1. Hindi News
  2. हेल्थ
  3. डायबिटीज से डरने की नहीं, संभलने की है ज़रूरत, रोजान की ये आदतें हाई ब्लड शुगर को तेजी से करेंगी बैलेंस

डायबिटीज से डरने की नहीं, संभलने की है ज़रूरत, रोजान की ये आदतें हाई ब्लड शुगर को तेजी से करेंगी बैलेंस

डायबिटीज कोई अचानक होने वाली बीमारी नहीं, बल्कि सालों की असंतुलित जीवनशैली का परिणाम है। एक्सपर्ट्स के अनुसार, अगर हम रोजमर्रा की आदतों में ये पाँच बदलाव शामिल कर लें तो डायबिटीज को बहुत हद तक रोका जा सकता है।

शुगर को कैसे कंट्रोल करें- India TV Hindi
Image Source : FREEPIK शुगर को कैसे कंट्रोल करें

भारत को आज “डायबिटीज की राजधानी” कहा जाने लगा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार, देश में हर 10 में से लगभग 1 वयस्क डायबिटीज से प्रभावित है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह बीमारी केवल दवा से नहीं, बल्कि जीवनशैली में बदलाव से रोकी जा सकती है। स्वस्थ खानपान, पर्याप्त नींद और नियमित शारीरिक गतिविधि जैसे छोटे कदम डायबिटीज के खतरे को काफी हद तक कम कर सकते हैं। चलिए एक्सपर्ट्स से जानते हैं डायबिटीज को कंट्रोल करने के लिए आपको कौन सी हेल्दी आदतें अपनानी चाहिए

डायबिटीज कंट्रोल करने के लिए इन आदतों को अपनाएं

संतुलित आहार

संतुलित आहार, डायबिटीज से बचने और कंट्रोल करने का सबसे पहला कदम है। आकाश हेल्थकेयर में सीनियर सलाहकार- एंडोक्रिनोलॉजी, डॉ. मोनिका शर्मा, कहती हैं,“संतुलित आहार में फाइबर, प्रोटीन और हेल्दी फैट शामिल होना चाहिए। रिफाइंड कार्बोहाइड्रेट, मीठे पेय और तले हुए भोजन से दूरी बनाना जरूरी है। थाली में दाल, सब्जी, साबुत अनाज, सलाद और दही को शामिल करना चाहिए। वहीं, चाय-कॉफी में शुगर की मात्रा घटाना और जूस की बजाय फल खाना बेहतर विकल्प है।

शरीर को हर दिन सक्रिय रखें

शारीरिक निष्क्रियता डायबिटीज के सबसे बड़े कारणों में से एक है। हर दिन कम से कम 30 मिनट तेज़ चलना, साइकिल या योग करना ब्लड शुगर को नियंत्रित रखने में मदद करता है। फिटनेस एक्सपर्ट अर्चना वर्मा कहती हैं, “अगर आपका काम बैठने वाला है, तो हर घंटे 5 मिनट खड़े होकर चलना या स्ट्रेच करना बेहद फायदेमंद है। छोटी-छोटी गतिविधियाँ भी शरीर के मेटाबॉलिज़्म को सक्रिय रखती हैं।

पर्याप्त नींद लेनी चाहिए

नींद की कमी से इंसुलिन की कार्यक्षमता घट जाती है और ब्लड शुगर लेवल बढ़ने लगता है। विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि हर वयस्क को कम से कम 7-8 घंटे की नींद लेनी चाहिए। डॉ. रितु अरोड़ा, डायबिटीज विशेषज्ञ बताती हैं, “नींद न सिर्फ शरीर को आराम देती है बल्कि हार्मोनल संतुलन भी बनाए रखती है। देर रात तक मोबाइल या लैपटॉप का उपयोग नींद की गुणवत्ता खराब कर देता है।

स्क्रीन टाइम कम करें:

टीवी, मोबाइल और कंप्यूटर पर ज्यादा समय बिताना न केवल शारीरिक गतिविधि घटाता है, बल्कि मानसिक तनाव भी बढ़ाता है। डॉ. मोनिका शर्मा कहती हैं, कोशिश करें कि हर 30-40 मिनट में उठकर थोड़ा टहलें या आंखों को आराम दें। सप्ताह में कुछ घंटे ‘डिजिटल डिटॉक्स’ के लिए रखें — जहां न फोन हो, न लैपटॉप। इससे मानसिक सुकून और शारीरिक सक्रियता दोनों बनी रहती हैं।

परिवार और सामाजिक वातावरण में बदलाव:

डायबिटीज की रोकथाम केवल व्यक्ति नहीं, पूरे परिवार की जिम्मेदारी है। अगर घर में सभी लोग मिलकर हेल्दी भोजन और सक्रिय जीवनशैली अपनाएं, तो यह आदत लंबे समय तक टिकती है। डॉ कहते हैं, “जब परिवार मिलकर मॉर्निंग वॉक पर जाता है या घर में मीठा सीमित किया जाता है, तो बच्चे भी वही आदत अपनाते हैं। यही असली रोकथाम है।”

डिस्क्लेमर: इस आर्टिकल में सुझाए गए टिप्स केवल आम जानकारी के लिए हैं। सेहत से जुड़े किसी भी तरह का फिटनेस प्रोग्राम शुरू करने अथवा अपनी डाइट में किसी भी तरह का बदलाव करने या किसी भी बीमारी से संबंधित कोई भी उपाय करने से पहले अपने डॉक्टर से सलाह जरूर लें। इंडिया टीवी किसी भी प्रकार के दावे की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता है।

Latest Health News