जब पुराना से पुराना रोग न छोड़े आपका साथ तब अपनाएं मड बाथ, स्वामी रामदेव से जानिए तरीका और स्वास्थ्य लाभ
स्वामी रामदेव के अनुसार मिट्टी में कई रोगों का इलाज छिपा है। जानिए इस्तेमाल करने का सही तरीका और लाभ।
स्वास्थ्य संबंधी कई समस्याओं का इलाज मिट्टी में छिपा है। इसे मड थेरेपी कहा जाता है। इससे कई स्किन संबंधी समस्याओं के साथ-साथ कई बीमारियों से भी निजात मिल जाता है। यह एक बहुत महत्वपूर्ण नेचुरोपैथी है। जानिए इसके बारे में स्वामी रामदेव से।
मड बाथ के फायदे
- हार्ट डिजीज के लिए फायदेमंद।
- पुरानी से पुरानी स्किन संबंधी समस्याओं को करें दूर।
- अर्थराइटिस की बीमारी।
- कब्ज की पुरानी बीमारी से दिलाएं निजात।
- एसिडिटी की समस्या को करें खत्म।
- कोलाइटिस, बीपी सममस्या से निजात दिलाएं।
- शुगर को कंट्रोल करने के लिए कारगर उपाय।
- पिंपल से मुक्ति दिलाएं।
- त्वचा को निखार लाएं।
- चेहरे को डिटॉक्स करने में करें मदद।
- आंतो की गर्मी को कम करने में करें मदद।
कैसी होनी चाहिए मिट्टी
स्वामी रामदेव से बताया कि हम चिकनी मिट्टी का इस्तेमाल करते हैं। यह मिट्टी हजारों साल से खड़े एक पेड़ के नीचे की है। जहां कभी भी किसी केमिकल का इस्तेमाल नहीं किया गया हैं।
मड बाथ के साथ करें ये प्राणायाम
स्वामी रामदेव के अनुसार मड बाथ लेने के बाद प्राणायाम करना जरूरी है। इससे आपका पूरा शरीर हेल्दी रहने के साथ-साथ कई बीमारियां कोसों दूर रही हैं। इसके साथ ही शरीर की इंद्रियां, चित्त, आत्मा सहित पूरे शरीर की शुद्धि हो जाती है। इसलिए प्राणायाम में आप 5 मिनट भस्त्रिका, 10 मिनट कपालभाति, सूर्य नमस्कार आदि करें।
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मड बाथ की विधि
स्वामी रामदेव के अनुसार पहले पूरे शरीर में अच्छी तरह से मिट्टी का लेप लगाया जाता है। अगर आपके शरीर में दर्द हैं तो पीड़ांतक तेल मिट्टी में डाल लें। इसे अच्छी तरह से लगाकर प्राणायाम करें। मिट्टी का आप आधा घंटा लगा कर रख सकते हैं। प्राणायाम करने के बाद साफ पानी से नहा लें। इसके बाद स्टीम बाथ लें। स्टीम बाथ के बाद मसाज कराएं। इससे हर तरह के रोगों से सौ प्रतिशत लाभ मिलता है।
भारत से प्रेरणा लेकर पेरिस में बना था पहला मड पुल
स्वामी रामदेव के अनुसार विदेश में पहली बार मड पुल की स्थापना विश्व की जानी मानी कॉस्मेटोलॉजिस्ट हैं एनी क्लारा ने पेरिस से 20 किलोमीटर दूर में एक गांव में किया था। एनी क्लारा को इसे बनाने की प्रेरणा भारत से मिली थी। दरअसल एक बार वह मध्यप्रदेश के दौरे में थीं जहां रास्ते में उन्होंने कई महिलाओं को मिट्टी लगाते हुए देखा। जैसे ही वह महिलाएं साफ पानी से नहाकर बाहर आई तो एनी क्लारा उनकी खूबसूरती देखकर आर्श्चयचकित हो गई। जिसके बाद उन्हें पता चला कि मिट्टी में दिव्य गुण पाए जाते हैं जो इस प्रकार से सौंदर्य को निखारते हैं। इसके बाद एनी क्लारा ने पूरे 1 साल तक भारत में रहकर उन महिलाओं से इस थेरेपी के बारे में पूरी ट्रेनिंग ली। जिसके बाद उन्होंने पेरिस में इस मड पुल का निर्माण क्या था।
