1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. क्या सच में ईरान के ‘जेलीफिश ड्रोन स्वार्म’ ने गिराया था अमेरिकी F-15E? उसी के पायलट ने किया बड़ा दावा

क्या सच में ईरान के ‘जेलीफिश ड्रोन स्वार्म’ ने गिराया था अमेरिकी F-15E? उसी के पायलट ने किया बड़ा दावा

‘जेलीफिश ड्रोन स्वार्म’ को लेकर सोशल मीडिया पर चर्चा तब तेज हो गई, जब अमेरिकी फाइटर जेट F-15E के पायलट ने दावा किया कि उसने आसमान में ड्रोन्स को झुंड में देखा था। जानें ये पूरा मामला क्या है।

अमेरिकी लड़ाकू विमान...- India TV Hindi
Image Source : INDIA TV अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15E के पायलट के दावे को लेकर हलचल मची हुई है।

अमेरिका और ईरान के बीच जंग के दौरान बीते 3 अप्रैल को अमेरिकी लड़ाकू विमान F-15E को गिराए जाने को लेकर एक नया दावा सामने आया है। अमेरिकी मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, दुर्घटनाग्रस्त फाइटर जेट F-15E के पायलट ने दावा किया है कि उसने हवा में 'जेलीफिश जैसे' स्ट्रक्चर में उड़ रहे ड्रोन्स का झुंड देखा था। अगर पायलट का यह दावा सच है, तो यह मॉडर्न वॉरफेयर में एक बड़ा बदलाव हो सकता है।

अमेरिका ने स्पेशल ऑपरेशन चलाकर बचाया था पायलट

बता दें कि 3 अप्रैल को ईरान के आसमान में अमेरिकी F-15E फाइटर जेट मार गिराया गया था। यह पहली बार हुआ था कि जब ईरान से संघर्ष के दौरान किसी अमेरिकी फाइटर जेट को निशाना बनाया गया था। इसके बाद अमेरिका के कमांडोज ने एक स्पेशल ऑपरेशन चलाकर पायलट और वेपन्स सिस्टम ऑफिसर यानी WSO को सुरक्षित बाहर निकाला गया था। हालांकि, ट्रंप सरकार की तरफ से अभी तक F-15E फाइटर जेट के गिरने के असली कारण का आधिकारिक खुलासा नहीं किया गया है।

पायलट ने आसमान में देखा था ड्रोन्स का झुंड

प्रारंभिक रिपोर्ट्स में माना जा रहा था कि F-15E फाइटर जेट को ईरान के ‘माजिद’ इन्फ्रारेड एयर डिफेंस सिस्टम या मिसाइलों से मार गिराया गया होगा। लेकिन अब F-15E फाइटर जेट के पायलट के दावे ने नई तरह की बहस छेड़ दी है। CNN में छपी एक रिपोर्ट के मुताबिक, पायलट ने कहा कि उसने कई ड्रोन्स को आपस में आसमान में जुड़े हुए देखा, जिनके नीचे छोटे ड्रोन थे। उसे यह सीन किसी 'एलियन तकनीक' की तरह लगा था।

जेलीफिश ड्रोन स्वार्म क्या है?

माना जा रहा है कि यह तथाकथित रूप से 'जेलीफिश ड्रोन स्वार्म' टेक्नोलॉजी हो सकती है, जिसमें एक बड़े मदरशिप ड्रोन की तरफ से कई छोटे ड्रोन्स को कंट्रोल किया जाता है। सभी ड्रोन्स ‘मेश नेटवर्किंग’ टैक्नोलॉजी के माध्यम से एक-दूसरे से जुड़े रहते हैं और एक यूनिट के जैसे काम करते हैं। यह पूरा स्ट्रक्चर दूर से देखने पर जेलीफिश जैसा नजर आता है।

कोऑर्डिनेटेड अटैक में माहिर है जेलीफिश ड्रोन स्वार्म

ऐसा ड्रोन सिस्टम पारंपरिक रडार और एयर डिफेंस सिस्टम के लिए बड़ा चैलेंज बन सकता है। यह कम ऊंचाई पर उड़ते हुए बड़े एरिया पर नजर रख सकता है और जरूरत पड़ने पर कोऑर्डिनेटेड अटैक भी कर सकता है। अगर ईरान ने सच में ऐसी कोई क्षमता डेवलप कर ली है, तो यह ड्रोन्स भविष्य में जंग के तरीके को बदलने वाला बड़ा स्टेप साबित हो सकता है। हालांकि, अमेरिकी खुफिया एजेंसियां की तरफ से अभी F-15E फाइटर जेट के पायलट के दावे की पुष्टि करने में सतर्कता बरती जा रही है, क्योंकि दुर्घटना के दौरान वह गंभीर तौर पर घायल भी हुआ था।

ये भी पढ़ें- "वे गलत हैं और गलत ही हैं", शांति वार्ता के बीच डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को क्यों दे डाली सख्त चेतावनी?

Latest World News