हाई कोलेस्ट्रॉल और लिवर डैमेज: कोलेस्ट्रोल की जब भी बात आती है हमारा दिमाग सिर्फ हाई बीपी और हार्ट अैटक के बारे में सोचने लगता है। जबकि, ऐसा नहीं है कि कोलेस्ट्रॉल सिर्फ आपकी धमनियों को ही प्रभावित करता है बल्कि, ये शरीर के तमाम अंगो के कामकाज को भी प्रभावित करने लगता है। दरअसल, कोलेस्ट्रॉल बढ़ने का मतलब है कि शरीर में बैड फैट की मात्रा बढ़ गई है जिस वजह से ये बैड फैट लिपिड्स के रूप में जमा होने लगे हैं। इससे लिवर पर गहरा (High cholesterol may damage your liver) असर पड़ता है जिससे फैटी लिवर जैसी गंभीर बीमारी भी हो सकती है।
लिवर में सूजन का कारण बनता है हाई कोलेस्ट्रॉल
दरअसल, लिवर ही है जो कि कोलेस्ट्रॉल पचाता है और इसे गुड फैट (Good fat) और बैड फैट (bad fat) के रूप में अलग-अलग करके शरीर के बाकी अंगों तक भेजता है। गुड कोलेस्ट्रॉल अगर होता है तो शरीर इसे विटामिन डी बनाने और स्किन की टोनिंग जैसी चीजों के लिए इस्तेमाल कर लेती है। लेकिन, जब बैड कोलेस्ट्रॉल ज्यादा होता है तो लिवर को इसे पचाने में ज्यादा मेहनत करनी पड़ती है जिस वजह से लिवर में सूजन की समस्या होने लगती है। इसके अलावा जब इसकी मात्रा ज्यादा हो जाती है तो ये लिवर सेल्स को डैमेज करने लगती है। इससे लिवर की बीमारी का खतरा बढ़ता है।
Image Source : socialHigh cholesterol and liver damage
हाई कोलेस्ट्रॉल के कारण हो सकता है Nonalcoholic fatty liver disease
नॉन अल्कोहलिक फैटी लिवर डिजीज (Nonalcoholic fatty liver disease) का खतरा हाई कोलेस्ट्रॉल की वजह से सबसे ज्यादा होता है। ये डिस्लिपिडेमिया (dyslipidemia) यानी कि कोलेस्ट्रॉल के असामान्य स्तर और खून में लिपिड्स के बढ़ने से जुड़ा हुआ है। एनएएफएलडी लिपोडिस्ट्रोफी को भी ट्रिगर कर सकता है जिसमें कि शरीर में फैट वितरण में अनियमितता आ जाती है। यही आगे चलकर सिरोसिस और हेपैटोसेलुलर कार्सिनोमा का कारण बन सकता है।
कैसे करें बचाव?
-नियमित एरोबिक एक्सरसाइज करें
-नॉन फैटी फूड्स का सेवन करें
-ज्यादा फाइबर खाएं
-कम कार्बोहाइड्रेट वाली चीजों को खाएं
इन सबके अलावा अपनी डाइट में फाइबर और रफेज से भरपूर चीजों को शामिल करें ताकि ये फैट को बढ़ने से तो रोके ही बल्कि, इन्हें तेजी से पचाने में भी मदद करे। तो, इन तमाम बातों का ख्याल रखें और कोलेस्ट्रॉल बढ़ने न दें।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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