A
  1. Hindi News
  2. विदेश
  3. अमेरिका
  4. गाजा पर ट्रंप के कब्जे की योजना से सहयोगी देश भी हैरान, मिस्र ने बुलाया आपातकालीन अरब शिखर सम्मेलन

गाजा पर ट्रंप के कब्जे की योजना से सहयोगी देश भी हैरान, मिस्र ने बुलाया आपातकालीन अरब शिखर सम्मेलन

गाजा पर अमेरिका के कब्जे की मंशा जाहिर होने के बाद मिस्र ने आपातकालीन अरब शिखर सम्मेलन का आह्वान किया है। इस सम्मेलन में सभी देश ट्रंप की गाजा पर कब्जे की योजना का विरोध कर सकते हैं।

डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति। - India TV Hindi
Image Source : AP डोनाल्ड ट्रंप, अमेरिका के राष्ट्रपति।

काहिरा: इजरायल-हमास के बीच गाजा में चल रहे युद्ध विराम के दौरान डोनाल्ड ट्रंप ने अपने एक ऐलान से सबको चौंका दिया है। ट्रंप ने गाजा पर कब्जा करने की इच्छा जाहिर कर दी है। इससे अमेरिका के सहोयोगी देशों समेत फिलिस्तीन के समर्थक भी नाराज हो गए हैं। ट्रंप के ऐसे इरादे को जानने के बाद फिलिस्तीन के पड़ोसी देश मिस्र ने गाजा पर आपातकालीन अरब शिखर सम्मेलन बुला लिया है। इसमें सब देश मिलकर ट्रंप की गाजा पर कब्जे की योजना का विरोध कर सकते हैं।

बता दें कि मिस्र ने रविवार को घोषणा की कि वह 27 फरवरी को एक आपातकालीन अरब शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप द्वारा गाजा पट्टी से फिलस्तीनियों को कहीं और बसाने के प्रस्ताव के बाद “नए और खतरनाक घटनाक्रम” पर चर्चा की जाएगी। पिछले सप्ताह इजरायल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू के साथ व्हाइट हाउस में हुई बैठक में ट्रंप द्वारा दिए गए सुझाव से मिस्र, जॉर्डन और सऊदी अरब सहित अरब जगत नाराज हो गया, जो वाशिंगटन के प्रमुख सहयोगी हैं।

मिस्र ने ट्रंप के आह्वान को किया खारिज

मिस्र के राष्ट्रपति अब्देल फतह अल-सिसी और जॉर्डन के राजा अब्दुल्ला द्वितीय दोनों ने गाजा में 18 लाख फिलस्तीनियों को कहीं और बसाने और अमेरिका द्वारा उस क्षेत्र का स्वामित्व लेने के ट्रंप के आह्वान को खारिज कर दिया, लेकिन ट्रंप का दावा है कि वे अंततः इसे स्वीकार कर लेंगे। मिस्र के विदेश मंत्रालय की ओर से जारी एक बयान में कहा गया है कि वह हाल के दिनों में अरब देशों में उच्चतम स्तर पर हुई वार्ता के बाद काहिरा में अरब लीग शिखर सम्मेलन की मेजबानी करेगा, जिसमें “फिलस्तीन राज्य भी शामिल है, जिसने फिलस्तीनी मुद्दे के लिए नए और खतरनाक घटनाक्रमों पर चर्चा करने के लिए शिखर सम्मेलन आयोजित करने का अनुरोध किया था।” (भाषा)

यह भी पढ़ें

Russia-Ukraine War: PM मोदी से मिलने के बाद ही रूस से यूक्रेन युद्ध पर वार्ता करेंगे ट्रंप, जानें क्या है वजह
 

फ्रांस, अमेरिका के साथ और मजबूत होगी भारत की रणनीतिक साझेदारी, पेरिस यात्रा से पहले पीएम मोदी का ऐलान

Latest World News