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‘जाना तो सबको है, मैं भी कल रहूं या न रहूं…’, मौत से 4 दिन पहले नाना पाटेकर का आखिरी भाषण; VIDEO

नाना पाटेकर का गोवा टूरिज्म के कार्यक्रम में दिए गए आखरी भाषण का वीडियो वायरल हो रहा है। इसमें वह बता रहे हैं कि एक दिन मरना तो सबको है लेकिन जीवन कैसे जीना है, इंसान को ये सोचना चाहिए। उनका संदेश था कि इंसान को सिर्फ अपने लिए नहीं, बल्कि अपने आसपास और समाज के लिए भी कुछ करने की कोशिश करनी चाहिए।

nana patekar- India TV Hindi
Image Source : REPORTER INPUT नाना पाटेकर

मशहूर अभिनेता नाना पाटेकर का जाना सिनेमा जगत के लिए गहरा सदमा है। आज सुबह साढ़े पांच बजे नाना इस दुनिया को अलविदा कहकर चले गए। इस बीच गोवा टूरिज्म के एक कार्यक्रम में दिया गया उनका भाषण चर्चा में है। 4 अक्टूबर को गोवा के कार्यक्रम में नाना ने गोवा के पूर्व सीएम और अपने करीबी दोस्त रहे मनोहर पर्रिकर को याद करते हुए जीवन को लेकर अपनी सोच साझा की। नाना पाटेकर ने कहा कि जिंदगी का अंत सभी का होना है, जाना तो सभी को है लेकिन उससे पहले इंसान को यह जरूर सोचना चाहिए कि उसे जीवन कैसे जीना है।

नाना पाटेकर ने गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत का जिक्र करते हुए मनोहर पर्रिकर को अपना दोस्त बताया। उन्होंने कहा, “मनोहर पर्रिकर मेरे दोस्त थे। ऐसे दोस्त पर गर्व होना चाहिए। पर्रिकर मेरे से उम्र में छोटे थे लेकिन उनका व्यक्तित्व और बड़प्पन ऐसा था कि उनकी तरफ हमेशा सम्मान से देखना पड़ता था।

'हमारा सौभाग्य है कि ऐसा इंसान यहां पैदा हुआ'

नाना पाटेकर ने मनोहर पर्रिकर की तारीफ करते हुए कहा कि यह गोवा और देश का सौभाग्य था कि यहां ऐसा इंसान पैदा हुआ, जिसने कुछ करने का सपना देखा और उसे पूरा करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कम उम्र में मनोहर पर्रिकर ने बहुत कुछ किया और फिर दुनिया से चले गए। नाना पाटेकर ने उनके काम करने के जुनून को याद करते हुए कहा कि उनके भीतर कुछ करने का जज्बा था।

'जाना तो सबको है...'

अपने भाषण के दौरान नाना पाटेकर ने जिंदगी और मौत को लेकर भी बात की। उन्होंने कहा कि किसी को नहीं पता कि वह अगले दिन मौजूद रहेगा या नहीं। उन्होंने कहा, “जाना तो सबको है। मैं भी कल रहूं या न रहूं, कुछ पता नहीं। हर किसी की जिंदगी में वो वक्त आएगा ही। नाना ने बताया कि वह 77 साल के हो चुके हैं और उनका 78वां साल शुरू होने वाला है। लेकिन उम्र के इस पड़ाव पर भी उनके लिए सबसे जरूरी सवाल यही है कि इंसान ने अपनी जिंदगी में क्या करने की कोशिश की।

'सिर्फ अपने तक सीमित रहकर जीना है तो वैसे ही जियो और मरो'

नाना ने कहा कि हर व्यक्ति को खुद से यह सवाल करना चाहिए कि उसे जिंदगी में जो करना था, क्या वह कर पा रहा है और क्या उसने उसके लिए कोशिश की। अगर जिंदगी सिर्फ अपने बच्चों, पत्नी और घर तक सीमित रह जाए, तो फिर जीवन का दायरा भी उतना ही सीमित रह जाता है।

नाना 'सिदादे डी गोवा, डोना पाउला' में गेस्ट ऑफ ऑनर के तौर पर बोल रहे थे, जहां माननीय मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी मुख्य अतिथि के तौर पर बुलाया गया था। एक और वीडियो में नाना कलाकारों के साथ तबला बजाते और उन्हें प्रोत्साहित करते नजर आ रहे हैं।

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