Small Intestine Diseases: आंतों से जुड़ी बीमारियां आजकल तेजी से फैल रही है। खासकर कि खराब डाइट और लाइफस्टाइल की वजह से आंतों की स्थिति बेहद खराब हो रही है। समय के साथ आंतों में अल्सर, सूजन और नजाने क्या -क्या बीमारियां हो सकती हैं। इससे न सिर्फ आपके डाइजेस्टिव एंजइम्स पर असर होता है बल्कि ये आपके बॉवेल मूवमेंट को भी प्रभावित करता है। ऐसी ही कुछ आंतों की बीमारियां हैं जो आजकल तेजी से हमारे आस-पास अपना पैर पसार रही हैं। आइए, जानते हैं इन बीमारियों के बारे में विस्तार से। साथ ही जानेंगे इनके लक्षणों के बारे में।
आंतों में कौन कौन सी बीमारी होती है -Small intestine diseases and disorders in hindi
1. इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम-Irritable Bowel Syndrome
इरिटेबल बॉवेल सिंड्रोम (IBS) एक गंभीर बीमारी है जो आंतों को प्रभावित कर सकती है। इसमें आपके आंतों में सूजन आ जाती है जो कि कई लक्षणों के साथ खराब हो सकते हैं। इसमें आंतों में फफोले हो सकते हैं और आपको लंबे समय में परेशान कर सकते हैं। इनके लक्षणों में शामिल है
-कब्ज या दस्त
-पेट में दर्द
-गैस और सूजन
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2. अल्सरेटिव कोलाइटिस-Ulcerative colitis
अल्सरेटिव कोलाइटिस के कारण बड़ी आंत कोलन और मलाशय में सूजन और घाव हो जाते हैं। सामान्य भाषा में समझें तो इसमें आंतों में अल्सर हो जाते हैं। अल्सरेटिव कोलाइटिस एक पुराना सूजन आंत्र रोग (आईबीडी) है जिसमें इम्यून सिस्टम की असामान्य प्रतिक्रियाएं आपकी बड़ी आंत की आंतरिक परत पर सूजन और अल्सर का कारण बनती हैं। अल्सरेटिव कोलाइटिस किसी भी उम्र में विकसित हो सकता है, लेकिन 15 से 30 वर्ष की उम्र के लोगों में इस बीमारी के विकसित होने की संभावना अधिक होती है।
3. सीलिएक रोग-Celiac disease
सीलिएक रोग एक ऑटोइम्यून बीमारी है जिसमें आपका इम्यून सिस्टम गलती से आपके ही शरीर पर हमला कर देती है। सीलिएक रोग छोटी आंत को प्रभावित करता है। छोटी आंत की परत विली से ढकी होती है, जो छोटी उंगलियों की तरह होती है। विली भोजन से पोषक तत्वों को अवशोषित करते हैं। जब सीलिएक रोग से पीड़ित व्यक्ति ग्लूटेन खाता है, तो व्हाइट ब्लड सेल्स विली पर हमला करती हैं, जो बाद में नष्ट हो जाती हैं। इससे छोटी आंत भोजन से विटामिन और खनिजों को अवशोषित नहीं कर पाती है। इससे कमजोरी होती है और आप गंभीर बीमारियों के शिकार हो सकते हैं। इसके लक्षणों में
- उल्टी
-दस्त या कब्ज
-गैस और सूजन
-पेट में दर्द
-एनीमिया हो सकता है।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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