HPV vaccine for cervical cancer: भारत में सर्वाइकल कैंसर महिलाओं में दूसरा सबसे बड़ा कैंसर है। ये कैंसर गर्भाशय ग्रीवा में होता है और इसकी वजह है ह्यूमन पेपिलोमा वायरस (Human Papillomavirus)। ये वायरस गर्भाशय ग्रीवा और अन्य कैंसर का कारण बन सकता है, जिसमें लिंग (Penile cancer), गुदा का कैंसर (Anal cancer) और ऑरोफरीन्जियल कैंसर (Oropharynx cancer) भी शामिल है। ऑरोफरीन्जियल कैंसर, गले के पिछले हिस्से में होने वाला कैंसर है जिसे ऑरोफरीन्जियल (Oropharynx ) कहा जाता है। ऐसे में इन तमाम कैंसर का खतरा सिर्फ एक वैक्सीन से कम हो सकता है, जिसे लेकर हमने Dr. Ravi Mehrotra, Former Director, National Institute of Cancer Prevention & Research से बात की।
HPV वैक्सीन है क्या?
ह्यूमन पेपिलोमा वायरस वैक्सीन (Human papillomavirus vaccines) ऐसे टीके हैं जो कुछ प्रकार के ह्यूमन पेपिलोमा वायरस द्वारा संक्रमण को रोकते हैं। उपलब्ध एचपीवी टीके दो, चार या नौ प्रकार के एचपीवी से रक्षा करते हैं। सभी एचपीवी टीके कम से कम एचपीवी प्रकार 16 और 18 से रक्षा करते हैं, जो सर्वाइकल कैंसर का सबसे बड़ा खतरा पैदा करते हैं।
HPV वैक्सीन से कम हो सकता है 4 कैंसर का खतरा
Dr. Ravi Mehrotra बताते हैं कि ह्यूमन पेपिलोमा वायरस इंफेक्शन की वजह से सर्वाइकल कैंसर ही नहीं बल्कि लिंग (Penile cancer), गुदा का कैंसर (Anal cancer) और ऑरोफरीन्जियल कैंसर (Oropharynx cancer) भी होता है। ऐसे में अगर आप इस एक टीके को लगावा लेते हैं तो इन 4 कैंसर के खतरों को कम कर सकते हैं। आइए जानते हैं ये कितना प्रभावी है।
स्कॉटलैंड में इसका टीका लगवाने के बाद नहीं आए 1 भी मामले
पब्लिक हेल्थ स्कॉटलैंड द्वारा स्ट्रैथक्लाइड और एडिनबर्ग विश्वविद्यालयों के सहयोग से प्रकाशित एक अध्ययन में पाया गया कि एचपीवी वैक्सीन (HPV vaccine) गर्भाशय ग्रीवा यानी सर्वाइक के कैंसर के विकास को रोकने में अत्यधिक प्रभावी रही। दरअसल, 2008 में स्कॉटलैंट में ये वैक्सीन 9 से 14 साल की उम्र की लड़कियों को लगाई गई थी। अब ये 25 से 30 साल की उम्र की हो गई हैं और इनकी स्क्रीनिंग की गई। इस तरह इस रिसर्च में सामने आया है कि अभी तक जितनी भी लड़कियों को ये वैक्सीन लगा है उनमें इसके एक भी मामले देखने को नहीं मिले हैं। ये पहली रिपोर्ट है जिसमें इस तरह का व्यापक शोध हुआ है और 100% पॉजिटिव रिजल्ट्स आए हैं।
Image Source : social cervical cancer
HPV वैक्सीन प्राइस इन इंडिया
डॉ. रवि मेहरोत्रा बताते हैं कि 2016 में कैंसर डे पर सर्वाइकल कैंसर के लिए HPV टीकाकरण की शुरुआत की गई थी। सर्वाइकल कैंसर को रोकने के लिए भारत की पहली स्वदेशी रूप से विकसित वैक्सीन, CERVAVAC है जिसकी कीमत संभवतः 200-400 रुपये है और ये सभी प्राइवेट अस्पताल में उपलब्ध है। SII द्वारा विकसित CERVAVAC भारत के ड्रग कंट्रोलर जनरल द्वारा अनुमोदित किया गया था। वहीं, विदेशी वैक्सीन 2000 से 4000 रुपये तक है।
स्क्रीनिंग भी है जरूरी
अंत में डॉ. रवि मेहरोत्रा बताते हैं कि इस वैक्सीन को लेना हर किसी के लिए जरूरी है। ये आपको इस जानलेवा बीमारी से बचा सकती है। पर इसके साथ समय-समय पर स्क्रीनिंग भी जरूरी है। क्योंकि यह कैंसर के सभी मामलों को नहीं रोक सकता है, इसलिए नियमित जांच जारी रखनी होगी। साथ ही सरकार को जल्द से जल्द भारत में टीकाकरण कार्यक्रम में HPV वैक्सीन को शामिल करना चाहिए ताकि हम सर्वाइकल कैंसर को एक दुर्लभ बीमारी बना सकें।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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