कोरोनावायरस का असर अभी कम हुआ था कि एक नई बीमारी ने दस्तक दे दी है। कोरोनावायरस की तरह नोरोवायरस ने तहलका मचा कर रखा हुआ है। भारत के साउथ इंडिया में खासकर केरला में इस बीमारी के कई केस आए दिन आ रहे हैं। वह के शासन-प्रशासन के सामने यह एक बड़ी चुनौती बनकर खड़ी हो गई है। तिरुवनंतपुरम के विझिंजम में लोअर प्राइमरी स्कूल के दो छात्र नोरोवायरस पॉजिटिव पाए गए हैं। इस वायरस के इन मामलों के सामने आने के बाद से ही हड़कंप मचा हुआ है। तो चलिए जानते हैं आखिर क्या है नोरोवायरस, इसके लक्षण, कारण और इससे बचान के तरीके-
बच्चे हो रहे ज़्यादातर इसके शिकार
जानकारी के मुताबिक, डायरिया और उल्टी की शिकायत के बाद अस्पताल में 42 छात्रों को भर्ती किया गया था, जब उनके सैंपल की जांच की गई तो दो छात्रों की रिपोर्ट नोरोवायरस पॉजिटिव आई। बच्चों के साथ-साथ उनके माता-पिता में भी नोरावायरस के लक्षण देखे गए हैं। यह बीमारी बच्चों में ज्यादा फैल रही है।
ये हैं इस बीमारी के लक्षण
यह बीमारी जैसे ही किसी इंसान के शरीर में प्रवेश करती है वैसे ही उसके पेट और आंत पर गंभीर असर करती है। इससे संक्रमित मरीज को सबसे पहले ग्रेस्टोएंट्रिटीज की दिक्कत शुरू होती है। राज्य के स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि नोरोवायरस दूषित खाने और पानी से फैलता है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि नोरोवायरस आमतौर पर दो दिनों तक रहता है, लेकिन इसका अधिक प्रभाव नहीं होता है। स्वास्थ्य अधिकारियों ने कहा कि नोरोवायरस से पीड़ित व्यक्ति में डिहाइड्रेशन की शिकायत हो सकती है। संक्रमण से ठीक होने के बाद एक हफ्ते तक शरीर कमजोर रहता है।
बचाव के उपाय
नोरोवारस गंदा पानी और खराब खाना की वजह से फैलता है। नेशनल सेंटर फॉर डिजीज कंट्रोल एंड प्रिवेंशन ने कहा कि नोरोवायरस के संक्रमण से बचना है तो बचाव के लिए रेगुलर हाथ को साबुन से धोना चाहिए। साथ ही फलों और सब्जियों का इस्तेमाल करने से पहले गर्म पानी में अच्छी तरह से धोना चाहिए।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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