1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. ईरान के साथ डील से ठीक पहले बेरूत पर इजरायल का हमला, भड़के ट्रंप बोले- ये नहीं होना चाहिए था

ईरान के साथ डील से ठीक पहले बेरूत पर इजरायल का हमला, भड़के ट्रंप बोले- ये नहीं होना चाहिए था

इजरायल ने लेबनान की राजधानी बेरूत पर बम गिराए। इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने कहा कि ये हमला नहीं होना चाहिए था।

Donald Trump- India TV Hindi
Image Source : PTI डोनाल्ड ट्रंप

इजरायल ने रविवार को लेबनान की राजधानी बेरूत पर बम बरसाए। ये हमला ऐसे वक्त में हुआ जब अमेरिका और ईरान के बीच शांति समझौता बहुत करीब है। इसे लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि ये हमला नहीं होना चाहिए था। 

ट्रुथ सोशल पर डोनाल्ड ट्रंप ने पोस्ट किया, "बेरूत पर आज सुबह हुआ हमला नहीं होना चाहिए था, खासकर ऐसे खास दिन पर जब हम ईरान के साथ शांति समझौते के बहुत करीब हैं... हम एक ऐसे समझौते के बहुत करीब हैं, जो लेबनान समेत पूरे इलाके में शांति लाएगा, और सभी पक्षों को पीछे हट जाना चाहिए।"

ईरान ने कहा- अमेरिका पर भरोसा नहीं

इस हमले के बाद ईरान के बड़े नेता और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघर गालिबाफ ने अमेरिका पर गुस्सा जाहिर किया है। उन्होंने कहा कि इजरायल के इस हमले से साबित होता है कि अमेरिका या तो युद्ध रुकवाना नहीं चाहता, या फिर इजरायल पर उसका कोई कंट्रोल नहीं है। उन्होंने साफ कहा कि अगर अमेरिका अपने वादों को पूरा नहीं कर सकता, तो आगे बात करना मुश्किल है।

क्यों हुआ यह हमला?

लेबनान के अधिकारियों के मुताबिक, बेरूत के दहिया इलाके में हुए इस इजरायली हमले में 3 लोगों की मौत हो गई है। इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि उन्होंने यह हमला अपनी रक्षा में किया है,  हिजबुल्लाह ने उत्तरी इजरायल पर रॉकेट दागे थे।

इससे पहले, ट्रंप ने कहा कि ईरान के साथ युद्ध समाप्त करने संबंधी समझौते पर रविवार हस्ताक्षर होने वाले हैं और इसके तुरंत बाद सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण होर्मुज जलडमरूमध्य सभी के लिए खोल दिया जाएगा। ट्रंप की यह टिप्पणी शनिवार को उस समय आई जब पाकिस्तान ने संकेत दिया कि अमेरिका और ईरान के बीच वार्ता अंतिम चरण में पहुंच चुकी है और समझौते पर इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से हस्ताक्षर का कार्यक्रम रविवार को प्रस्तावित है।

साथ ही, ट्रंप ने चेतावनी भी दी कि यदि समझौता अपेक्षा के अनुरूप नहीं हुआ तो अन्य विकल्प भी मौजूद हैं। उन्होंने कहा, "हम ईरान और पूरे पश्चिम एशिया के साथ लंबे समय तक काम करने की उम्मीद करते हैं। आशा है कि यह प्रक्रिया जल्दी, आसान और सुचारु रूप से पूरी होगी। यदि ऐसा नहीं होता है, तो हमारे पास अंतिम विकल्प भी है, जिसे इस्तेमाल करने की नौबत कभी न आए।"

ये भी पढ़ें-

ब्राजील के आसमान में आपस में टकराए 2 हेलिकॉप्टर, 6 लोगों की हुई मौत

अरब सागर के पास डूबा भारत का MSV Virat 1, 14 क्रू मेंबर्स को बचाने के लिए रेस्क्यू तेज; अभी तक 11 को बचाया गया

Latest World News