Diabetes Day 2023: डायबिटीज की बीमारी से आजकल हर दूसरा व्यक्ति प्रभावित है। ये असल में ये एक स्वीट प्वाइजन की तरह है जो धीमे-धीमे आपके शरीर को पूरी तरह से प्रभावित करती है। इसकी वजह से होता ये है कि बढ़ा हुआ ब्लड शुगर शरीर के दूसरे अंगों को प्रभावित करने लगता है जिससे कई बीमारियों का खतरा बढ़ जाता है। कैसे, इसी बारे में हमने डॉ. हृदीश नारायण चक्रवर्ती, कंसलटेंट डायबिटोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, एन एच, आर.एन टैगोर हॉस्पिटल, कोलकाता एवं नारायणा हॉस्पिटल, हावड़ा से बात की। इसके अलावा कुछ अन्य स्थितियों को समझने के लिए हमने डॉ. विनीत बांगा, एसोसिएट डायरेक्टर-न्यूरोलॉजी, बीलके मैक्स सुपरस्पेसिलिटी हॉस्पिटल से बात की।
शुगर से कौन कौन सी बीमारी हो सकती है-What diseases are caused by blood sugar in hindi
डॉ. हृदीश नारायण चक्रवर्ती, कंसलटेंट डायबिटोलॉजी, एंडोक्रिनोलॉजी, एन एच, आर.एन टैगोर हॉस्पिटल, कोलकाता एवं नारायणा हॉस्पिटल, हावड़ा ने बताया कि शुगर की समस्या एक तरह की मेटाबॉलिक डिसऑर्डर है, जिसमें शरीर के ब्लड में शुगर की मात्रा का लेवल काफी बढ़ जाता है जिससे शरीर में जटिलताएं आ जाती हैं। हाई शुगर की स्थिति में हृदय संबंधित समस्याएं जैसे धमनियों का संकुचित होना, दिल का दौरा और स्ट्रोक आदि हो सकती हैं। इसके अलावा आंख की रेटिना की रक्त वाहिकाओं पर भी असर पड़ता है जिससे धुंधली दृष्टि या अंधापन की समस्या हो सकती है। शुगर किडनी को भी प्रभावित करती है साथ ही कई तरह के मस्तिष्क विकारों का कारण भी बन सकती है और कभी-कभी अल्जाइमर होने की संभावनाएं भी रहती हैं।
1. हाई बीपी
डॉ. विनीत बांगा, एसोसिएट डायरेक्टर-न्यूरोलॉजी, बीलके मैक्स सुपरस्पेसिलिटी हॉस्पिटल से बताते हैं कि शुगर होने वाले व्यक्तियों में सबसे पहले धमनियां सकड़ी हो जाती हैं। वहीं, शुगर के कारण खून भी गाढ़ा होने लगता है जिससे दिल को ब्लड पंप करने में मुश्किल होती है और प्रेशर महसूस होता है। ऐसे में हाई बीपी की समस्या हो जाती है।
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2. हाई कोलेस्ट्रोल
हाई कोलेस्ट्रोल के मरीजों में डायबिटीज की बीमारी का खतरा बहुत ज्यादा होता है। दरअसल, शुगर मेटाबोलिक डिसऑर्डर है जिसकी वजह से पाचन क्रिया प्रभावित रहता है। साथ ही फैट मेटाबोलिज्म भी प्रभावित रहता है और ये हाई कोलेस्ट्रोल का कारण बनता है।
3. स्ट्रोक
जब आपका खून गाढ़ा होगा और धमनियां सकड़ी होंगी तो ब्लड सर्कुलेशन प्रभावित होंगा। इसकी वजह से बीपी बढ़ेगा और इससे स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है। इसलिए आपको इन बीमारियों से बचने के लिए अपने शुगर को कंट्रोल करना चाहिए।
इसलिए जरूरी है कि पर्याप्त सब्जियों, फल तथा अधिक फाइबर वाली चीजों का सेवन करें, नियमित रूप से योग-व्यायाम करें, अच्छी नींद ले, धूम्रपान कैफीन और शराब को नियंत्रित करें। शुगर के शुरुआती लक्षण जैसे अधिक पेशाब लगना, बार-बार प्यास लगना, वजन कम होना, थकावट, चक्कर आना, धुंधली दृष्टि आदि को बिल्कुल भी नजरअंदाज ना करें और तुरंत अपने नजदीकी डॉक्टर से सलाह लें।
(ये आर्टिकल सामान्य जानकारी के लिए है, किसी भी उपाय को अपनाने से पहले डॉक्टर से परामर्श अवश्य लें)
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