सर्दियों के मौसम में यूरिक एसिड से पीड़ित लोगों की समस्या ज़्यादा बढ़ जाती है, जिससे जोड़ो का दर्द भी असहनीय हो जाता है। दरअसल, हमारी बॉडी में यूरिक एसिड तब बढ़ने लगता है जब हम प्यूरिन से भरपूर फूड्स का ज़्यादा सेवन करते हैं। किडनी हमारी बॉडी में यूरिक एसिड को फिल्टर करके पेशाब के ज़रिए शरीर से बाहर करती है। लेकिन जब भोजन में प्यूरिन की मात्रा ज़्यादा होने लगती है और किडनी इसे ठीक से फिल्टर नहीं कर पाती तो यह धीरे-धीरे यह क्रिस्टल के रूप में जमा होने लगता है। जिस वजह से शरीर के जोड़ों में दर्द होने लगता है। ऐसे में अपनी बॉडी से यूरिक एसिड को कंट्रोल करने के लिए आप अपनी डाइट में बदलाव करें साथ ही इसे कंट्रोल करने के लिए पुदीना का इस्तेमाल करना शुरू करें। दरअसल, पुदीना शरीर में यूरिक एसिड को कंट्रोल करने में बेहद मददगार है।
बॉडी करता है डिटॉक्सीफाई
पुदीने आपकी बॉडी से दूषित और विषाक्त पदार्थों को तेजी से बाहर निकालता है। यूरिक एसिड बढ़ने पर बॉडी में प्रोटीन का वेस्ट तत्व भी बढ़ने लगता है और यह पथरी के रूप में जमा हो जाता है। ऐसे में अगर आप हर दिन पुदीने की कुछ पत्तियां चबाते हैं तो यह आपकी बॉडी से दूषित तत्वों को डिटॉक्स करने में मदद करेगा।
पेशाब की मात्रा बढ़ाता है
पुदीना के सेवन से आपको ज़्यादा पेशाब लगेगी। पेशाब ज़्यादा होने से प्यूरिन के बाहर निकलने की संभावना कई गुना ज़्यादा बढ़ जाती है। साथ ही पुदीना प्रोटीन को ठीक प्रकार से पचाने में मदद करता है।
गाउट के दर्द में असरदार
शरीर में यूरिक एसिड बढ़ने पर गाउट की समस्या भी बढ़ जाती है। पुदीने में मौजूद एंटी इंफ्लेमेटरी गुण तेजी से गाउट को कम करने की कोशिश करते हैं। साथ ही अगर आप सिरदर्द की समस्या से परेशान हैं तो उसमें भी आपको राहत मिलती है
ऐसे करें पुदीने का सेवन
पुदीने के 8-10 ताजी पत्तियां लें और उन्हें धोएं। पत्तों को मिक्सर में डालकर एक गिलास पानी मिलाएं और ब्लेंड करें। अब जो पेस्ट तैयार है उसे एक पैन में डालकर एक गिलास पानी मिलाएं। अब इसे धीमी आंच में पकाते हुए उबालें। जब यह पेस्ट आधा रह जाए तो गैस बंद कर दें। अब इसे छान लें और ठंडा होने दें। अब इस काढ़े को दिन में एक से दो बार पिएं।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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