हाई यूरिक एसिड में सत्तू: अगर आप ज्यादा प्रोटीन से भरपूर चीजों को खाते हैं तो आपको यूरिक एसिड से जुड़ी समस्या हो सकती है। दरअसल, जब आप ज्यादा प्रोटीन खाते हैं या फिर शरीर इसे पूरी तरह से पचा नहीं पाता है तो, इससे निकलने वाला वेस्ट प्रोडक्ट प्यूरिन शरीर में जमा हो जाता है और फिर ये ऑक्सलेट पत्थर बनाने लगता है। जब ये बहुत ज्यादा हो जाता है तो हड्डियों में पथरी के रूप में जमा होने लगता है और फिर गाउट (Gout) नामक स्थिति का रूप ले लेता है। ऐसे में प्यूरिन को शरीर से बाहर निकालने वाले ड्रिंक्स का सेवन इस स्थिति में फायदेमंद हो सकता है। ऐसा ही एक ड्रिंक है सत्तू, लेकिन सवाल ये है कि प्रोटीन से भरपूर ये ड्रिंक यूरिक एसिड की समस्या (Sattu for high uric acid in hindi ) में कैसे फायदेमंद है। जानते हैं।
यूरिक एसिड में सत्तू पी सकते हैं-Is sattu good for high uric acid in hindi?
सत्तू वैसे तो प्रोटीन से भरपूर भी है लेकिन ये यूरिक एसिड बढ़ाने का काम नहीं करता। दरअसल, सत्तू में सभी जरूरी अमीनो एसिड होते हैं। बस दो को छोड़कर जैसे मेथिओनिन (Methionine) और सिस्टीन (Cystine) जो कि सल्फर युक्त अमीनो एसिड हैं और यूरिक एसिड को बढ़ाते हैं। इसके अलावा आप ये कर सकते हैं कि चना की जगह जौ का सत्तू पिएं जो कि हाई फाइबर से भरपूर है और यूरिक एसिड को बढ़ने से रोकता है।
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यूरिक एसिड में सत्तू कब और कैसे पिएं?
आपको यूरिक एसिड की समस्या है तो एक सत्तू ड्रिंक तैयार करें जिसमें नींबू का रस, काला नमक और जीरा पाउडर को शामिल करें। इन सबको एस साथ मिला लें और फिर रोजाना खाली पेट इनका सेवन करें। ये ड्रिंक आपके मेटाबोलिज्म को तेज करती है और फिर प्रोटीन पचाने में मदद करती है।
यूरिक एसिड में सत्तू पीने के फायदे-Sattu benefits in high uric acid
यूरिक एसिड में सत्तू पीने के कई फायदे हैं। पहले तो, ये ड्यूरेटिक है जो कि यूरिक एसिड को पेशाब के जरिए फ्लश ऑउट करने में मददगार है। दूसरा, ये पाचन तंत्र के काम काज को तेज करता है जिससे मेटाबोलिज्म सही रहता है और प्रोटीन से निकलने वाला वेस्ट प्रोडक्ट मल के साथ शरीर से बाहर निकल आता है और कहीं जमा नहीं होता।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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