूमैन बिल्डिंग में क्लासिफाइड कंप्यूटर सिस्टम से सैकड़ों दस्तावेज प्रिंट करते हुए वीडियो निगरानी में देखा गया। उन्होंने 'यूएस एयर फोर्स टैक्टिक्स' से जुड़ी 1288 पन्नों की फाइल को 'इकॉन रिफॉर्म' नाम से सेव किया और फिर सिलेक्ट किए हुए पेज प्रिंट करने के बाद फाइल को डिलीट कर दिया। 

Image Source : apFederal Bureau of Investigation

गोपनीय दस्तावेजों की चोरी और छिपाने के आरोप 

10 अक्टूबर को एक अन्य सुरक्षा कैमरे में टेलिस को मार्क सेंटर (अलेक्जांद्रिया, वर्जीनिया) की एक सुरक्षित फैसिलिटी से टॉप सीक्रेट दस्तावेजों को नोटपैड में छिपाकर अपने लेदर ब्रीफकेस में रखते हुए देखा गया। इसके बाद वो उस फैसिलिटी से बाहर निकल गए। 

चीनी अधिकारियों से मिलते थे टेलिस

एफबीआई के हलफनामे में बताया गया कि सितंबर 2022 से सितंबर 2025 के बीच टेलिस ने वर्जीनिया में कई बार चीनी सरकारी अधिकारियों से मुलाकात की। 15 सितंबर 2022 को हुई मुलाकात में टेलिस एक लिफाफा लेकर रेस्तरां में पहुंचे थे, जो उनके बाहर निकलते समय उनके पास नहीं था। सितंबर 2025 की एक बैठक में चीनी अधिकारियों ने टेलिस को लाल रंग का गिफ्ट बैग भी दिया था। 

टेलिस के बारे में जानें

एशले टेलिस का जन्म भारत के मुंबई में हुआ था और उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, मुंबई विश्वविद्यालय से ग्रेजुएट और पोस्ट ग्रेजुएट की डिग्रियां हासिल की हैं। टेलिस ने यूनिवर्सिटी ऑफ शिकागो से राजनीतिक विज्ञान में पीएचडी की है। वो 2001 से अमेरिकी विदेश विभाग के सलाहकार रहे हैं और अमेरिका-भारत असैन्य परमाणु समझौते के प्रमुख वार्ताकारों में शामिल थे। वर्तमान में वो डिपार्टमेंट ऑफ डिफेंस के ऑफिस ऑफ नेट असेसमेंट में काम कर रहे हैं और कार्नेगी एंडॉमेंट फॉर इंटरनेशनल पीस में सीनियर फेलो हैं। टेलिस पूर्व राष्ट्रपति जॉर्ज डब्ल्यू बुश के विशेष सहायक और नेशनल सिक्योरिटी काउंसिल में रणनीतिक योजना, दक्षिण-पश्चिम एशिया मामलों के वरिष्ठ निदेशक भी रह चुके हैं।

टेलिस की गिरफ्तारी पर भारत में भी सियासी बयानबाजी

एशले टेलिस की गिरफ्तारी पर भारतीय राजनीति भी गरमा गई है। उद्धव ठाकरे की शिवसेना की राज्यसभा सांसद प्रियंका चतुर्वेदी ने एक्स पर कहा, 'न तो भारतीय विशेषज्ञ, न दक्षिण एशिया का। बस जो ऊंची बोली लगाए उसका कहा करने वाला। कोई इतना कैसे गिर सकता है!' लेखक-इकोनॉमिस्ट संजीव सान्याल ने टिप्पणी की, 'FBI जो भी पाए, हमें साफ होना चाहिए कि वह 'स्कॉलर' नहीं, बल्कि डीप स्टेट एसेट था।' बीजेपी आईटी सेल के प्रमुख अमित मालवीय ने भी इस बारे में ट्वीट करते हुए कहा कि यह बताता है कि क्यों एशले टेलिस भारत के विपक्ष का इतना प्रिय था। उन्होंने कहा कि वह भारत के खिलाफ अक्सर कड़वा बोलता था। मालवीय ने कहा कि भारत के खिलाफ काम करने वाले इस तरह बेनकाब होंगे यह शायद ही किसी ने सोचा होगा।

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