वॉशिंगटन: अमेरिका में भारतीय समुदाय को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी करने की साजिश को याद करते हुए अमेरिकी सांसद राजा कृष्णमूर्ति भावुक हो गए। उन्होंने बताया कि इलिनॉय के औरोरा स्थित हिंदू मंदिर में जब हमले की कोशिश हुई, तब उनका परिवार भी वहां मौजूद था। कृष्णमूर्ति ने कहा कि उन्हें नहीं पता कि हमलावर की बंदूक कैसे जाम हुई और उनका परिवार समेत दूसरे लोग कैसे बच निकले। उन्होंने इस घटना को नफरत के खिलाफ आवाज उठाने के अपने जीवन के उद्देश्य से भी जोड़ा।
‘मुझे नहीं पता बंदूक कैसे जाम हुई और हम कैसे बच निकले’
राजा कृष्णमूर्ति ने घटना को याद करते हुए कहा,
'मुझे नहीं पता कि हमलावर की बंदूक कैसे जाम हो गई। मुझे नहीं पता कि मेरा परिवार और दूसरे लोग कैसे बच निकले। मुझे यह भी नहीं पता कि मैं वहां कैसे मौजूद था। लेकिन मेरा मानना है कि इसके पीछे एक उद्देश्य था, ताकि मैं यहां आकर नफरत के खिलाफ बोल सकूं। अब यह मेरे जीवन के प्रमुख उद्देश्यों में से एक बन गया है।'
19 साल के युवक पर हमले की साजिश रचने का आरोप
इस मामले में 19 वर्षीय अलेक्जेंड्रोस पापोराकिस को गिरफ्तार किया गया है। उस पर आतंकवादी धमकी देने और अवैध रूप से हथियार रखने के आरोप लगाए गए हैं। आरोप है कि उसने शिकागो के पास औरोरा स्थित श्री वेंकटेश्वर स्वामी (बालाजी) मंदिर को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की योजना बनाई थी। इस मंदिर में बड़ी संख्या में भारतीय मूल के लोग पूजा-अर्चना करने आते हैं। हालांकि जब उसने गोलीबारी की कोशिश की तो उसकी बंदूक जाम हो गई। मामले में आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई जारी है।
Image Source : APऔरोरा स्थित इसी हिंदू मंदिर में नरसंहार की साजिश रची गई थी।
‘नफरत के खिलाफ हम सबको एकजुट होना होगा’
इससे पहले राजा कृष्णमूर्ति ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट के जरिए घटना पर चिंता जताई थी। उन्होंने लिखा,
'रविवार को मैं और मेरा परिवार औरोरा स्थित अपने हिंदू मंदिर में पूजा कर रहे थे, तभी एक श्वेत वर्चस्ववादी ने भारतीय अमेरिकियों को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी करने की कोशिश की। मैं उन लोगों का आभारी हूं, जिन्होंने इस त्रासदी को रोकने में मदद की। लेकिन हमें उस नफरत का मुकाबला करने के लिए एकजुट होना होगा, जिसने इतने निर्दोष लोगों की जान खतरे में डाल दी।'
‘हिंसा की धमकियों को नजरअंदाज नहीं कर सकते’
कृष्णमूर्ति ने इस कथित साजिश को बेहद परेशान करने वाला बताया। उन्होंने कहा कि औरोरा के हिंदू मंदिर में भारतीय अमेरिकियों को निशाना बनाकर सामूहिक गोलीबारी की कोशिश किए जाने से वह स्तब्ध हैं। उन्होंने बताया कि घटना के समय उनका परिवार भी मंदिर में मौजूद था। यह हमला पिछले रविवार को करने की कोशिश की गई थी। सांसद ने आरोपी के सहकर्मियों का भी धन्यवाद किया, जिन्होंने कानून प्रवर्तन एजेंसियों को इसकी जानकारी दी। उन्होंने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई करने वाले अधिकारियों की भी सराहना की। उन्होंने चेतावनी दी कि नफरत से प्रेरित हिंसा की धमकियों को नजरअंदाज नहीं किया जाना चाहिए।
अमेरिकी सांसदों ने FBI और न्याय विभाग से कार्रवाई की मांग की
शुक्रवार को अमेरिकी इंडिया कॉकस के सह-अध्यक्ष रो खन्ना और रिच मैककॉर्मिक ने भी सामूहिक गोलीबारी की कथित साजिश की निंदा की। दोनों सांसदों ने अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) और संघीय जांच ब्यूरो (FBI) से मामले में कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि हिंदू अमेरिकियों और भारतीय अमेरिकियों के खिलाफ बढ़ती धमकियों और नफरत को गंभीरता से लेने की जरूरत है। दोनों सांसदों ने मांग की कि मामले की संभावित संघीय घृणा अपराध के तौर पर जांच की जाए और सबूतों के आधार पर सभी जरूरी आरोप लगाए जाएं।
भारत ने जताई चिंता, भारतीयों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील
अमेरिका में हिंदू मंदिर पर हमले की कोशिश के मामले पर भारत ने भी गहरी चिंता जताई है। विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने मीडिया ब्रीफिंग में कहा,
'यह स्पष्ट रूप से हमारे लिए गहरी चिंता का विषय है। साथ ही, यह घटना अमेरिका में भारतीय समुदाय के खिलाफ नफरत से जुड़े अपराधों और नस्लीय भेदभाव के बढ़ते मामलों को भी उजागर करती है।'
जायसवाल ने कहा कि घटना के बाद अमेरिकी कानून प्रवर्तन एजेंसियों की ओर से की गई कार्रवाई पर भारत ने ध्यान दिया है। उन्होंने अमेरिका से अपील की कि वह अपने देश में रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करे। (ANI से इनपुट्स के साथ)
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